17 जुलाई 2026
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जिम सर्भ का प्रोजेक्ट चुनने का फॉर्मूला: 'कहानी मज़बूत हो तो बाकी सब आसान हो जाता है'

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जिम सर्भ का प्रोजेक्ट चुनने का फॉर्मूला: 'कहानी मज़बूत हो तो बाकी सब आसान हो जाता है'

सारांश

जिम सर्भ के लिए कोई भी प्रोजेक्ट बड़े बैनर से नहीं, बल्कि कहानी की ताकत से शुरू होता है। 'मेड इन इंडिया: ए टाइटन स्टोरी' को चुनने की वजह भी यही रही — एक ऐसी कहानी जो सफलता के साथ-साथ इंसानी मूल्यों की बात करती है। सीरीज़ 3 जून को अमेज़न एमएक्स प्लेयर पर आएगी।

मुख्य बातें

अभिनेता जिम सर्भ किसी भी प्रोजेक्ट में सबसे पहले कहानी की मज़बूती देखते हैं।
कहानी पसंद आने के बाद वे किरदार की चुनौती और अभिनय की संभावनाएँ परखते हैं।
जिम ने कहा कि वे केवल बड़े नाम या बड़े बैनर के लिए काम नहीं करते।
उनकी आगामी सीरीज़ 'मेड इन इंडिया: ए टाइटन स्टोरी' 3 जून को अमेज़न एमएक्स प्लेयर पर स्ट्रीम होगी।
सीरीज़ के मुख्य किरदार की सकारात्मक कार्यशैली और मानवीय मूल्यों ने जिम को व्यक्तिगत रूप से भी प्रभावित किया।

अभिनेता जिम सर्भ इन दिनों अपनी आगामी वेब सीरीज़ 'मेड इन इंडिया: ए टाइटन स्टोरी' के प्रमोशन में व्यस्त हैं, जो 3 जून को अमेज़न एमएक्स प्लेयर पर स्ट्रीम होगी। एक इंटरव्यू में जिम ने खुलासा किया कि वे किसी भी फ़िल्म या सीरीज़ को हाँ कहने से पहले किन कसौटियों पर उसे परखते हैं — और उनका जवाब बॉलीवुड की परंपरागत सोच से बिल्कुल अलग है।

कहानी सबसे पहले

जिम सर्भ ने बताया, 'किसी भी प्रोजेक्ट को चुनने की मेरी प्रक्रिया काफी सीधी है। सबसे पहले मैं खुद से एक सवाल पूछता हूँ कि क्या मैं उस कहानी का हिस्सा बनना चाहता हूँ या नहीं। मेरे लिए यह सबसे अहम बात होती है। अगर कहानी अच्छी हो तो बाकी चीज़ें खुद आसान हो जाती हैं।' उनके अनुसार एक मज़बूत और दिलचस्प कहानी ही किसी भी अच्छे प्रोजेक्ट की नींव होती है।

किरदार की अहमियत

कहानी पसंद आने के बाद जिम अपने किरदार का मूल्यांकन करते हैं। उन्होंने कहा, 'मैं यह समझने की कोशिश करता हूँ कि कहानी के भीतर मेरा किरदार कितना महत्वपूर्ण है और उसमें अभिनय की कितनी संभावनाएँ हैं। मैं केवल किसी बड़े नाम या बड़े प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने के लिए काम नहीं करता।' उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर किरदार चुनौतीपूर्ण और दिलचस्प लगता है, तभी वे आगे बढ़ते हैं।

'मेड इन इंडिया' क्यों चुनी

जिम ने बताया कि 'मेड इन इंडिया: ए टाइटन स्टोरी' की कहानी ने उन्हें शुरुआत में ही आकर्षित कर लिया था। उन्होंने कहा, 'यह केवल एक साधारण कहानी नहीं है, बल्कि इसमें कई ऐसे पहलू हैं जो लोगों को प्रेरित भी कर सकते हैं।' कहानी और किरदार के बाद ही वे निर्देशक, निर्माता और बाकी कलाकारों के बारे में विचार करते हैं।

