क्या लंबे समय बाद सेट पर लौटीं कंगना रनौत, शुरू की 'भारत भाग्य विधाता' की शूटिंग?
सारांश
Key Takeaways
- कंगना रनौत की वापसी फिल्म उद्योग के लिए महत्वपूर्ण है।
- 'भारत भाग्य विधाता' एक देशभक्ति फिल्म है।
- मनोज तापड़िया इस फिल्म को निर्देशित कर रहे हैं।
- कंगना की पिछली फिल्म 'इमरजेंसी' ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया।
- फिल्म की कहानी वीरता और साहस की भावना से भरी होगी।
मुंबई, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बॉलीवुड की चर्चित अभिनेत्री और मंडी से सांसद कंगना रनौत काफी समय से फिल्मों से दूर रहकर राजनीति में सक्रिय थीं। हाल ही में, उन्होंने शीतकालीन सत्र में कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा निशाना साधा, लेकिन अब वह फिल्मी सेट पर वापस लौट आई हैं।
कंगना ने शूटिंग का एक वीडियो अपने फैंस के साथ साझा किया है, जिसमें वह मनोज तापड़िया के साथ नजर आ रही हैं। उनका सेट पर वापसी का अनुभव बहुत खुश करने वाला है।
इंस्टाग्राम पर साझा किए गए वीडियो में, कंगना सेट पर अन्य लोगों के साथ बातचीत कर रही हैं और मनोज तापड़िया उन्हें फिल्म के सीन समझा रहे हैं। उन्होंने लिखा है, "फिल्म के सेट पर वापसी कर अच्छा लग रहा है।" कंगना अपनी फिल्म 'इमरजेंसी' के बाद अब 'भारत भाग्य विधाता' की शूटिंग कर रही हैं।
कंगना ने 'इमरजेंसी' के रिलीज के साथ 'भारत भाग्य विधाता' की घोषणा की थी, लेकिन अब लगभग एक साल बाद फिल्म की शूटिंग शुरू हुई है। इस फिल्म का निर्माण यूनोइया फिल्म्स की बबीता आशिवाल और फ्लोटिंग रॉक्स एंटरटेनमेंट के आदि शर्मा कर रहे हैं, जबकि इसे मनोज तापड़िया निर्देशित करेंगे, जिन्हें 'मद्रास कैफे', 'चीनी कम', 'एनएच10', और 'माई' जैसी फिल्मों का निर्देशन करने का अनुभव है।
'भारत भाग्य विधाता' एक देशभक्ति फिल्म है, जिसमें उन महान वीरों की कहानियां दिखाई जाएंगी, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। फिल्म की कहानी वीरता और साहस की भावना से भरी होगी, लेकिन इसके रिलीज की तारीख अभी तक सामने नहीं आई है।
यह उल्लेखनीय है कि कंगना की अंतिम फिल्म 'इमरजेंसी' सिनेमाघरों में फ्लॉप साबित हुई थी, जिसके रिलीज पर भी बैन लगा था। हालांकि, कुछ बदलावों के बाद इसे रिलीज की अनुमति मिल गई थी। इस फिल्म का निर्देशन और निर्माण कंगना ने खुद किया था, जिसमें उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का किरदार निभाया था। कंगना ने इस फिल्म के लिए काफी मेहनत की, लेकिन फिर भी यह फिल्म दर्शकों को प्रभावित नहीं कर सकी। इसका बजट लगभग 60 करोड़ रुपए था, लेकिन इसने भारत में सिर्फ 20 करोड़ का कलेक्शन किया था।