क्या मुंबई के विकास की कीमत पर्यावरण को चुकानी पड़ेगी? दीया मिर्जा का प्रभावशाली संदेश
सारांश
Key Takeaways
- दीया मिर्जा ने हरियाली और पेड़ों की सुरक्षा पर जोर दिया।
- विकास के नाम पर प्राकृतिक संसाधनों का नाश नहीं होना चाहिए।
- हमें मैंग्रोव और पुराने जंगलों की रक्षा करनी चाहिए।
- मुंबई जैसे शहरों को सतत विकास की आवश्यकता है।
- प्राकृतिक प्रणालियों का संरक्षण करना आवश्यक है।
मुंबई, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बॉलीवुड की प्रसिद्ध अभिनेत्री दीया मिर्जा नियमित रूप से सोशल मीडिया के माध्यम से पेड़ों की सुरक्षा और हरियाली के महत्व पर जोर देती हैं। शनिवार को भी उन्होंने इसी विषय पर चर्चा की।
दीया ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम पर हरे-भरे जंगलों की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, "हमें और अधिक हरियाली की आवश्यकता है। हमारे पेड़ शहीद नहीं हो सकते और उन्हें कभी भी शहीद नहीं होना चाहिए।"
उन्होंने मुंबई के पर्यावरण की स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, "शहर उस जीवन प्रणाली को खो रहा है जो हमें सांस लेने की सुविधा देती है। मैंग्रोव जंगल, पहाड़, नदियां और पुराने वन पीढ़ियों से हमारी सुरक्षा करते आए हैं। ये पेड़-पौधे जैव विविधता बनाए रखते हैं, जलवायु को नियंत्रित करते हैं, बाढ़ को रोकते हैं और ऑक्सीजन प्रदान करते हैं। इन्हें काटने के बाद कहीं और नए पेड़ लगाने से इनकी भरपाई नहीं हो सकती।"
दीया ने अपने बेटे का उदाहरण देते हुए कहा कि जब हम पेड़ काटते हैं, तो हम सिर्फ जमीन ही साफ नहीं करते, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के जीवन को भी खतरे में डालते हैं। उन्होंने लिखा, "यदि विकास के नाम पर हमें उन प्राकृतिक प्रणालियों को नष्ट करना पड़ता है जो हमें जीवित रखती हैं, तो यह विकास किसके लिए है? कुछ लोगों की सुविधा पूरे भविष्य की कीमत पर नहीं हो सकती। ऐसा विकास हर किसी के जीवन को कठिन बना देगा।"
दीया ने यह भी कहा कि मुंबई जैसे शहर को ऐसे विकास की आवश्यकता है जो जंगलों, मैंग्रोव, पहाड़ों और नदियों की रक्षा कर सके, न कि लोगों के जीवन को समाप्त कर दे। उन्होंने मुंबई नगर निगम को टैग करते हुए लिखा, "हम मुंबई के नागरिक आपके साथ मिलकर काम करेंगे और ऐसे समाधान प्रस्तुत करेंगे जिससे विकास भी हो और प्रकृति की रक्षा भी हो।"
दीया केवल एक अभिनेत्री नहीं हैं, बल्कि संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम की सद्भावना राजदूत भी रह चुकी हैं। इसके साथ ही, वह कई सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रही हैं।