'बॉबी ब्यूटी पार्लर' देख इम्तियाज अली को आई अपने शहर की याद, अनुराग कश्यप के साथ पहली बार जुड़े इस प्रोजेक्ट में
सारांश
मुख्य बातें
फिल्ममेकर इम्तियाज अली ने शॉर्ट फिल्म 'बॉबी ब्यूटी पार्लर' को अपने दिल के बेहद करीब बताया है। उनका कहना है कि इस फिल्म ने उन्हें उनके अपने शहर, किशोरावस्था के दिनों और पुराने दोस्तों की याद दिला दी। यह शॉर्ट फिल्म 6 अगस्त 2026 की रात फ्रेंडशिप वीक के मौके पर ओह शॉर्ट फ्लिप्स के यूट्यूब चैनल पर प्रीमियर होगी।
फिल्म से जुड़ा इम्तियाज का भावनात्मक अनुभव
इम्तियाज अली ने पुरानी यादों को साझा करते हुए कहा, 'जिंदगी के सबसे खूबसूरत पल अक्सर बिना किसी शोर के गुजर जाते हैं, लेकिन वही पल इंसान के व्यक्तित्व का हिस्सा बन जाते हैं। 'बॉबी ब्यूटी पार्लर' की खूबसूरती इसी बात में है कि यह रोज़मर्रा की जिंदगी के उन छोटे अनुभवों को दिखाती है, जो बाद में सबसे खास यादें बन जाते हैं।'
उन्होंने आगे कहा, 'इस फिल्म ने मुझे अपने शहर के दिनों में वापस पहुँचा दिया। फिल्म देखते हुए मुझे अपने बचपन, किशोर उम्र के फैसलों और उन दोस्तों की याद आई, जो आज भी मेरी जिंदगी में खास जगह रखते हैं। दोस्ती की यही सादगी फिल्म को खास बनाती है।'
फिल्म की कहानी और किरदार
'बॉबी ब्यूटी पार्लर' दो बचपन के दोस्तों — ईलू और मनु — की कहानी है, जो एक मोहल्ले के ब्यूटी पार्लर के अंदर फँस जाते हैं। वहाँ दोनों हँसी-मजाक करते हैं, पुरानी बातें याद करते हैं, कभी बहस करते हैं और उस वक्त को रोकने की कोशिश करते हैं जो तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। फिल्म बचपन से जवानी की ओर बढ़ते सफर के उन भावनात्मक पलों को पकड़ती है, जिनसे हर कोई खुद को जुड़ा हुआ महसूस करता है।
फिल्म में अद्रिजा सिन्हा, पारुल राणा, सक्षम राज और प्रीति कोचर मुख्य भूमिकाओं में नज़र आएँगे। फिल्म का निर्देशन शाश्वत द्विवेदी ने किया है और इसे रंजन सिंह ने प्रोड्यूस किया है।
इम्तियाज और अनुराग की पुरानी दोस्ती, पहला साझा प्रोजेक्ट
इम्तियाज अली और अनुराग कश्यप की दोस्ती कई दशक पुरानी है — दोनों की मुलाकात दिल्ली में पढ़ाई के दौरान हुई थी। इसके बाद दोनों ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अपनी अलग-अलग पहचान बनाई। 'बॉबी ब्यूटी पार्लर' के ज़रिये दोनों पहली बार इस तरह के किसी प्रोजेक्ट में साथ आए हैं, जिसमें अनुराग कश्यप फिल्म का संपादन कर रहे हैं।
अनुराग कश्यप ने फिल्म के बारे में कहा, 'यह एक साधारण कहानी है, जो दोस्ती, सपनों और जिंदगी में बड़े होने की प्रक्रिया को दिखाती है। फिल्म के ज़रिये हमने बचपन के उस हिस्से को दिखाने की कोशिश की है, जिसे अक्सर लोग बड़े होने के बाद पीछे छोड़ देते हैं। मुझे खुशी है कि यह फिल्म यूट्यूब पर रिलीज़ हो रही है।'
रिलीज़ और प्रासंगिकता
फिल्म का प्रीमियर फ्रेंडशिप वीक के मौके पर चुना जाना सांकेतिक है — यह उस दर्शक वर्ग को सीधे संबोधित करता है जो दोस्ती की नॉस्टेल्जिया से गहरे जुड़ा है। यह ऐसे समय में आया है जब यूट्यूब पर हिंदी शॉर्ट फिल्मों की माँग लगातार बढ़ रही है और दर्शक छोटे, भावनात्मक फॉर्मेट को तेज़ी से अपना रहे हैं। गौरतलब है कि इम्तियाज अली जैसे स्थापित फिल्ममेकर का इस माध्यम की ओर रुख करना इस फॉर्मेट को और विश्वसनीयता देता है।