क्या 'मायासभा' की कहानी में सिर्फ सस्पेंस ही नहीं, बल्कि हर फ्रेम में छिपा है एक अर्थ?

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क्या 'मायासभा' की कहानी में सिर्फ सस्पेंस ही नहीं, बल्कि हर फ्रेम में छिपा है एक अर्थ?

सारांश

राही अनिल बर्वे की नई फिल्म 'मायासभा' दर्शकों को एक रहस्यमय यात्रा पर ले जाने के लिए तैयार है। क्या यह फिल्म केवल सस्पेंस से भरी है, या इसमें छिपा है गहरा अर्थ? जानें कैसे हर फ्रेम में छिपा है एक नया अनुभव।

Key Takeaways

  • 'मायासभा' में दर्शकों को एक रहस्यमय अनुभव मिलेगा।
  • फिल्म का मुख्य आकर्षण इसकी गहराई और सस्पेंस है।
  • राही अनिल बर्वे ने फिल्म के विजुअल्स पर विशेष ध्यान दिया है।
  • फिल्म 30 जनवरी को रिलीज होगी।
  • जावेद जाफरी, मोहम्मद समद, वीणा जामकर, और दीपक दामले मुख्य भूमिका में हैं।

मुंबई, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बॉलीवुड और स्वतंत्र सिनेमा के क्षेत्र में ऐसे निर्देशक बेहद कम हैं, जो अपनी फिल्मों में केवल दृश्यों के साथ ही नहीं, बल्कि अर्थ और भावनाओं का भी जाल बुनते हैं। इस संदर्भ में 'तुम्बाड' के निर्देशक राही अनिल बर्वे अपनी नई फिल्म 'मायासभा' के लिए चर्चा का विषय बने हुए हैं।

'मायासभा' में कहानी और सस्पेंस के माध्यम से दर्शकों को ऐसे रहस्यमय और दिलचस्प क्षणों का अनुभव मिलेगा, जिन्हें वे केवल स्क्रीन पर नहीं, बल्कि अपने असली जीवन में भी महसूस करेंगे।

फिल्म में जावेद जाफरी, मोहम्मद समद, वीणा जामकर और दीपक दामले मुख्य भूमिकाओं में हैं।

राही अनिल बर्वे ने कहा, "यह फिल्म मानव संबंधों और उन भ्रमों पर ध्यान केंद्रित करती है जो हमारी जिंदगी और सोच को आकार देते हैं। यह फिल्म दर्शकों को महसूस करने का अवसर प्रदान करती है। फिल्म का मुख्य आकर्षण इसकी गहराई और रहस्यमय कहानी है, जो पहली नजर में सरल दिखती है, लेकिन जटिल और खतरनाक है।"

थिएटर में रिलीज होने से पहले, राही अनिल बर्वे की नई फिल्म 'मायासभा' ने कई फिल्म महोत्सवों में प्रशंसा प्राप्त की है। इसे थर्ड एशियन फिल्म फेस्टिवल में 11 जनवरी को स्पेशल स्क्रीनिंग के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद, यह फिल्म पुणे इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2026 में भी दिखाई जाएगी, जहाँ इसे भारतीय सिनेमा के तहत चयनित किया गया है। इस प्रकार, यह फिल्म रिलीज से पहले ही आलोचकों और दर्शकों के बीच चर्चा का केंद्र बन गई है।

राही अनिल बर्वे ने फिल्म के बारे में कहा, "'तुम्बाड' के बाद 'मायासभा' मेरी दूसरी फिल्म है। इस बार मैंने अपनी कहानी को और भी रहस्यमय और गहरा बनाया है। इस फिल्म में दर्शकों को ऐसे सच और शक्ति के ढांचे दिखाई देंगे, जो पहली नजर में जितने सरल लगते हैं, उतने ही खतरनाक हैं। फिल्म का मकसद केवल डर या रोमांच उत्पन्न करना नहीं है, बल्कि दर्शकों को सोचने, महसूस करने और प्रतीकों को समझने के लिए प्रेरित करना है।"

राही ने कहा, "मैंने फिल्म के दृश्यों पर बहुत काम किया है। मैं चाहता था कि फिल्म का अनुभव रोमांचक, गहरा और दर्शकों को पूरी तरह डुबो देने वाला हो, जहाँ हर फ्रेम में कहानी और अर्थ दोनों हों। फिल्म में जहाँ रोमांच है, वहीं विचारों की गहराई भी है। कभी-कभी चुप्पी भी शब्दों से कहीं ज्यादा प्रभाव डालती है।"

'मायासभा' जिरकोन फिल्म्स के बैनर तले बनाई गई है। फिल्म के प्रोड्यूसर गिरीश पटेल और अंकुर जे. सिंह हैं। यह फिल्म 30 जनवरी को रिलीज होगी।

Point of View

बल्कि उन्हें सोचने पर मजबूर भी करती है। 'मायासभा' में मानव संबंधों और भ्रमों के बारे में एक नई दृष्टि प्रस्तुत की गई है।
NationPress
07/01/2026

Frequently Asked Questions

फिल्म 'मायासभा' कब रिलीज होगी?
फिल्म 'मायासभा' 30 जनवरी को रिलीज होगी।
'मायासभा' के निर्देशक कौन हैं?
'मायासभा' के निर्देशक राही अनिल बर्वे हैं, जिन्होंने पहले 'तुम्बाड' बनाई थी।
फिल्म में कौन-कौन से अभिनेता हैं?
फिल्म में जावेद जाफरी, मोहम्मद समद, वीणा जामकर, और दीपक दामले मुख्य भूमिकाओं में हैं।
'मायासभा' का मुख्य विषय क्या है?
'मायासभा' मानव संबंधों और भ्रमों को उजागर करने वाली एक रहस्यमय कहानी है।
क्या 'मायासभा' को किसी फिल्म महोत्सव में दिखाया गया है?
'मायासभा' को थर्ड एशियन फिल्म फेस्टिवल में स्पेशल स्क्रीनिंग के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
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