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विधात्री बंदी का 'मैक्स, मिन और मियोज्स्की' में ग्लैमरस अवतार, बोलीं — 'कैरोल' ने दिल छू लिया

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विधात्री बंदी का 'मैक्स, मिन और मियोज्स्की' में ग्लैमरस अवतार, बोलीं — 'कैरोल' ने दिल छू लिया

सारांश

किसी और किरदार का ऑडिशन देने गईं विधात्री बंदी को 'कैरोल सेक्वेराका' का किरदार यूँ ही मिल गया — और इसी भूमिका ने उन्हें पहली बार अजनबियों के सामने रुला दिया। 'शिद्दत' से शुरू हुई उनकी यात्रा अब 'मैक्स, मिन और मियोज्स्की' में पहली पूर्ण लीड तक पहुँची है।

मुख्य बातें

अभिनेत्री विधात्री बंदी फिल्म 'मैक्स, मिन और मियोज्स्की' में कैरोल सेक्वेराका की मुख्य भूमिका निभा रही हैं।
विधात्री मूल रूप से 'मिन' के लिए ऑडिशन देने गई थीं, लेकिन 2 दिन बाद निर्देशकों ने उन्हें 'कैरोल' के लिए बुलाया और तुरंत चयन हुआ।
यह किरदार उनके पिछले किरदारों — 'जलसा' की मलयाली पत्रकार और 'द डिप्लोमैट' की पंजाबी एंबेसी ऑफिसर — से कहीं अधिक ग्लैमरस है।
'मैक्स, मिन और मियोज्स्की' विधात्री के करियर की पहली पूर्ण लीड भूमिका है।
विधात्री ने अपने करियर को 'धीरे-धीरे चढ़ती सीढ़ी' बताया — शिद्दत से शुरुआत, अब लीड तक।

अभिनेत्री विधात्री बंदी फीचर फिल्म 'मैक्स, मिन और मियोज्स्की' में कैरोल सेक्वेराका की भूमिका में नज़र आएंगी — और यह किरदार उनके अब तक के सभी किरदारों से कहीं अधिक ग्लैमरस है। मुंबई में हाल ही में हुई एक बातचीत में विधात्री ने खुलासा किया कि यह भूमिका उन्हें किसी और किरदार के ऑडिशन के दौरान अप्रत्याशित रूप से मिली।

कैसे मिला 'कैरोल' का किरदार

विधात्री ने बताया कि वे मूल रूप से फिल्म के किरदार 'मिन' के लिए ऑडिशन देने गई थीं। वहाँ उन्हें फिल्म का सारांश पढ़ने का मौका मिला, जिसमें कैरोल सेक्वेराका का ज़िक्र था। उन्होंने कहा, "उसका किरदार इस तरह से लिखा हुआ था कि उसे पढ़कर मुझे उससे तुरंत जुड़ाव महसूस हुआ, जिसके बाद मैंने सोचा कि अगर इस किरदार के लिए मुझे ऑडिशन देने का मौका मिले, तो मैं ज़रूर दूंगी। लेकिन मैंने ये बात बस अपने तक ही रखी और किसी को नहीं बताई थी।"

उन्होंने आगे बताया कि 2 दिन बाद कास्टिंग टीम का फोन आया और निर्देशकों ने खुद उन्हें 'कैरोल' के लिए ऑडिशन देने को कहा। ऑडिशन के तुरंत बाद उनका चयन हो गया। विधात्री ने कहा, "सेलेक्ट होने के बाद पैडी ने मुझे पूरी कहानी सुनाई। उस दिन शायद पहली बार ऐसा हुआ कि मैं अजनबियों के सामने रो पड़ी थी, क्योंकि फिल्म ने मेरे दिल को छू लिया था। उसी वक्त मुझे पक्का हो गया था कि मुझे ये फिल्म करनी ही है।"

पिछले किरदारों से कितना अलग है 'कैरोल'

विधात्री ने अपने पुराने किरदारों से तुलना करते हुए बताया कि 'कैरोल सेक्वेराका' का लुक और अंदाज़ बिल्कुल अलग है। उन्होंने कहा, "फिल्म 'जलसा' में मैंने एक मलयाली पत्रकार का रोल किया था — उसमें मेरा लहजा बहुत भारी था, कोई मेकअप नहीं किया था और बाल भी काफी ज़्यादा थे। 'द डिप्लोमैट' में मैंने एक पंजाबी एंबेसी ऑफिसर का किरदार निभाया था, जिसमें मैं फॉर्मल कपड़े पहनती थी, लेकिन इस फिल्म में मैं बिल्कुल मुंबई की लड़की जैसी लग रही हूं। मेरे घुंघराले बाल हैं और मेरा लहजा भी नॉर्मल है।"

