कतर क्लासिक स्क्वैश: अनाहत सिंह दूसरे राउंड में टिने गिलिस से हारीं, टूर्नामेंट से बाहर
सारांश
मुख्य बातें
दोहा में 13 सितंबर 2026 को खेले गए कतर क्लासिक PSA प्लैटिनम इवेंट के महिला सिंगल्स के दूसरे राउंड में भारतीय स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह बेल्जियम की विश्व नंबर 9 टिने गिलिस से कड़े पाँच गेम के मुकाबले में हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गईं। 2,42,000 अमेरिकी डॉलर की इनामी राशि वाले इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में अनाहत दो गेम जीतने के बाद भी आखिरी बाज़ी नहीं जीत सकीं।
मैच का घटनाक्रम
विश्व रैंकिंग 8वीं वरीयता प्राप्त गिलिस ने पहला गेम 11-4 से जीतकर मज़बूत शुरुआत की। इसके बाद विश्व नंबर 20 अनाहत ने शानदार वापसी करते हुए आक्रामक खेल के बूते अगले दो गेम 11-8 और 11-9 से अपने नाम किए और क्वार्टर फाइनल की दहलीज़ पर पहुँच गईं। हालाँकि, अनुभवी गिलिस ने अपनी करियर सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग नंबर 5 तक पहुँचने के अनुभव का भरपूर उपयोग करते हुए चौथा गेम 11-4 से जीतकर मैच बराबर किया और निर्णायक पाँचवें गेम में 11-3 से जीत दर्ज कर अगले राउंड में जगह पक्की कर ली।
अनाहत का प्रदर्शन
गौरतलब है कि 17 वर्षीय अनाहत ने इस टूर्नामेंट में पहले राउंड में मिस्र की विश्व नंबर 16 फरीदा मोहम्मद को 13-11, 3-11, 11-7, 11-7 से हराकर मज़बूत शुरुआत की थी। यह ऐसे समय में आया है जब अनाहत ने जुलाई 2026 में वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप का खिताब जीता था और सीनियर सर्किट में लगातार अपनी पहचान बना रही हैं। हार के बावजूद, उनका दोहा में प्रदर्शन उच्च रैंकिंग वाली खिलाड़ियों के खिलाफ एक और उत्साहजनक संकेत है।
अन्य भारतीय खिलाड़ियों का हाल
अनाहत चार सदस्यीय भारतीय सिंगल्स दल का हिस्सा थीं। पुरुष वर्ग में विश्व नंबर 24 अभय सिंह को स्विट्जरलैंड के विश्व नंबर 22 दिमित्री स्टीनमैन ने 7-11, 9-11, 12-14 से हराया। वहीं विश्व नंबर 38 वीर चोत्रानी को न्यूज़ीलैंड के विश्व नंबर 2 पॉल कोल ने 11-2, 11-3, 11-1 से एकतरफा मुकाबले में मात दी। दल की चौथी सदस्य तन्वी खन्ना भी टूर्नामेंट में हिस्सा लेने दोहा पहुँची थीं।
आगे की राह: एशियन गेम्स पर नज़र
कतर क्लासिक से बाहर होने के बाद अब भारतीय स्क्वैश दल का पूरा ध्यान जापान में होने वाले एशियन गेम्स पर केंद्रित होगा। अनाहत सिंह, अभय सिंह, वीर चोत्रानी और तन्वी खन्ना सिंगल्स इवेंट में भारत की चुनौती पेश करेंगे। वर्ल्ड जूनियर चैंपियन के रूप में अनाहत एशियन गेम्स में भारत की सबसे बड़ी उम्मीद होंगी।