'सिमुलाक्रा' में अक्षरा हासन का 'निवी' अवतार: 'इस किरदार ने मुझे कलाकार के तौर पर बदल दिया'
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री अक्षरा हासन अपनी आगामी फिल्म 'सिमुलाक्रा' को लेकर खासी उत्साहित हैं। फिल्म का टीज़र हाल ही में जारी किया गया है, जिसमें वे 'निवी' के किरदार में नज़र आ रही हैं। यह फिल्म दर्शकों को एक ऐसी भविष्य की दुनिया में ले जाती है जहाँ इंसानों की यादों को न्यूरल ब्रेन चिप्स की मदद से बदला, दोबारा लिखा या पूरी तरह मिटाया जा सकता है। फिल्म का प्रीमियर 17 जुलाई को वेव्स ओटीटी पर होगा।
किरदार ने कलाकार को नई पहचान दी
अक्षरा के अनुसार 'निवी' उनके अब तक के सभी किरदारों से बिल्कुल अलग है। उन्होंने कहा, 'निवी एक बहुत अलग किरदार है। इस भूमिका के लिए एक इंसान और कलाकार दोनों के रूप में अलग लेवल की मैच्योरिटी चाहिए। फिल्म की कहानी कई परतों वाली है। इस किरदार के ज़रिए मैंने अपने अंदर के एक नए कलाकार को खोजा। मुझे कई तरह की भावनाओं और उनके टकराव को निभाने का मौका मिला। इस किरदार ने मुझे कलाकार के तौर पर चुनौती दी और मुझे इसे निभाने में बहुत मज़ा आया।'
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय ओटीटी सिनेमा में साइ-फाई और तकनीक-केंद्रित कहानियों की माँग तेज़ी से बढ़ रही है। 'सिमुलाक्रा' इसी दिशा में एक महत्त्वाकांक्षी कदम है।
फिल्म की कहानी: यादों और पहचान का संघर्ष
फिल्म की कहानी दो केंद्रीय किरदारों — नयन और निवी — के इर्द-गिर्द बुनी गई है। नयन का किरदार अभिनेता सत्यजीत दुबे निभा रहे हैं। कहानी में नयन दावा करता है कि उसका और निवी का अतीत बेहद गहरा रहा है — और वह अपनी न्यूरल मेमोरी वॉल्ट में सुरक्षित तस्वीरों के ज़रिए इसका सबूत भी देता है। दूसरी ओर निवी की मेमोरी वॉल्ट पूरी तरह खाली है — उसे नयन के बारे में कुछ भी याद नहीं।
इसके बाद नयन उन दोनों के पुराने रिश्ते की यादें वापस दिलाने की कोशिश करता है। इसी सफर में दोनों के बीच नए भावनात्मक रिश्ते पनपने लगते हैं और कहानी कई दिलचस्प मोड़ लेती है।
सत्यजीत दुबे की नज़र में 'सिमुलाक्रा'
अभिनेता सत्यजीत दुबे ने भी फिल्म को लेकर अपनी उत्सुकता ज़ाहिर की। उनके अनुसार 'सिमुलाक्रा' की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह वास्तविकता, पहचान, रिश्तों और तकनीक के बढ़ते असर जैसे विषयों को एक बिल्कुल नए नज़रिए से पेश करती है।
सत्यजीत ने कहा कि आज के दौर में जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तेज़ी से हमारी ज़िंदगी का हिस्सा बन रहा है, तब ऐसी कहानी और भी अधिक प्रासंगिक हो जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि निर्देशक पंकज सावंत का इस कहानी को पर्दे पर उतारने का जुनून और उनका दृष्टिकोण ही उन्हें इस फिल्म से जोड़ने वाला सबसे बड़ा कारण रहा।
निर्माण और रिलीज़
फिलोसिया फिल्म्स के बैनर तले बनी 'सिमुलाक्रा' का निर्देशन पंकज सावंत ने किया है। फिल्म 17 जुलाई को वेव्स ओटीटी पर प्रीमियर होगी। गौरतलब है कि भारतीय ओटीटी प्लेटफॉर्म पर इस तरह की तकनीक-आधारित साइ-फाई कहानियाँ अभी भी अपेक्षाकृत दुर्लभ हैं, जिससे 'सिमुलाक्रा' दर्शकों के लिए एक नया अनुभव साबित हो सकती है।