करियर की रफ्तार — धीमी पर लगातार

विधात्री ने अपनी अब तक की अभिनय-यात्रा को 'धीरे-धीरे चढ़ती सीढ़ी' से परिभाषित किया। उन्होंने कहा, "शिद्दत में मैंने एक छोटा रोल किया था। फिर जलसा में मेरा रोल अहम था, उसके बाद द डिप्लोमैट में भी लीड रोल किया और अब इस फिल्म में मैं पूरी लीड कर रही हूं। मेरा करियर धीरे-धीरे आगे बढ़ा है, लेकिन ऐसा लगता है जैसे मैं एक सही सीढ़ी चढ़ रही हूं — धीरे-धीरे ही सही, लेकिन लगातार।"

गौरतलब है कि विधात्री बंदी ने 'शिद्दत' से बॉलीवुड में कदम रखा था और 'जलसा' तथा 'द डिप्लोमैट' जैसी चर्चित परियोजनाओं से अपनी पहचान बनाई। 'मैक्स, मिन और मियोज्स्की' उनके करियर में पहली बार पूर्ण लीड भूमिका है, जो उनकी अभिनय-यात्रा में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि किरदार-दर-किरदार विश्वसनीयता से बनती है। 'शिद्दत' से 'जलसा', 'द डिप्लोमैट' और अब 'मैक्स, मिन और मियोज्स्की' तक का सफर दिखाता है कि ओटीटी और फिल्म दोनों माध्यमों में सोची-समझी भूमिकाएँ चुनना एक दीर्घकालिक रणनीति है। यह भी उल्लेखनीय है कि 'कैरोल सेक्वेराका' जैसे किरदार — जो न सिर्फ ग्लैमरस हैं बल्कि भावनात्मक गहराई भी रखते हैं — दर्शाते हैं कि हिंदी सिनेमा में अब विविध पृष्ठभूमि के किरदारों को मुख्यधारा में जगह मिल रही है।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विधात्री बंदी की नई फिल्म 'मैक्स, मिन और मियोज्स्की' में वे कौन सा किरदार निभा रही हैं?
विधात्री बंदी इस फिल्म में 'कैरोल सेक्वेराका' की मुख्य भूमिका निभा रही हैं। यह उनके करियर की पहली पूर्ण लीड भूमिका है।
विधात्री बंदी को 'कैरोल सेक्वेराका' का किरदार कैसे मिला?
विधात्री मूल रूप से 'मिन' के लिए ऑडिशन देने गई थीं, जहाँ उन्होंने फिल्म के सारांश में 'कैरोल' के बारे में पढ़ा और इस किरदार से तुरंत जुड़ाव महसूस किया। 2 दिन बाद कास्टिंग टीम ने उन्हें खुद 'कैरोल' के लिए बुलाया और ऑडिशन के बाद तुरंत उनका चयन हो गया।
'कैरोल सेक्वेराका' का किरदार विधात्री के पिछले किरदारों से कैसे अलग है?
'जलसा' में वे मलयाली पत्रकार और 'द डिप्लोमैट' में पंजाबी एंबेसी ऑफिसर थीं — दोनों किरदार फॉर्मल और कम ग्लैमरस थे। 'कैरोल' में वे मुंबई की एक आम लड़की जैसी दिखती हैं — घुंघराले बाल, सामान्य लहजा और अधिक ग्लैमरस लुक।
विधात्री बंदी ने अब तक किन फिल्मों और वेब सीरीज़ में काम किया है?
विधात्री ने 'शिद्दत' से अपने करियर की शुरुआत की, इसके बाद 'जलसा' में अहम भूमिका और 'द डिप्लोमैट' में लीड रोल किया। 'मैक्स, मिन और मियोज्स्की' उनकी पहली पूर्ण लीड फिल्म है।
विधात्री बंदी अपने करियर की रफ्तार को कैसे देखती हैं?
विधात्री ने अपने करियर को 'धीरे-धीरे चढ़ती सीढ़ी' बताया है। उनके अनुसार करियर की रफ्तार धीमी रही है, लेकिन हर कदम सही दिशा में रहा है और वे लगातार आगे बढ़ रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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