क्या किरदार बदल सकता है जिंदगी? शेफाली शाह को मिला 'रिया' का सबसे बड़ा अवॉर्ड

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क्या किरदार बदल सकता है जिंदगी? शेफाली शाह को मिला 'रिया' का सबसे बड़ा अवॉर्ड

सारांश

अभिनेत्री शेफाली शाह का किरदार 'रिया' ने कई महिलाओं की जिंदगी में बड़ा बदलाव लाया है। फिल्म 'मॉनसून वेडिंग' को मिले गोल्डन लॉयन अवॉर्ड ने उनकी मेहनत को मान्यता दी है। जानें कि कैसे एक किरदार ने समाज में हिम्मत और आवाज दी।

Key Takeaways

  • शेफाली शाह का किरदार 'रिया' ने समाज में सशक्तिकरण का संदेश दिया है।
  • फिल्म 'मॉनसून वेडिंग' को गोल्डन लॉयन से सम्मानित किया गया।
  • एक किरदार भी जीवन में बदलाव ला सकता है।
  • महिलाओं के लिए हिम्मत और आवाज़ का प्रतीक।
  • कला की शक्ति समाज में बदलाव लाने में सहायक होती है।

मुंबई, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। अभिनेत्री शेफाली शाह ने अपने करियर में कई ऐसी फिल्मों में काम किया है, जो दर्शकों के दिलों में गहरी छाप छोड़ गईं, जैसे उनकी फिल्में 'जूस', 'जलसा', और 'थ्री ऑफ अस'। इनमें से उनकी फिल्म 'मॉनसून वेडिंग' में रिया का किरदार अनेक महिलाओं की जिंदगी बदलने में सफल रहा।

इस फिल्म में अभिनेत्री शेफाली शाह ने रिया वर्मा का किरदार निभाया था, जो बचपन में यौन शोषण का शिकार होती है। फिल्म की शूटिंग के दौरान अभिनेत्री ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने लिखा, "फिल्म 'मॉनसून वेडिंग' की शूटिंग के समय सभी कलाकार और क्रू एक बड़े परिवार की तरह थे। हम सब सुबह एक साथ योग और नाश्ता करते थे, और फिर नसीरुद्दीन शाह के साथ अभिनय वर्कशॉप होती थीं।"

इस फिल्म को मीरा नायर द्वारा निर्देशित किया गया था और इसे इटली के वेनिस फिल्म फेस्टिवल में गोल्डन लॉयन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। मीरा नायर इस सम्मान को पाने वाली सत्यजीत रे के बाद दूसरी भारतीय बनीं।

अभिनेत्री ने कहा कि जब वे इस फिल्म की शूटिंग कर रही थीं, तब उन्हें नहीं पता था कि यह फिल्म वेनिस फिल्म फेस्टिवल में गोल्डन लॉयन अवॉर्ड जीतेगी और उनका किरदार 'रिया' लाखों लोगों की आवाज बनेगा।

शेफाली ने साझा किया, "रिया एक ऐसी लड़की है जो अपने साथ हुए गलत के लिए खुद को दोषी नहीं मानती, बल्कि वह शर्म और अपराध को त्यागकर गुनहगार को जिम्मेदार ठहराती है। यही बात कई चुप रहने वाली महिलाओं को हिम्मत देती है।"

उन्होंने एक अनुभव साझा किया, "दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान एक बुजुर्ग दंपती से मिली। पति ने मेरी तारीफ की और पत्नी चुपचाप उनके हाथ पकड़े खड़ी थीं। जाते समय पति ने कहा, 'इन्होंने भी वही दर्द झेला है जो रिया ने झेला था। आपकी वजह से इन्हें सालों बाद अपनी बात कहने की हिम्मत मिली।'"

अभिनेत्री ने लिखा, "मैं अक्सर सोचती थी कि मैं न तो डॉक्टर, वकील और न ही वैज्ञानिक हूं। लेकिन उस दिन मुझे पता चला कि एक किरदार भी आम इंसान की जिंदगी बदल सकता है।"

Point of View

बल्कि यह हमारी समाज की भी है। जब एक किरदार समाज में बदलाव लाने में सक्षम होता है, तो यह दर्शाता है कि कला की शक्ति कितनी बड़ी होती है। शेफाली शाह का 'रिया' सिर्फ एक पात्र नहीं, बल्कि एक आंदोलन का प्रतीक है।
NationPress
30/11/2025

Frequently Asked Questions

फिल्म 'मॉनसून वेडिंग' के निर्देशक कौन हैं?
फिल्म 'मॉनसून वेडिंग' के निर्देशक मीरा नायर हैं।
शेफाली शाह ने 'रिया' का किरदार क्यों चुना?
शेफाली शाह ने 'रिया' का किरदार चुना क्योंकि यह महिलाओं के संघर्ष और हिम्मत की कहानी है।
क्या 'मॉनसून वेडिंग' को कोई अवॉर्ड मिला था?
'मॉनसून वेडिंग' को वेनिस फिल्म फेस्टिवल में गोल्डन लॉयन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।
क्या 'रिया' का किरदार वास्तविकता पर आधारित है?
हां, 'रिया' का किरदार ऐसे मुद्दों पर आधारित है जो समाज में व्याप्त हैं, जैसे यौन शोषण।
शेफाली शाह ने अपने अनुभव साझा किए?
हां, शेफाली शाह ने अपने अनुभवों को साझा किया जिसमें उन्होंने दर्शकों के साथ अपनी भावनाएं व्यक्त की।
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