प्रियंका चोपड़ा ने आशा भोसले के निधन पर संवेदनाएं प्रकट की, कहा- उनकी कला ने देश के भावनात्मक परिदृश्य को प्रभावित किया
सारांश
Key Takeaways
- प्रियंका चोपड़ा ने आशा भोसले के लिए भावुक श्रद्धांजलि अर्पित की।
- आशा भोसले की कला ने भारतीय संगीत को प्रभावित किया।
- उनकी आवाज ने कई परंपराओं को जोड़ा।
- आशा जी को कई पुरस्कार मिले, जैसे दादा साहब फाल्के पुरस्कार।
- उनका अंतिम संस्कार 13 अप्रैल को होगा।
मुंबई, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा ने प्रसिद्ध पार्श्व गायिका आशा भोसले के निधन पर एक गहरी श्रद्धांजलि अर्पित की है। प्रियंका ने रविवार को अपने इंस्टाग्राम पर दिवंगत गायिका के साथ एक पुरानी तस्वीर साझा की।
उन्होंने अपने कैप्शन में एक विस्तृत नोट लिखा, जिसमें उन्होंने भारतीय संगीत पर आशा जी के प्रभाव, विभिन्न पीढ़ियों और संस्कृति में उनके योगदान के बारे में चर्चा की।
प्रियंका ने कहा, "कुछ क्षति ऐसी होती हैं जो आपके बचपन, आपकी यादों और आपके घर का एक हिस्सा खोने जैसा अनुभव कराती हैं। आशा जी हमारे लिए वैसी ही थीं। उनकी आवाज केवल भारतीय संगीत का हिस्सा नहीं थी, बल्कि यह हमारे जीवन का एक अभिन्न हिस्सा थी। यह हमारे बड़े होने के दौरान हमारे घरों में गूंजती थी, पारिवारिक समारोहों में, दुख के क्षणों में, खुशी के लम्हों में, उन शांत और शोर भरे पलों में जो हमारी यादों का हिस्सा बन गए।"
उन्होंने आगे कहा, "मेरी पीढ़ी और उसके पहले व बाद की पीढ़ियों के लिए, वह सिर्फ एक महान हस्ती नहीं थीं, बल्कि एक स्थायी साथी थीं। उनकी आवाज इतनी शाश्वत थी कि ऐसा लगता था कि वह हमेशा हमारे साथ रहेंगी। किसी ऐसे व्यक्ति को खोने का अनुभव व्यक्त करना कठिन है, जिसकी कला ने पूरे देश के भावनात्मक परिदृश्य को आकार दिया है।"
प्रियंका ने कहा, "धन्यवाद, आशा जी, हमें जीवनभर संगीत, भावनाएं और सुंदरता देने के लिए। आप संगीत जगत को मिले सबसे महान उपहारों में से एक थीं। शांति से विश्राम करें। आपकी आवाज हमेशा हमारे दिलों में जीवित रहेगी।"
आशा भोसले, जो अपने समय की सबसे प्रभावशाली गायिकाओं में से एक थीं, का रविवार को निधन हो गया। उन्हें शनिवार को ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। महाराष्ट्र के संस्कृति मंत्री आशीष शेलार ने अस्पताल के बाहर इस दुखद समाचार की घोषणा की। उनका अंतिम संस्कार सोमवार को शाम 4 बजे शिवाजी पार्क में किया जाएगा।
अपने पूरे करियर में आशा भोसले ने कई उल्लेखनीय गानों के लिए अनगिनत पुरस्कार प्राप्त किए। उन्हें वर्ष 2000 में प्रतिष्ठित दादा साहब फाल्के पुरस्कार और 2008 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था।