'बूंग' ने बाफ्टा में रचा इतिहास, पीएम मोदी और सीएम ममता ने दी बधाई

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'बूंग' ने बाफ्टा में रचा इतिहास, पीएम मोदी और सीएम ममता ने दी बधाई

सारांश

फिल्म 'बूंग' ने 2026 बाफ्टा अवॉर्ड्स में बेस्ट चिल्ड्रन एंड फैमिली फिल्म का खिताब जीतकर भारतीय सिनेमा का मान बढ़ाया। प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री ममता ने इस उपलब्धि पर खुशी जताई। जानिए इस फिल्म की कहानी और इसके पुरस्कारों के बारे में।

Key Takeaways

  • 'बूंग' ने 2026 में बाफ्टा अवॉर्ड्स में पहली बार बेस्ट चिल्ड्रन एंड फैमिली फिल्म का खिताब जीता।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम ममता बनर्जी ने फिल्म की टीम को बधाई दी।
  • फिल्म का निर्माण फरहान अख्तर ने किया है।
  • निर्देशक लक्ष्मीप्रिया देवी ने भारतीय सिनेमा की ताकत को सलाम किया।
  • फिल्म ने कई अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों में भी अपनी पहचान बनाई है।

नई दिल्ली, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय सिनेमा के लिए सोमवार का दिन गर्व का प्रतीक बना। मणिपुरी भाषा में बनी कॉमेडी-ड्रामा फिल्म 'बूंग' ने 2026 बाफ्टा अवॉर्ड्स में एक नई कहानी लिखी है। इस फिल्म को बेस्ट चिल्ड्रन एंड फैमिली फिल्म का खिताब मिला है। यह इस श्रेणी में जीतने वाली पहली भारतीय फिल्म है। इस अद्वितीय उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुशी प्रकट करते हुए फिल्म की टीम को बधाई दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, ''इस फिल्म से जुड़े सभी को बधाई। यह सच में एक खुशी का क्षण है, विशेषकर मणिपुर के लिए। यह हमारे देश में मौजूद अद्भुत क्रिएटिव टैलेंट को भी दर्शाता है।''

वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी 'एक्स' पर कहा, ''मुझे बहुत खुशी है कि मणिपुरी फिल्म 'बूंग' ने 2026 बाफ्टा अवार्ड्स में इतिहास रचा है। सभी चुनौतियों के बावजूद इसे बेस्ट चिल्ड्रन एंड फैमिली फिल्म का खिताब मिला। पूरी कास्ट और क्रू को ढेरों बधाई। आपने पूरे देश को गर्व महसूस कराया है।''

फिल्म 'बूंग' फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनी है, जिसका निर्देशन लक्ष्मीप्रिया देवी ने किया है। यह साल की पहली भारतीय फिल्म है, जिसे बाफ्टा में नॉमिनेट किया गया और अब इसे यह पुरस्कार मिल गया है।

पुरस्कार समारोह में निर्देशक लक्ष्मीप्रिया देवी मंच पर पहुंचीं, और फरहान अख्तर भी उनके साथ मौजूद थे। भावुक होकर लक्ष्मीप्रिया ने बाफ्टा का धन्यवाद दिया और भारतीय सिनेमा की ताकत को सलाम किया।

'बूंग' की कहानी एक स्कूली बच्चे के इर्द-गिर्द घूमती है, जो मणिपुर की सीमा पर रहता है। यह बच्चा जन्म से ही हिंसा, नस्लीय तनाव और उपेक्षा का सामना कर रहा है। फिल्म राज्य में मौजूद सामाजिक और राजनीतिक उथल-पुथल को संवेदनशीलता से प्रस्तुत करती है। कहानी में बच्चा अपने बिखरे परिवार को जोड़ने और अपने लंबे समय से बिछड़े पिता को वापस लाने की कोशिश करता है। कॉमेडी और ड्रामा का मिश्रण इस फिल्म को गहराई प्रदान करता है।

बाफ्टा से पहले 'बूंग' कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी छाप छोड़ चुकी है। 2024 में इसका प्रीमियर टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में हुआ था। इसके अलावा, यह वारसॉ इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2024, 55वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (गोवा), और इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न 2025 में भी प्रदर्शित की गई। इन सभी जगहों पर इसे समीक्षकों की ओर से प्रशंसा मिली।

Point of View

बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री द्वारा दी गई बधाई इस बात का प्रमाण है कि सिनेमा समाज को जोड़ने और जागरूक करने का एक सशक्त माध्यम है।
NationPress
25/02/2026

Frequently Asked Questions

फिल्म 'बूंग' किस भाषा में बनी है?
'बूंग' मणिपुरी भाषा में बनी एक कॉमेडी-ड्रामा फिल्म है।
बूंग ने किस पुरस्कार में जीत हासिल की है?
'बूंग' ने 2026 के बाफ्टा अवॉर्ड्स में बेस्ट चिल्ड्रन एंड फैमिली फिल्म का खिताब जीता है।
इस फिल्म का निर्देशन किसने किया है?
फिल्म 'बूंग' का निर्देशन लक्ष्मीप्रिया देवी ने किया है।
इस फिल्म का निर्माण किसके द्वारा किया गया है?
'बूंग' का निर्माण फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले हुआ है।
बूंग की कहानी किस पर आधारित है?
'बूंग' की कहानी मणिपुर के एक स्कूली बच्चे के जीवन और उसके परिवार की परेशानियों के इर्द-गिर्द घूमती है।
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