'मैं वापस आऊंगा': शरवरी वाघ बोलीं — इम्तियाज अली के साथ काम करना एक भावनात्मक सफर था
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री शरवरी वाघ इन दिनों निर्देशक इम्तियाज अली की आगामी फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' के प्रमोशन में व्यस्त हैं। 22 मई 2026 को मुंबई में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने इम्तियाज अली के साथ काम करने के अनुभव को महज़ एक फिल्म से कहीं बढ़कर बताया — एक ऐसा भावनात्मक सफर, जिसने उन्हें एक कलाकार के रूप में नई दृष्टि दी।
किरदार की भावनाओं में डूबने का अनुभव
शरवरी ने बताया, 'हर अनुभव इंसान को कुछ नया सिखाता है, लेकिन इम्तियाज अली के साथ काम करना मेरे लिए बहुत खास रहा। इस फिल्म में मुझे एक ऐसे किरदार को निभाने का मौका मिला, जिसकी भावनाएं बेहद अलग हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म में प्यार को सादगी, मासूमियत और सच्चाई के साथ दर्शाया गया है — आज के दौर में जहाँ रिश्तों में जल्दबाज़ी और दिखावा हावी है, वहाँ यह फिल्म एक अलग भावनात्मक संसार रचती है।
इम्तियाज अली की निर्देशन शैली
शरवरी के अनुसार, इम्तियाज अली अपने कलाकारों को केवल डायलॉग या दृश्य नहीं समझाते, बल्कि उन्हें किरदार की आत्मा तक ले जाते हैं। उन्होंने कहा, 'वह कलाकारों को यह महसूस कराते हैं कि उनका किरदार क्या सोच रहा है, क्या महसूस कर रहा है और उसकी ज़िंदगी में क्या चल रहा है। यही वजह है कि उनके साथ काम करने के बाद कलाकार खुद को उस किरदार के बेहद करीब महसूस करने लगते हैं।'
वेदांग रैना के साथ साझा अनुभव
शरवरी ने बताया कि वह और उनके सह-कलाकार वेदांग रैना दोनों इस बात से सहमत हैं कि इम्तियाज अली ने उन्हें प्यार, इंतज़ार और अपनेपन जैसी भावनाओं को गहराई से समझने में मदद की। उन्होंने कहा, 'फिल्म में यह दिखाया गया है कि इंसान आखिर कहाँ खुद को सबसे ज़्यादा जुड़ा हुआ महसूस करता है और उसके दिल में कौन-सी भावनाएं सबसे ज़्यादा मायने रखती हैं।'
इम्तियाज अली की कहानियों की विशेषता
शरवरी ने इम्तियाज अली की फिल्मों के मूल स्वभाव पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उनकी कहानियों में अक्सर ऐसे किरदार होते हैं जो जीवन के किसी अहम मोड़ पर खड़े हैं — जब इंसान खुद को पहचानता है, रिश्तों को नए नज़रिए से देखता है। उन्होंने कहा, 'इस तरह के किरदार को निभाना मेरे लिए बेहद रोमांचक रहा, क्योंकि मुझे लगा जैसे मैं खुद भी उन एहसासों को दोबारा जी रही हूं।'
रिलीज़ की तारीख
फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' 12 जून 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी। शरवरी के शब्दों में, 'इम्तियाज अली की सबसे बड़ी खासियत यही है कि वह कलाकारों से दिल से जुड़ा अभिनय निकलवाते हैं' — और यह फिल्म उसी भावनात्मक गहराई की परीक्षा होगी।