क्या राहु-केतु से डरने की जरूरत है? वरुण और पुलकित सम्राट की जोड़ी फिर दर्शकों को गुदगुदाएगी!
सारांश
Key Takeaways
- फिल्म 'राहु-केतु' में वरुण और पुलकित की केमिस्ट्री है।
- यह फिल्म हंसी और संदेश दोनों का मिश्रण है।
- अच्छे कर्म जीवन को सही दिशा में ले जाते हैं।
- कॉमेडी को गंभीरता से लेना चाहिए।
- दोस्ती और काम का सफर खूबसूरत होता है।
मुंबई, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। फिल्म 'फुकरे' में अभिनेता पुलकित सम्राट और वरुण शर्मा की केमिस्ट्री ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया था। अब यह जोड़ी एक बार फिर फिल्म 'राहु–केतु' के माध्यम से धमाल मचाने के लिए तैयार है। फिल्म की रिलीज से पहले, वरुण और पुलकित ने राष्ट्र प्रेस के साथ बातचीत की। इस दौरान, उन्होंने फिल्म के टाइटल और शूटिंग के अनुभव को साझा किया।
अभिनेता वरुण शर्मा ने कहा, "फिल्म का टाइटल 'राहु–केतु' केवल एक नाम नहीं है, बल्कि यह करियर और दोस्ती के यादगार लम्हों का प्रतीक है। मैंने और पुलकित ने एक-दूसरे के साथ दस साल से ज्यादा समय बिताया है और यह हमारी पाँचवी फिल्म है। जैसे राहु और केतु हमेशा हमारे जीवन में चलते रहते हैं, वैसे ही हमारी दोस्ती और काम करने का सफर भी बेहद खूबसूरत तरीके से आगे बढ़ रहा है।"
फिल्म की स्क्रिप्ट के बारे में वरुण ने बताया, "'राहु–केतु' केवल दर्शकों को हंसाने वाली फिल्म नहीं है, बल्कि इसमें एक गहरा संदेश भी छिपा है। लेखक और निर्देशक विपुल विग ने कहानी में इस तरह की परतें डाली हैं कि दर्शक फिल्म देखकर हल्का महसूस करेंगे। हंसते-हंसते वे अपने कर्मों को भी समझ पाएंगे। इस फिल्म के माध्यम से नया साल हंसी और पॉजिटिविटी के साथ शुरू करने का अवसर मिलेगा।"
पुलकित सम्राट ने कॉमेडी पर अपने विचार साझा करते हुए कहा, "कॉमेडी किसी भी अन्य जॉनर की तरह चुनौतीपूर्ण होती है। हर सीन में मेहनत लगती है और सही समय पर हंसी लाना बहुत मुश्किल होता है।"
पुलकित ने यह भी कहा, "वरुण से मैंने बहुत कुछ सीखा है, खासकर टाइमिंग के मामले में। उसके साथ काम करने से मेरी कॉमिक स्किल्स और परफॉर्मेंस में निखार आया है। मुझे कभी वरुण के साथ फिल्मों में काम करना बोरिंग नहीं लगा। लोग हमारी बॉन्डिंग को पसंद करते हैं। हम हर बार नए अंदाज में आते हैं।"
जब राष्ट्र प्रेस ने पूछा कि क्या आप दोनों ज्योतिष में विश्वास करते हैं, तो वरुण ने उत्तर दिया, "लोगों के इस पर अलग-अलग तर्क हो सकते हैं, लेकिन मेरा खुद का मानना है कि अगर इंसान अच्छे कर्म करता है, तो जीवन अपने आप सही दिशा में चलता है।" वहीं पुलकित ने कहा, "फिल्म के जरिए हम यही संदेश देना चाहते हैं कि राहु और केतु से डरने की जरूरत नहीं है। अच्छे इरादे और सही कर्म ही आपकी सबसे बड़ी ताकत बन सकते हैं।"