30 जुलाई 2026
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जुबिन नौटियाल का 14 जून को जन्मदिन: 'मेरे घर राम आए हैं' से PM मोदी का दिल जीतने वाले गायक

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जुबिन नौटियाल का 14 जून को जन्मदिन: 'मेरे घर राम आए हैं' से PM मोदी का दिल जीतने वाले गायक

सारांश

देहरादून से मुंबई तक का सफ़र, बार-बार अस्वीकृति और फिर शीर्ष तक — जुबिन नौटियाल की कहानी सिर्फ एक गायक की नहीं, भावनाओं के एक ऐसे कलाकार की है जिनके भजन ने खुद प्रधानमंत्री का दिल छुआ। 14 जून को वे 36 वर्ष के होते हैं।

मुख्य बातें

गायक जुबिन नौटियाल का जन्मदिन 14 जून 1989 को देहरादून, उत्तराखंड में हुआ था।
उनके पिता राम शरण नौटियाल व्यवसायी एवं राजनेता हैं; परिवार में संगीत की पारंपरिक पृष्ठभूमि नहीं थी।
वर्ष 2014 में 'रंग' और 'तुम्ही हो' से मिली पहचान; 'रातां लंबियां' पर आईफा अवॉर्ड समेत कई पुरस्कार मिले।
भजन 'मेरे घर राम आए हैं' को PM नरेंद्र मोदी ने एक्स पर साझा कर पायल देव और मनोज मुंतशिर के साथ सराहा।
सेंट जोसेफ कॉलेज, देहरादून से शिक्षा पूर्ण करने के बाद मुंबई में संगीत करियर शुरू किया।

गायक जुबिन नौटियाल का जन्मदिन 14 जून को है — वही आवाज़ जिसने 'मेरे घर राम आए हैं', 'मेरी माँ के बराबर कोई नहीं' और 'नारायण मिल जाएगा' जैसे गीतों से करोड़ों श्रोताओं के दिलों में घर बना लिया है। नई दिल्ली से लेकर देश के कोने-कोने तक फैले उनके प्रशंसक उन्हें न केवल एक फ़िल्मी पार्श्वगायक के रूप में, बल्कि भावनाओं के एक अद्वितीय व्याख्याकार के रूप में जानते हैं।

देहरादून से मुंबई तक का सफ़र

जुबिन नौटियाल का जन्म 14 जून 1989 को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में हुआ था। उनके पिता राम शरण नौटियाल एक सफल व्यवसायी एवं राजनेता हैं, जबकि माँ नीना नौटियाल परिवार की देखभाल करती हैं। परिवार में संगीत की कोई पारंपरिक पृष्ठभूमि नहीं थी, फिर भी जुबिन ने बचपन से ही शास्त्रीय संगीत की विधिवत शिक्षा ली और स्थानीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेना शुरू किया। देहरादून के सेंट जोसेफ कॉलेज से शिक्षा पूर्ण करने के बाद उन्होंने संगीत को ही अपना करियर बनाने का निर्णय लिया।

संघर्ष और अस्वीकृति के बावजूद डटे रहे

जब जुबिन मुंबई पहुँचे तो उन्हें कई बार अस्वीकृति का सामना करना पड़ा। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। कई वरिष्ठ संगीतकारों ने उन्हें अपनी आवाज़ पर भरोसा रखने और निरंतर परिश्रम करने की सलाह दी। जुबिन ने संघर्ष को ही अपनी राह का हिस्सा मान लिया और लगातार काम करते रहे।

पहचान और पुरस्कार

वर्ष 2014 में 'रंग' और 'तुम्ही हो' गानों से उन्हें पहली व्यापक पहचान मिली। इसके बाद 'ज़िंदगी कुछ तो बताओ', 'कुछ दफ़ा', 'लूडो' और 'रातां लंबियां' जैसे गीतों ने उन्हें घर-घर में लोकप्रिय बना दिया। विशेष रूप से 'रातां लंबियां' के लिए उन्हें आईफा अवॉर्ड सहित कई प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुए। उनकी आवाज़ में दर्द, प्रेम और भावनाओं का जो अनूठा संगम है, वही उन्हें अन्य गायकों से अलग करता है।

