क्या जावेद जाफरी ने 'मायासभा' को देने का पूरा समय सही किया? एक्टर को केवल प्रोजेक्ट पर ध्यान देना चाहिए!

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क्या जावेद जाफरी ने 'मायासभा' को देने का पूरा समय सही किया? एक्टर को केवल प्रोजेक्ट पर ध्यान देना चाहिए!

सारांश

जावेद जाफरी ने अपनी नई फिल्म 'मायासभा' के लिए सभी प्रोजेक्ट्स से दूरी बनाकर ध्यान केंद्रित किया है। उनका मानना है कि एक्टर को नए किरदार पर पूरी तरह से ध्यान देना चाहिए। इस फिल्म में उनकी नई भूमिका को देखने के लिए उत्साह बढ़ रहा है।

मुख्य बातें

जावेद जाफरी का मानना है कि एक्टर को अपने किरदार पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
उन्होंने अपने सभी प्रोजेक्ट्स से दूरी बनाई है ताकि 'मायासभा' में अपने किरदार को बेहतर तरीके से निभा सकें।
फिल्म ३० जनवरी को रिलीज होगी।

मुंबई, २५ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अभिनेता जावेद जाफरी अपनी नई फिल्म 'मायासभा' की रिलीज का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म के लिए उन्होंने अपने सभी अन्य प्रोजेक्ट्स से पूरी तरह से दूरी बना ली है। जावेद का मानना है कि जब एक नया किरदार निभाने का अवसर मिलता है, तो एक्टर को केवल उसी पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

जावेद जाफरी ने राष्ट्र प्रेस को बताया, “एक एक्टर के अधिकार सीमित होते हैं। मैं उस सीमा में कभी नहीं जाता, जहाँ मैं लेखक या निर्देशक का अपमान करूँ। लेखक ने वर्षों की मेहनत से स्क्रिप्ट तैयार की होती है। आप उसे पढ़कर एक दिन में कह दें कि 'मैं इसे ऐसे करूंगा' या अपने नियम थोप दें, तो यह गलत है। वहीं, डायरेक्टर पूरी दुनिया का निर्माण करता है, एक्टर उसे ओवरराइड नहीं कर सकता।”

उन्होंने आगे कहा, “इसलिए मैं उनसे जरूरत पड़ने पर सवाल पूछता हूँ, यह क्यों हुआ, वह क्यों नहीं? और जब सही जवाब मिल जाता है, तो सब कुछ सामान्य हो जाता है। वास्तव में काम के दौरान ईगो नहीं आनी चाहिए। वे किरदार के साथ जीते हैं, वे जानते हैं कि वह ऐसा क्यों करेगा। लेकिन, एक्टर का फर्ज है कि वह डायरेक्टर की सोच के अनुसार किरदार को जीवंत बनाए। यदि मुझे कोई नया आइडिया लगता है, तो मैं ऑप्शन दे सकता हूँ। लेकिन कभी-कभी डायरेक्टर कहता है कि 'यह ट्रैक से हट रहा है, मुस्कुराना नहीं, इशारा मत करना' या ऐसा-वैसा मत करना क्योंकि इससे किरदार टूट जाता है।”

जावेद जाफरी ने स्पष्ट रूप से कहा कि एक्टर की जिम्मेदारी होती है कि वह स्क्रिप्ट और डायरेक्टर के विजन को पूरी ईमानदारी से निभाए। वे किसी भी प्रोजेक्ट में पूरी तरह समर्पित हो जाते हैं और बाकी कामों को रोक देते हैं ताकि किरदार पर १०० फीसदी ध्यान केंद्रित रह सके।

'मायासभा' एक महत्वपूर्ण फिल्म है, जो ३० जनवरी को रिलीज होने वाली है। कॉमेडी से लेकर सीरियस तक, हर जॉनर में काम कर चुके जावेद जाफरी अपकमिंग फिल्म 'मायासभा' में एक अलग अंदाज में नजर आएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह न केवल उनके प्रदर्शन को बेहतर बनाता है, बल्कि दर्शकों के लिए भी एक यादगार अनुभव बनाता है।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जावेद जाफरी ने 'मायासभा' के लिए क्यों सभी प्रोजेक्ट्स से दूरी बनाई?
जावेद का मानना है कि एक नए किरदार पर ध्यान केंद्रित करना आवश्यक है, जिससे वह अपने काम में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
'मायासभा' कब रिलीज होगी?
'मायासभा' फिल्म ३० जनवरी को रिलीज होगी।
जावेद जाफरी की यह फिल्म किस प्रकार की होगी?
'मायासभा' एक महत्वपूर्ण फिल्म है जिसमें जावेद जाफरी एक अलग अंदाज में नजर आएंगे।
राष्ट्र प्रेस
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