जूनियर एनटीआर का एआई मॉर्फ्ड वीडियो पर कड़ा रुख, 'चुट्टामल्ले' फर्जी वीडियो बनाने वालों को कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
तेलुगु सुपरस्टार जूनियर एनटीआर ने 3 अक्टूबर 2026 को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर कड़े शब्दों में उन लोगों को चेतावनी दी, जिन्होंने उनकी फिल्म 'देवरा' के गाने 'चुट्टामल्ले' का एआई-निर्मित मॉर्फ्ड वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर फैलाया। अभिनेता ने स्पष्ट किया कि वे ऐसे वीडियो बनाने और प्रसारित करने वालों के खिलाफ हरसंभव कानूनी कार्रवाई करेंगे। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार और सभी राज्य सरकारों से एआई के दुरुपयोग पर सख्त नियम लागू करने की अपील की।
मॉर्फ्ड वीडियो पर क्या बोले जूनियर एनटीआर
जूनियर एनटीआर ने एक्स पर लिखा, 'घिनौना, बीमार और बेशर्म।' उन्होंने कहा कि एक ऐसे देश में जहाँ महिलाओं को माँ और देवी के रूप में पूजा जाता है, जहाँ 'मातृदेवो भव' केवल एक कहावत नहीं बल्कि संस्कृति का हिस्सा है, वहाँ कुछ लोग एआई का इस्तेमाल करके किसी महिला का अनादर कर रहे हैं। उनके अनुसार, ऐसी घिनौनी सामग्री बनाना शब्दों से परे शर्मनाक है।
अभिनेता ने सीधे उन लोगों को संबोधित करते हुए लिखा, 'इस मॉर्फ्ड 'चुट्टामल्ले' वीडियो के पीछे के घटिया लोगों, मैं तुममें से किसी को नहीं बख्शूंगा। मैं इसे बनाने वालों और इसे फैलाने वालों के खिलाफ हरसंभव कानूनी कार्रवाई करूंगा।'
नेटिजन्स से जूनियर एनटीआर की अपील
जूनियर एनटीआर ने आम सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से भी अपील की कि वे ऐसे कंटेंट को न देखें, न शेयर करें और न ही उस पर कोई प्रतिक्रिया दें। उन्होंने लिखा, 'आज यह कोई और है। कल, यह आपकी माँ, बहन, पत्नी या बेटी हो सकती है।' यह टिप्पणी इस मुद्दे की व्यापक सामाजिक गंभीरता को रेखांकित करती है।
उन्होंने इसे एक गंभीर मुद्दा बताते हुए सरकारों से आग्रह किया कि वे एआई के दुरुपयोग के विरुद्ध कड़ा कदम उठाएँ और सख्त नियम बनाएँ।
जाह्नवी कपूर ने भी जताई आपत्ति
जूनियर एनटीआर से पहले अभिनेत्री जाह्नवी कपूर ने भी एआई से बनाए जा रहे फर्जी वीडियो पर एक्स पर आपत्ति दर्ज कराई थी। उन्होंने लिखा, 'एआई फेक वीडियो का फैलना परेशान करने वाला है। कृपया ऐसा कंटेंट न बनाएं, न शेयर करें और न ही प्रमोट करें — यह एआई का स्पष्ट दुरुपयोग है। इसमें शामिल लोगों के खिलाफ निश्चित रूप से कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जय हिंद।'
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में डीपफेक और एआई-जनित फर्जी सामग्री को लेकर चिंताएँ तेज़ी से बढ़ रही हैं, और इस मुद्दे पर कोई केंद्रीय कानून अभी तक अस्तित्व में नहीं आया है।
एआई दुरुपयोग और कानूनी परिदृश्य
भारत में एआई-जनित डीपफेक सामग्री के खिलाफ फिलहाल कोई विशेष केंद्रीय कानून नहीं है। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की मौजूदा धाराओं के तहत ही कार्रवाई की जाती है। आलोचकों का कहना है कि यह पर्याप्त नहीं है और इस खाई को पाटने के लिए एक समर्पित विधायी ढाँचे की ज़रूरत है।
यह पहली बार नहीं है कि किसी बड़े सेलिब्रिटी ने एआई दुरुपयोग के खिलाफ आवाज़ उठाई हो — लेकिन जूनियर एनटीआर की यह प्रतिक्रिया अपनी तीव्रता और स्पष्ट कानूनी चेतावनी के कारण व्यापक चर्चा का विषय बन गई है। उम्मीद की जा रही है कि इस घटना के बाद केंद्र सरकार एआई विनियमन पर अपनी नीतिगत स्थिति को और स्पष्ट करेगी।