राम मंदिर उद्घाटन और PM मोदी की तारीफ़

जुबिन के भजन भी उतने ही लोकप्रिय हैं जितने उनके फ़िल्मी गीत। उनका भजन 'मेरे घर राम आए हैं' राम मंदिर उद्घाटन के अवसर पर विशेष रूप से चर्चा में रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस भजन को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर साझा करते हुए लिखा था, 'भगवान श्री राम की प्राण-प्रतिष्ठा के सुअवसर पर अयोध्या के साथ-साथ पूरा देश राममय हो रहा है। राम लला की भक्ति से ओतप्रोत जुबिन नौटियाल जी, पायल देव जी और मनोज मुंतशिर जी का यह स्वागत भजन दिल को छू लेने वाला है।' इस सराहना ने भजन को और भी व्यापक श्रोता वर्ग तक पहुँचाया।

आगे की राह

अपनी बहुआयामी गायकी — फ़िल्मी, भक्ति और ग़ैर-फ़िल्मी — के साथ जुबिन नौटियाल भारतीय संगीत जगत में अपनी विशिष्ट पहचान को और सुदृढ़ करते जा रहे हैं। उनकी यात्रा देहरादून के एक संगीत-प्रेमी युवक से देश के शीर्ष पार्श्वगायकों में शामिल होने तक की प्रेरणादायक कहानी है, जो यह साबित करती है कि सच्ची लगन किसी भी रुकावट को पार कर सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जुबिन नौटियाल का जन्म कब और कहाँ हुआ था?
जुबिन नौटियाल का जन्म 14 जून 1989 को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में हुआ था। उन्होंने देहरादून के सेंट जोसेफ कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की और बाद में मुंबई में अपना संगीत करियर शुरू किया।
जुबिन नौटियाल को पहली बड़ी पहचान कब मिली?
वर्ष 2014 में 'रंग' और 'तुम्ही हो' गानों से जुबिन नौटियाल को व्यापक पहचान मिली। इसके बाद 'रातां लंबियां' ने उन्हें आईफा अवॉर्ड समेत कई प्रतिष्ठित सम्मान दिलाए।
PM मोदी ने जुबिन नौटियाल की तारीफ़ क्यों की थी?
राम मंदिर उद्घाटन (प्राण-प्रतिष्ठा) के अवसर पर जुबिन नौटियाल, पायल देव और मनोज मुंतशिर के भजन 'मेरे घर राम आए हैं' को PM नरेंद्र मोदी ने एक्स पर साझा करते हुए इसे 'दिल को छू लेने वाला' बताया था।
जुबिन नौटियाल के परिवार की पृष्ठभूमि क्या है?
उनके पिता राम शरण नौटियाल एक सफल व्यवसायी और राजनेता हैं, जबकि माँ नीना नौटियाल गृहिणी हैं। परिवार में संगीत की कोई पारंपरिक पृष्ठभूमि नहीं थी, फिर भी जुबिन ने बचपन से शास्त्रीय संगीत की विधिवत शिक्षा ली।
जुबिन नौटियाल के सबसे लोकप्रिय गाने कौन-से हैं?
जुबिन नौटियाल के सबसे चर्चित गानों में 'रातां लंबियां', 'कुछ दफ़ा', 'ज़िंदगी कुछ तो बताओ', 'लूडो' और भजन 'मेरे घर राम आए हैं' शामिल हैं। इनके अलावा 'मेरी माँ के बराबर कोई नहीं' और 'नारायण मिल जाएगा' भी श्रोताओं में अत्यंत लोकप्रिय हैं।
राष्ट्र प्रेस
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