क्या बिहार विधानसभा चुनाव में क्रांति प्रकाश झा और नीतू चंद्रा का स्टेट स्वीप बनना महत्वपूर्ण है?

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क्या बिहार विधानसभा चुनाव में क्रांति प्रकाश झा और नीतू चंद्रा का स्टेट स्वीप बनना महत्वपूर्ण है?

सारांश

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने क्रांति प्रकाश झा और नीतू चंद्रा को स्टेट स्वीप बनाया है। जानें कि यह कदम बिहार की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कैसे प्रभावित कर सकता है।

Key Takeaways

  • क्रांति प्रकाश झा और नीतू चंद्रा को स्टेट स्वीप बनाया गया है।
  • उनका उद्देश्य मतदाताओं को मतदान के लिए प्रेरित करना है।
  • बिहार विधानसभा चुनाव अक्टूबर-नवंबर में होंगे।
  • चुनाव आयोग 100% मतदान सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत है।
  • मतदाता सूची में सुधार का कार्य जारी है।

नई दिल्ली, १६ जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले, चुनाव आयोग ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए फिल्म अभिनेता क्रांति प्रकाश झा और नीतू चंद्रा को स्टेट स्वीप के लिए नियुक्त किया है। आने वाले समय में ये दोनों कलाकार बिहार में लोगों को लोकतंत्र के महापर्व में भाग लेने के लिए प्रेरित करते हुए दिखाई देंगे। उनके मनोनयन के प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी मिल चुकी है।

जानकारी के अनुसार, दोनों कलाकार मूल रूप से बिहार से हैं, जिससे उन्हें राज्य की स्थितियों की अच्छी जानकारी है। इस कारण से चुनाव आयोग ने इन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। निश्चित रूप से, आने वाले दिनों में ये दोनों मतदाताओं को मतदान के प्रति जागरूक और शिक्षित करने का काम करेंगे। दोनों कलाकार कई चर्चित फिल्मों और शो का हिस्सा रह चुके हैं और बिहार में उनके प्रशंसकों की संख्या भी काफी है। यदि ये मतदाताओं को मतदान के लिए प्रेरित करने में सफल होते हैं, तो इसके सकारात्मक परिणाम आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में देखने को मिल सकते हैं।

वहीं, बिहार में अक्टूबर और नवंबर में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं, जिसके लिए चुनाव आयोग पूरी तैयारी कर रहा है। आयोग इस बार 100 फीसदी मतदान सुनिश्चित करने की दिशा में कार्यरत है, और इसी को ध्यान में रखते हुए इन दोनों कलाकारों को यह जिम्मेदारी दी गई है।

बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों के साथ ही चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य भी जारी है। इसके अंतर्गत फर्जी मतदाताओं की पहचान कर उनके नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं। आयोग के अनुसार, अब तक बांग्लादेश और नेपाल के कई नागरिकों के नाम बिहार में मतदाता के रूप में दर्ज पाए गए हैं, जिन पर नकेल कसने का काम आयोग कर रहा है।

अभिनेत्री नीतू चंद्रा के वर्कफ्रंट की बात करें, तो उन्होंने २००५ में प्रियदर्शन की कॉमेडी फिल्म ‘गरम मसाला’ से बॉलीवुड में कदम रखा। इस फिल्म में उन्होंने अक्षय कुमार और जॉन अब्राहम के साथ मुख्य भूमिका निभाई। इसके बाद उन्होंने बॉलीवुड के साथ-साथ हॉलीवुड में भी काम किया और २०२१ में हॉलीवुड फिल्म ‘नेवर बैक डाउन: रिवोल्ट’ में जया नाम की एक मार्शल आर्ट फाइटर की भूमिका निभाकर अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई।

अभिनेता क्रांति प्रकाश झा ने भी बॉलीवुड फिल्मों और वेब सीरीज में काम किया है। उन्हें २०१६ की फिल्म 'एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी' में संतोष लाल के किरदार के लिए जाना जाता है। इसके अलावा, उन्होंने 'बाटला हाउस' और 'गोलियों की रासलीला राम-लीला' जैसी फिल्मों में भी काम किया है।

Point of View

बल्कि यह दर्शाता है कि किस प्रकार सांस्कृतिक हस्तियों का राजनीति में प्रभाव हो सकता है। यह निर्णय निश्चित रूप से चुनावों में सकारात्मक बदलाव लाने की उम्मीद जगाता है।
NationPress
31/08/2025

Frequently Asked Questions

क्रांति प्रकाश झा और नीतू चंद्रा को स्टेट स्वीप क्यों बनाया गया?
उन्हें बिहार के चुनावों में मतदाताओं को जागरूक करने के लिए नियुक्त किया गया है, क्योंकि दोनों कलाकार मूल रूप से बिहार से हैं।
बिहार विधानसभा चुनाव कब होंगे?
बिहार विधानसभा चुनाव अक्टूबर और नवंबर में होने वाले हैं।
चुनाव आयोग का लक्ष्य क्या है?
चुनाव आयोग का लक्ष्य इस बार 100 फीसदी मतदान सुनिश्चित करना है।
नीतू चंद्रा का बॉलीवुड में डेब्यू कब हुआ?
नीतू चंद्रा ने 2005 में प्रियदर्शन की फिल्म 'गरम मसाला' से बॉलीवुड में डेब्यू किया था।
क्रांति प्रकाश झा की प्रमुख फिल्मों में कौन सी हैं?
वे 'एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी', 'बाटला हाउस' और 'गोलियों की रासलीला राम-लीला' जैसी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं।