क्या सांसद कंगना रनौत और भाजपा नेता रवि ठाकुर ने ग्रामीणों को 'विकसित भारत-जी राम जी योजना' से अवगत कराया?
सारांश
Key Takeaways
- जी राम जी योजना का उद्देश्य ग्रामीण रोजगार को बढ़ाना है।
- इस योजना के तहत पैसे 7 दिनों में मिलेंगे।
- एनडीए सरकार ने रोजगार की गारंटी को 100 प्रतिशत किया है।
- योजना का बजट चार गुना बढ़ाया गया है।
- यह योजना ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास पर भी जोर देती है।
लाहौल-स्पीति, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बॉलीवुड अभिनेत्री और मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनौत न केवल फिल्मों में बल्कि अपने संसदीय क्षेत्र के विकास पर भी ध्यान केंद्रित कर रही हैं।
हाल ही में, कंगना रनौत ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत मंडी को 1240.53 करोड़ रुपए की सहायता मिलने की जानकारी साझा की थी। अब, हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में पूर्व विधायक और भाजपा नेता रवि ठाकुर के साथ मिलकर, कंगना ने ग्रामीणों को 'विकसित भारत-जी राम जी योजना' के बारे में जानकारी दी।
रवि ठाकुर ने इस योजना के बारे में जानकारी देते हुए कहा, "लाहौल-स्पीति के निवासियों को इस योजना के बारे में सूचित किया गया है, विशेष रूप से ग्रामीणों को। 25 तारीख तक इस योजना को हर ग्राम सभा में प्रस्तुत किया जाएगा। जी राम जी योजना मनरेगा योजना का नया रूप है, जिसमें दिन और रात का अंतर है। पहले यूपीए सरकार ने 100 दिन की योजना बनाई थी, लेकिन हमने इसे 125 दिन कर दिया है। पहले पैसे वितरण की प्रक्रिया में बहुत समय लगता था, लेकिन जी राम जी योजना में यह प्रक्रिया तेज हो गई है। पैसे 7 दिनों के भीतर मिल जाएंगे।"
उन्होंने आगे कहा कि यूपीए सरकार में 50 प्रतिशत की गारंटी दी जाती थी, लेकिन एनडीए सरकार ने इसे 100 प्रतिशत रोजगार देने का निर्णय लिया है। यदि कुछ लोग रह भी जाते हैं, तो उन्हें रोजगार भत्ता दिया जाएगा। हमारी सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। योजना के बजट के बारे में उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार में योजना का बजट 2 लाख 13 हजार 220 करोड़ रुपए था, जबकि एनडीए सरकार ने इसे बढ़ाकर चार गुना कर दिया है।
इस सभा में कंगना ने वर्चुअल माध्यम से लोगों से संवाद किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण कदमों के बारे में बताया। बता दें कि 'जी राम जी योजना' पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित एक नई योजना है, जिसका पूरा नाम 'विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन' है।
यह योजना पहले मनरेगा के नाम से जानी जाती थी, लेकिन इसमें बड़े बदलाव के साथ इसे नए नाम के तहत प्रस्तुत किया गया है। योजना का उद्देश्य रोजगार की गारंटी, ग्रामीण बुनियादी ढांचे का विकास, ग्राम पंचायतों का विकास, आय सुरक्षा बढ़ाना और ग्रामीण लोगों को सशक्त बनाना है।