'मेड इन इंडिया: ए टाइटन स्टोरी' — वैभव तत्ववादी बोले: शूटिंग से पहले ही यह कहानी दर्शकों की थी
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता वैभव तत्ववादी की आगामी वेब सीरीज 'मेड इन इंडिया: ए टाइटन स्टोरी' 3 जून से अमेज़न एमएक्स प्लेयर पर स्ट्रीम होगी, जो भारतीय कंपनी टाइटन के निर्माण, संघर्ष और सफलता की यात्रा को पर्दे पर जीवंत करेगी। मुंबई में सीरीज के प्रमोशन के दौरान तत्ववादी ने कहा कि यह कहानी पहले से ही करोड़ों भारतीयों के दिलों में बसी है — स्क्रीन पर आने से बहुत पहले।
जब 'टाइटन' का नाम ही काफी था
वैभव तत्ववादी ने बताया कि इस प्रोजेक्ट का अनुभव उनके पिछले सभी कामों से अलग रहा। उन्होंने कहा, 'जब भी मैं किसी से कहता था कि मेरा अगला प्रोजेक्ट 'टाइटन' है, तो सामने वाले व्यक्ति को ज़्यादा बताने की ज़रूरत ही नहीं पड़ती थी। लोग खुद टाइटन से जुड़ी अपनी यादें और अनुभव साझा करने लगते थे। किसी को अपनी पहली घड़ी याद आती थी, तो किसी को परिवार के किसी खास मौके पर खरीदा गया टाइटन का प्रोडक्ट। तभी मुझे एहसास हुआ कि यह कहानी पहले से ही लोगों के दिलों में मौजूद है।'
उन्होंने आगे जोड़ा, 'आमतौर पर किसी फिल्म या सीरीज को दर्शकों तक पहुँचने और उनसे जुड़ने में समय लगता है, लेकिन 'मेड इन इंडिया: ए टाइटन स्टोरी' के मामले में ऐसा नहीं था। लोग पहले से ही इस ब्रांड को जानते हैं और उनका उससे गहरा भावनात्मक रिश्ता है।'
जेरक्सेस देसाई की दूरदृष्टि केंद्र में
यह सीरीज टाइटन के निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले उद्योगपति जेरक्सेस देसाई की सोच, उनके संघर्षों और दूरदृष्टि को भी सामने लाएगी। कहानी दिखाएगी कि किस तरह भारत में एक ऐसे ब्रांड की नींव रखी गई, जिसने दशकों में करोड़ों लोगों का भरोसा अर्जित किया। सीरीज लेखक विनय कामथ की चर्चित पुस्तक 'टाइटन — इंडियाज़ मोस्ट सक्सेसफुल कंज्यूमर ब्रांड' पर आधारित है।
स्टार-स्टडेड कास्ट
सीरीज में वैभव तत्ववादी के साथ जिम सर्भ, नमिता दुबे, नसीरुद्दीन शाह, लक्षवीर सरन और कावेरी सेठ जैसे दिग्गज कलाकार नज़र आएँगे। इस स्तरीय कास्ट को देखते हुए सीरीज से दर्शकों की उम्मीदें पहले से ही ऊँची हैं।
क्यों खास है यह सीरीज
यह ऐसे समय में आई है जब भारतीय ओटीटी दर्शक घरेलू ब्रांड्स और उद्यमशीलता की कहानियों में गहरी रुचि दिखा रहे हैं। गौरतलब है कि टाइटन आज केवल घड़ियों का ब्रांड नहीं, बल्कि ज्वेलरी, आईवियर और एक्सेसरीज़ में भी अग्रणी नाम है — जो इस कहानी को महज़ कॉर्पोरेट इतिहास नहीं, बल्कि भारत के उपभोक्ता-वर्ग के उभार की गाथा बनाता है। 3 जून से स्ट्रीमिंग शुरू होते ही यह सीरीज ओटीटी पर चर्चा का केंद्र बन सकती है।