क्या गानों पर बैन के अलावा भी हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा से जुड़े हैं विवाद?

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क्या गानों पर बैन के अलावा भी हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा से जुड़े हैं विवाद?

सारांश

हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा की संगीत यात्रा और विवादों का गहरा संबंध है। इस लेख में हम उनके करियर की कहानी और हालिया विवादों को समझेंगे। क्या उनकी आवाज और लोकप्रियता उनके विवादों से कहीं अधिक हैं?

Key Takeaways

  • मासूम शर्मा ने हरियाणवी संगीत को नया मुकाम दिया है।
  • उनकी आवाज में जोश और देसीपन है।
  • उन्होंने डिजिटल प्लेटफार्मों का सही इस्तेमाल किया।
  • उनके गाने बैन किए गए हैं, लेकिन विवाद उनकी पहचान का हिस्सा बने हैं।
  • उनके गानों में समाजिक मुद्दे और प्रेम कहानियां शामिल हैं।

मुंबई, 27 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। हरियाणवी संगीत की धूम अब केवल हरियाणा तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह पूरे भारत में फैल चुकी है। इस बदलाव के पीछे कुछ प्रमुख कलाकारों का योगदान है। उनमें से एक गायक हैं मासूम शर्मा, जिन्होंने अपनी मजबूत आवाज और विशिष्ट अंदाज से हरियाणवी संगीत को एक नई ऊंचाई दी है। लेकिन उनके नाम से कई विवाद भी जुड़े हैं।

जिन्हें जानकारी नहीं है, उन्हें बता दें कि मासूम शर्मा का गाना ‘ट्यूशन बदमाशी का’ यूट्यूब पर बेहद हिट रहा था। इस गाने पर इंस्टाग्राम पर कई रील्स बनाई गई थीं।

मासूम शर्मा ने अपने संगीत करियर की शुरुआत 2009 में की, लेकिन असली पहचान उन्हें मिली जब उनका गाना 'कोठे चढ़ ललकारु' 2014 में रिलीज हुआ। इस गाने ने युवाओं के बीच इतनी लोकप्रियता हासिल की कि मासूम रातों-रात एक चर्चित नाम बन गए। इसके बाद उन्होंने लगातार कई सुपरहिट गाने दिए, जिन्होंने न केवल हरियाणवी संगीत प्रेमियों का दिल जीता, बल्कि उन्हें पूरे देश में प्रसिद्ध कर दिया।

मासूम शर्मा की आवाज में एक खास तरह का जोश और देसीपन है जो सुनने वालों को उनसे जोड़ देता है। वह हरियाणवी लोक संगीत की गहरी समझ रखते हैं और उसे आधुनिक संगीत के साथ खूबसूरती से मिलाते हैं। उनके गाने अक्सर ग्रामीण जीवन, प्रेम कहानियों और सामाजिक मुद्दों पर आधारित होते हैं। मासूम के गानों - चाहे वह 'कोका-कोला' जैसा डांस नंबर हो या कोई भावुक गीत, हर तरह के गाने में उनकी आवाज की एक अलग पहचान है।

मासूम शर्मा की सफलता का एक बड़ा कारण यह है कि उन्होंने डिजिटल प्लेटफार्मों का सही इस्तेमाल किया। उनके गाने यूट्यूब और अन्य स्ट्रीमिंग प्लेटफार्मों पर मिलियन में व्यूज बटोरते हैं। उन्होंने कई अन्य लोकप्रिय हरियाणवी कलाकारों जैसे गुलजार छानीवाला और एमडी के साथ भी काम किया है।

हाल ही में, हरियाणा सरकार ने गन कल्चर को बढ़ावा देने के आरोप में मासूम शर्मा के कई गाने बैन कर दिए थे। बैन हुए गानों में ‘चंबल के डाकू’, ‘मेरे मित्र’, ‘जेलर’ आदि शामिल हैं। मासूम शर्मा ने इस विवाद पर कहा था कि ऐसा केवल उनके साथ हो रहा है। बहुत से अन्य गायक हैं जिनके गाने ऐसे ही हैं, लेकिन उन पर बैन नहीं लगाया गया।

मासूम ने इशारों में कहा था कि सरकार में कोई ऐसा है जो जानबूझकर उन्हें ही निशाना बनाने के लिए ऐसा कर रहा है।

लोकप्रियता के साथ अक्सर विवाद भी जुड़े होते हैं। गानों पर बैन के अलावा भी मासूम शर्मा का विवादों से गहरा नाता रहा है। 2021 में एक महिला ने आरोप लगाया था कि मासूम शर्मा के रिकॉर्डिंग स्टूडियो में उसका यौन शोषण किया गया और मामले को दबाने के लिए उन्होंने उसे धमकाया। इसके अलावा 2022 में एक स्टैंडअप कॉमेडियन ने मासूम पर रोहतक स्थित घर पर फायरिंग करने का आरोप लगाया था। हालांकि बाद में मामले को सुलझा लिया गया था।

Point of View

विवादों के कारण उनकी छवि पर असर पड़ा है। यह महत्वपूर्ण है कि हम उनके संगीत को उनकी आवाज के लिए याद करें, न कि विवादों के लिए।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

मासूम शर्मा का पहला हिट गाना कौन सा था?
मासूम शर्मा का पहला हिट गाना 'कोठे चढ़ ललकारु' था, जो 2014 में रिलीज हुआ।
क्यों हरियाणा सरकार ने उनके गाने बैन किए?
हरियाणा सरकार ने गन कल्चर को बढ़ावा देने के आरोप में मासूम शर्मा के कई गाने बैन किए।
मासूम शर्मा के विवादों का मुख्य कारण क्या है?
मासूम शर्मा के विवादों का मुख्य कारण कुछ गंभीर आरोप हैं, जिनमें यौन शोषण और फायरिंग शामिल हैं।