नवमी पर अक्षरा सिंह की मां ने किया कन्या पूजन, भावुक वीडियो वायरल
सारांश
मुख्य बातें
भोजपुरी अभिनेत्री और गायिका अक्षरा सिंह के लिए इस बार नवरात्रि 2026 की नवमी बेहद खास रही। 20 अक्टूबर 2026 को मुंबई स्थित अपने घर पहुँचीं अक्षरा का इंतजार उनकी माँ कन्या पूजन की पूरी तैयारी के साथ कर रही थीं। माँ के इस भावभरे सरप्राइज ने अभिनेत्री का मन भर दिया और उन्होंने इस पल को इंस्टाग्राम पर अपने फैंस के साथ साझा किया।
क्या है कन्या पूजन की परंपरा
नवरात्रि के नौवें और अंतिम दिन यानी नवमी पर देशभर में घरों और मंदिरों में कन्या पूजन (जिसे 'कंजक' भी कहते हैं) की परंपरा निभाई जाती है। इस अनुष्ठान में छोटी कन्याओं को माता का स्वरूप मानकर उनके पैर धोए जाते हैं, आलता लगाया जाता है, माथे पर टीका किया जाता है, चूड़ियाँ पहनाई जाती हैं और चुनरी ओढ़ाई जाती है। इसके बाद हवन के साथ नवरात्रि का समापन होता है।
वायरल वीडियो में क्या दिखा
अक्षरा सिंह द्वारा इंस्टाग्राम पर साझा किए गए वीडियो में उनकी माँ पूरी श्रद्धा के साथ उनका कन्या पूजन करती दिख रही हैं। वीडियो में माँ पहले उनके पाँव साफ करती हैं, फिर आलता लगाती हैं, माथे पर टीका करती हैं, चूड़ियाँ पहनाती हैं और अंत में चुनरी ओढ़ाकर पूजन संपन्न करती हैं। अभिनेत्री ने पोस्ट में लिखा, 'आज नवमी पर मुंबई स्थित घर पहुँची, तो मम्मी अपनी आखिरी कन्या के पूजन के लिए मेरा इंतजार कर रही थीं और वो कन्या मैं हूँ। हर साल की तरह इस बार भी ये रस्म छूटने नहीं दी — आते ही ऐसा सरप्राइज मिला कि मन भर आया। माँ के लिए हम हमेशा उनकी छोटी-सी कन्या ही रहते हैं, चाहे कितने भी बड़े हो जाएँ। मम्मी, सब कुछ देने के लिए आपका शुक्रिया।'
फैंस की प्रतिक्रिया
अक्षरा सिंह का यह भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। हज़ारों यूज़र्स माँ-बेटी के इस स्नेहिल रिश्ते की सराहना कर रहे हैं और इसे 'दिल छू लेने वाला' बता रहे हैं।
नवरात्रि पर अक्षरा की धार्मिक गतिविधियाँ
इस नवरात्रि पर अक्षरा सिंह ने उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ और पटना में आयोजित नवरात्रि व डांडिया कार्यक्रमों में शिरकत की, जहाँ उन्हें देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ी। इसके अलावा उनका नया देवी गीत 'दुर्गा मैया से सीख न धूल फूल चटावे के' (गीतकार: मनोज भावुक) उनके आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर रिलीज हुआ, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। गौरतलब है कि अक्षरा भोजपुरी सिनेमा और संगीत जगत में अपनी धार्मिक आस्था और पारिवारिक मूल्यों के लिए पहचानी जाती हैं।