मूल्यों से जुड़ाव

अभिनेता ने इस सीरीज़ के मुख्य किरदार की कार्यशैली की विशेष तारीफ की। उन्होंने कहा, 'मुझे यह बात बेहद पसंद आई कि कहानी में एक ऐसे व्यक्ति को दिखाया गया है, जो केवल सफलता के बारे में नहीं सोचता, बल्कि अपने आसपास काम करने वाले लोगों के लिए एक सकारात्मक और खुशहाल माहौल भी बनाता है। ऐसे सिद्धांत और मूल्य मुझे व्यक्तिगत रूप से भी प्रभावित करते हैं।'

कब और कहाँ देखें

'मेड इन इंडिया: ए टाइटन स्टोरी' 3 जून से अमेज़न एमएक्स प्लेयर पर उपलब्ध होगी। जिम सर्भ की यह सीरीज़ दर्शकों के बीच किस तरह की प्रतिक्रिया पाती है, यह देखना दिलचस्प होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस इंडस्ट्री में एक सचेत विकल्प है जहाँ OTT की बाढ़ में अक्सर स्टार-पावर और बजट ही प्रोजेक्ट की पहचान बनते हैं। गौरतलब है कि जिम सर्भ ने 'बाहुबली', '83', और 'आर्या' जैसे विविध प्रोजेक्ट्स में काम किया है — यह विविधता उनके इसी दृष्टिकोण की देन लगती है। 'मेड इन इंडिया: ए टाइटन स्टोरी' एक कॉर्पोरेट-प्रेरणा की कहानी है, जो ऐसे समय में आ रही है जब OTT दर्शक तेज़ी से 'रियल स्टोरी' और 'इंस्पायर्ड बाय' फॉर्मेट की ओर झुक रहे हैं। असली परीक्षा यह होगी कि क्या यह सीरीज़ प्रेरणा और मनोरंजन के बीच संतुलन बना पाती है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जिम सर्भ प्रोजेक्ट चुनने में सबसे पहले क्या देखते हैं?
जिम सर्भ सबसे पहले कहानी देखते हैं — वे खुद से पूछते हैं कि क्या वे उस कहानी का हिस्सा बनना चाहते हैं। उनके अनुसार अगर कहानी मज़बूत हो तो बाकी सब आसान हो जाता है।
'मेड इन इंडिया: ए टाइटन स्टोरी' कब और कहाँ देख सकते हैं?
यह वेब सीरीज़ 3 जून को अमेज़न एमएक्स प्लेयर पर स्ट्रीम होगी। जिम सर्भ इसमें मुख्य भूमिका में हैं।
जिम सर्भ ने 'मेड इन इंडिया: ए टाइटन स्टोरी' क्यों चुनी?
जिम के अनुसार इस सीरीज़ की कहानी ने उन्हें शुरुआत से ही आकर्षित किया। उन्हें इसके मुख्य किरदार की वह सोच पसंद आई जो सफलता के साथ-साथ आसपास के लोगों के लिए सकारात्मक माहौल बनाने पर ज़ोर देती है।
क्या जिम सर्भ बड़े बैनर देखकर प्रोजेक्ट चुनते हैं?
नहीं। जिम सर्भ ने स्पष्ट किया है कि वे केवल बड़े नाम या बड़े प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने के लिए काम नहीं करते। उनके लिए किरदार की चुनौती और अभिनय की संभावनाएँ ज़्यादा मायने रखती हैं।
जिम सर्भ किरदार का मूल्यांकन कैसे करते हैं?
कहानी पसंद आने के बाद वे यह देखते हैं कि कहानी में उनका किरदार कितना महत्वपूर्ण है और उसमें अभिनय की कितनी संभावनाएँ हैं। अगर किरदार चुनौतीपूर्ण लगे तभी वे आगे बढ़ते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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