क्या इमरान हाशमी ने इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल में अपनी नई सीरीज 'तस्करी' का प्रमोशन किया?
सारांश
Key Takeaways
- इमरान हाशमी ने फेस्टिवल में भाग लिया और अपनी सीरीज का प्रमोशन किया।
- फेस्टिवल में 40 से 50 देशों के लोग शामिल हैं।
- 'तस्करी' एक 7 पार्ट वाली सीरीज है जो अंतरराष्ट्रीय तस्करी पर आधारित है।
- इमरान ने गुजरात की संस्कृति की सराहना की।
- उन्होंने अपनी आने वाली फिल्मों के बारे में भी जानकारी दी।
अहमदाबाद, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। साबरमती रिवरफ्रंट पर चल रहे इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल 2026 का माहौल अत्यंत रंगीन और उत्साह से भरा हुआ है। इस अद्भुत वातावरण में अभिनेता इमरान हाशमी ने शामिल होकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
असल में, इमरान हाशमी अपनी आने वाली सीरीज 'तस्करी' की पूरी स्टारकास्ट के साथ प्रमोशन के लिए यहां आए थे। इस दौरान उन्होंने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "मैं प्रधान मंत्री मोदी और गुजरात टूरिज्म को बधाई देना चाहता हूं। यहाँ मैं पहली बार आया हूं। लेकिन अहमदाबाद शूटिंग और प्रमोशन के लिए कई बार आ चुका हूँ।"
अभिनेता ने वहाँ के माहौल और सांस्कृतिक धरोहर की खूबसूरती की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, "यहां पर फूल देश के कोने-कोने से आए हुए हैं। यह फेस्टिवल इतना जीवंत और रंगीन है कि यहाँ आकर बहुत अच्छा लग रहा है।"
इमरान ने अपनी नई सीरीज के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा, "मेरी वेब सीरीज 'तस्करी' नेटफ्लिक्स पर 14 जनवरी को रिलीज हो रही है। यह 7 पार्ट वाली सीरीज है, जो अंतरराष्ट्रीय तस्करी और स्मगलिंग पर आधारित है। इसमें फ्लाइट्स और कई स्थानों पर होने वाली तस्करी की कहानी दिखाई गई है। मुझे लगता है कि इस तरह के विषयों पर इससे पहले किसी फिल्म या सीरीज नहीं आई है। हमारे कस्टम अधिकारी बहुत मेहनत करते हैं, लेकिन उनके योगदान को इस तरह से पहले कभी नहीं दिखाया गया।"
अभिनेता ने अपनी आने वाली फिल्मों के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा, "इसके बाद मेरी तीन फिल्में रिलीज होंगी। पहले 'आवारापन 2' आएगी, फिर 'गनमास्टर' और उसके बाद एक तेलुगु फिल्म।"
पतंगबाजी के बारे में पूछे जाने पर इमरान ने बताया, "मैं बचपन में बहुत पतंगें उड़ाया करता था, लेकिन अब कई साल हो गए हैं। हालाँकि, मैंने अपनी फिल्म 'हक' में एक शॉट के दौरान पतंग उड़ाई थी, तो पुरानी यादें ताजा हो गई थीं। स्कूल के दिनों में पतंग उड़ाने का बहुत शौक था। यहाँ पर थोड़ा कोशिश जरूर करूंगा।"
उन्होंने फेस्टिवल की खूबसूरती के बारे में भी कहा कि यहाँ 40 से 50 देशों से लोग और काइट फ्लाइंग के विशेषज्ञ आए हैं। यह एक बड़ा सांस्कृतिक संगम है, जो भारत की संस्कृति को विश्व स्तर पर नई पहचान दे रहा है।