कमल हासन को जैकी चैन के स्टंट की नकल में झेले 32 फ्रैक्चर, 'दशावतारम' लॉन्च पर हुआ खुलासा
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता कमल हासन ने अपने करियर में जो समर्पण दिखाया है, उसकी एक बानगी उस किस्से से मिलती है जब उन्होंने हॉलीवुड एक्शन स्टार जैकी चैन की स्टंट शैली को अपनाने की कोशिश में अपने शरीर में 32 फ्रैक्चर झेले। यह खुलासा उन्होंने खुद 2008 में फिल्म 'दशावतारम' के ऑडियो लॉन्च इवेंट के दौरान किया, जहाँ जैकी चैन भी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे। चोटों की इस लंबी फेहरिस्त के बावजूद, सिनेमा के प्रति कमल हासन का जुनून कभी कम नहीं हुआ।
मुलाकात जिसने पुराना किस्सा ताज़ा किया
कमल हासन और जैकी चैन की उस ऐतिहासिक मुलाकात में दोनों के बीच शरीर पर लगी चोटों को लेकर दिलचस्प बातचीत हुई। जैकी चैन ने कमल से पूछा कि उनकी कितनी हड्डियाँ टूट चुकी हैं। कमल ने जवाब दिया — 32। इस पर जैकी ने हँसते हुए कहा कि कमल अभी उनसे काफी पीछे हैं — यानी जैकी खुद इससे कहीं ज़्यादा चोटें झेल चुके थे।
कमल हासन ने मजाकिया लहजे में जैकी से कहा था कि उनके स्टंट की नकल करने की कोशिश में ही उनकी यह दुर्दशा हुई, इसलिए अब जैकी की ज़िम्मेदारी है कि वे उनके साथ किसी फिल्म में काम करने का वादा पूरा करें।
खतरनाक स्टंट और अटूट जुनून
कमल हासन हमेशा से अपने किरदारों को जीने के लिए जाने जाते रहे हैं। जैकी चैन की एक्शन शैली से गहरे प्रभावित होकर उन्होंने कई खतरनाक स्टंट खुद करने की कोशिश की, और इस दौरान एक के बाद एक चोटें लगती रहीं। कुल मिलाकर 32 फ्रैक्चर का यह सिलसिला उनकी उस दीवानगी की गवाही देता है जो उन्हें एक साधारण अभिनेता से अलग करती है।
गौरतलब है कि जैकी चैन खुद अपनी फिल्मों में अधिकांश स्टंट बिना किसी डुप्लीकेट के करते हैं और उनके शरीर में दर्जनों चोटों के निशान हैं। कमल ने उन्हें अपना आदर्श मानकर वही राह चुनी।
चुनौतीपूर्ण किरदारों की लंबी फेहरिस्त
कमल हासन ने अपने करियर में ऐसे कई किरदार निभाए हैं जो तकनीकी और शारीरिक दोनों दृष्टियों से अत्यंत कठिन थे। फिल्म 'अप्पू राजा' में उन्होंने एक बौने व्यक्ति का किरदार निभाया, जिसके लिए कैमरा एंगल और विशेष तकनीक का व्यापक उपयोग किया गया। 'चाची 420' में उन्होंने एक महिला का रूप धारण किया और उसके लिए मेकअप, चाल-ढाल व बोलने के तरीके में महीनों की मेहनत लगाई।
'दशावतारम' में तो उन्होंने एक साथ 10 अलग-अलग किरदार निभाकर भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक नई मिसाल कायम की। यह फिल्म उनकी बहुमुखी प्रतिभा का सबसे बड़ा प्रमाण मानी जाती है।
बचपन से शुरू हुआ सिनेमाई सफर
कमल हासन का फिल्मी सफर तब शुरू हुआ जब वे महज चार साल के थे। उन्होंने तमिल फिल्म 'कलाथुर कन्नम्मा' से अभिनय की दुनिया में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़ और हिंदी — पाँच भाषाओं में काम किया।
'नायकन', 'सदमा', 'पुष्पक', 'हे राम', 'विश्वरूपम' और 'विक्रम' जैसी फिल्मों में उनके अभिनय के विभिन्न रंग देखने को मिले हैं। कमल हासन का यह सफर बताता है कि परदे पर दिखने वाला हर करतब उनके अनगिनत बलिदानों का नतीजा है।