क्या भारत दिल में बस गया है? प्रयागराज माघ मेले में इटली से आई महिला ने साझा किया अपना अनुभव

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क्या भारत दिल में बस गया है? प्रयागराज माघ मेले में इटली से आई महिला ने साझा किया अपना अनुभव

सारांश

प्रयागराज के माघ मेले में इटली की लुक्रेजिया ने भारत को 'जादुई देश' बताया। उनका अनुभव हर बार खास होता है। पढ़िए उनकी यात्रा की कहानी और मेले की भव्यता के बारे में।

Key Takeaways

  • भारत को इटली की लुक्रेजिया ने 'जादुई देश' बताया।
  • माघ मेला 3 जनवरी को शुरू हुआ और 15 फरवरी को समाप्त होगा।
  • लुक्रेजिया ने भारत की संस्कृति और आध्यात्मिकता की प्रशंसा की।
  • सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
  • लुक्रेजिया वाराणसी जाने की योजना बना रही हैं।

प्रयागराज, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माघ मेला पूरे भव्यता के साथ जारी है। इसी दौरान, इटली से आई एक महिला पर्यटक लुक्रेजिया ने भारत को ‘जादुई देश’ बताया। उन्होंने साझा किया कि यह उनकी तीसरी यात्रा है और हर बार का अनुभव पहले से भी खास रहा है।

लुक्रेजिया ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि वे अपने पिता के साथ विश्वभर की यात्रा करती हैं, लेकिन भारत उनके दिल में एक अनूठी जगह रखता है।

उन्होंने कहा, “भारत एक जादुई स्थान है। यहाँ के लोग, खानपान, संस्कृति और हिंदू धर्म सब कुछ अद्वितीय है। यही कारण है कि हम बार-बार यहाँ आते हैं।”

लुक्रेजिया ने अपनी यात्राओं का जिक्र करते हुए बताया कि वह पहली बार 2024 में भारत आई थीं। इसके बाद वे 2025 में महाकुंभ में आईं और अब 2026 में माघ मेले में शामिल होने के लिए प्रयागराज पहुंची हैं।

उन्होंने कहा, “प्रयागराज के बाद मैं वाराणसी जाने की योजना बना रही हूँ, जिसे विश्व का सबसे पुराना शहर माना जाता है।”

लुक्रेजिया इस समय 10 दिनों की भारत यात्रा पर हैं। इस दौरान उन्होंने अपने आध्यात्मिक गुरु से जुड़ाव और उनके द्वारा मिले शिक्षाओं के बारे में भी चर्चा की।

उन्होंने बताया, “मेरे गुरु मुझे दया, करुणा और अनावश्यक चीजों को त्यागने की शिक्षा देते हैं। उनका कहना है कि खुद को स्वीकार करना सबसे बड़ी सीख है। उन्होंने सब कुछ छोड़ दिया है, इसलिए उनके पास सब कुछ है। मुझे उनका जीवन जीने का तरीका बहुत भाता है।”

माघ मेले के पहले शाही स्नान में विभिन्न सनातन परंपराओं के संतों और महात्माओं ने हिस्सा लिया। 44 दिनों तक चलने वाला माघ मेला 3 जनवरी को पौष पूर्णिमा के पावन स्नान के साथ त्रिवेणी संगम पर आरंभ हुआ था। इस दौरान छह प्रमुख स्नान पर्व होंगे और मेला 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के अंतिम स्नान के साथ समाप्त होगा।

अब तक लाखों श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई है। अधिकारियों के अनुसार, 3 जनवरी को ही लगभग 22 लाख श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया। आने वाले दिनों में यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। इस वर्ष प्रमुख स्नान तिथियों में 14 जनवरी को मकर संक्रांति, 18 जनवरी को मौनी अमावस्या, 23 जनवरी को बसंत पंचमी, 1 फरवरी को माघी पूर्णिमा और 15 फरवरी को महाशिवरात्रि शामिल हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। शहर और मेले के क्षेत्र में 1,500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी निगरानी एक केंद्रीकृत कमांड सेंटर से 24 घंटे की जा रही है। आधुनिक उपकरण, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, वॉच टॉवर और सक्रिय जल पुलिस के जरिए भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।

बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति, व्यापक व्यवस्थाएं और गहरी आध्यात्मिक भावना के साथ माघ मेला 2026 की भव्य शुरुआत ने एक बार फिर प्रयागराज को आस्था और संस्कृति के शाश्वत केंद्र के रूप में स्थापित कर दिया है।

Point of View

बल्कि विदेशी पर्यटकों पर भी गहरा असर डालता है। लुक्रेजिया का अनुभव यह दर्शाता है कि भारत में यात्रा का अर्थ केवल स्थानों की भोगना नहीं, बल्कि गहराई से जुड़ाव और अनुभव करना है।
NationPress
10/01/2026

Frequently Asked Questions

माघ मेला कब शुरू होता है?
माघ मेला 3 जनवरी को पौष पूर्णिमा के पावन स्नान के साथ शुरू होता है।
लुक्रेजिया का भारत में अनुभव कैसा रहा?
लुक्रेजिया ने भारत को 'जादुई देश' बताया और कहा कि हर बार का अनुभव पहले से खास रहा है।
माघ मेले में कितने प्रमुख स्नान पर्व हैं?
माघ मेले में कुल छह प्रमुख स्नान पर्व होते हैं।
प्रयागराज के बाद लुक्रेजिया कहाँ जाने की योजना बना रही हैं?
लुक्रेजिया वाराणसी जाने की योजना बना रही हैं।
माघ मेले में सुरक्षा के क्या इंतजाम हैं?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 1,500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और सुरक्षा के अन्य आधुनिक उपाय किए गए हैं।
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