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क्या शबाना आजमी के 'आंटीजी' किरदार की प्रेरणा बनीं यह महिला?

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क्या शबाना आजमी के 'आंटीजी' किरदार की प्रेरणा बनीं यह महिला?

सारांश

शबाना आजमी ने हाल ही में अपनी शॉर्ट फिल्म 'आंटीजी' के किरदार के पीछे की सच्ची कहानी को साझा किया। जानें उस महिला के बारे में, जिसने उनके किरदार को जीवंत बनाया।

मुख्य बातें

शबाना आजमी ने अपने किरदार के लिए असली प्रेरणा ली।
फिल्म 'आंटीजी' की कहानी व्यक्ति को जोड़ने का संदेश देती है।
असली जिंदगी की घटनाओं से प्रेरित कहानी।

मुंबई, 18 जून (राष्ट्र प्रेस)। प्रसिद्ध अभिनेत्री शबाना आजमी ने अपने करियर में जितने भी पात्र निभाए, उन्हें जीवंत और सशक्त बनाने के लिए कड़ी मेहनत की है। हाल ही में, उन्होंने अपनी चर्चित शॉर्ट फिल्म 'आंटीजी' के किरदार की सच्ची कहानी का खुलासा किया। उन्होंने इंस्टाग्राम पर उस महिला की तस्वीर साझा की, जो इस भूमिका की असली प्रेरणा हैं।

शबाना आजमी ने बताया कि शॉर्ट फिल्म 'आंटीजी' में उनका किरदार असल जीवन की एक महिला से प्रेरित था। उन्होंने इंस्टाग्राम पर उस महिला की एक फोटो शेयर की और कहा कि यही महिला उनके किरदार की प्रेरणा थी।

उन्होंने फोटो के साथ लिखा, ''जिस महिला से मैंने अपने किरदार के लिए प्रेरणा ली है, वह अदीव रिजवी की शॉर्ट फिल्म 'आंटीजी' की कहानी से जुड़ी हैं।''

तस्वीर में, शबाना ने अपना हाथ प्यार और सम्मान के साथ उनके कंधे पर रखा हुआ है।

2018 में रिलीज हुई फिल्म 'आंटीजी' एक दिल को छू लेने वाली शॉर्ट फिल्म है। यह फिल्म दिखाती है कि कैसे अनजान लोग भी एक-दूसरे से जुड़ सकते हैं और एक-दूसरे की मदद कर सकते हैं।

फिल्म की कहानी 20 मिनट की है और इसमें शबाना आजमी ने परवीन नाम की पारसी महिला का रोल निभाया है, जबकि अनमोल रोड्रिग्ज गीतिका की भूमिका में हैं, जो एसिड अटैक सर्वाइवर हैं।

दोनों ही बहुत अलग-अलग दुनिया से थे, लेकिन उनकी अचानक हुई मुलाकात ने उन्हें सपने, दर्द और अपने विचार एक-दूसरे के साथ साझा करने का मौका दिया। शुरुआत में सिर्फ एक छोटी सी मुलाकात धीरे-धीरे खास और गहरी दोस्ती बन गई। यह फिल्म जिंदगी अपने तरीके से जीने का संदेश देती है।

इस शॉर्ट फिल्म में शबाना आजमी के अलावा अकांक्षा ठाकुर, मोहित हीरानंदानी, धनंजय कपूर और गौरव कांबले जैसे अन्य कलाकार भी मुख्य भूमिका में थे।

शबाना आजमी ने 1974 में अपनी पहली फिल्म 'अंकुर' से फिल्मी दुनिया में कदम रखा था। पिछले 50 वर्षों में उन्होंने अपना एक अलग और खास मुकाम बनाया है। उन्होंने 160 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहना उचित होगा कि शबाना आजमी ने अपने किरदारों के माध्यम से समाज को एक नई दिशा दी है। उनकी फिल्मों का संदेश हमें एक-दूसरे से जोड़ने का प्रयास करता है। ऐसे किरदारों की आवश्यकता है जो वास्तविकता में भी मौजूद हैं।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या 'आंटीजी' एक वास्तविक कहानी पर आधारित है?
हाँ, 'आंटीजी' एक असली महिला की कहानी पर आधारित है, जिसने शबाना आजमी के किरदार को प्रेरित किया।
फिल्म 'आंटीजी' में शबाना आजमी का किरदार कौन है?
फिल्म में शबाना आजमी ने परवीन नाम की पारसी महिला का किरदार निभाया है।
क्या इस फिल्म का संदेश है?
यह फिल्म यह संदेश देती है कि कैसे अनजान लोग भी एक-दूसरे से जुड़ सकते हैं और मदद कर सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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