क्यों मधुबाला ने ठुकराया ऑस्कर विजेता डायरेक्टर का प्रस्ताव?
सारांश
Key Takeaways
- मधुबाला का असली नाम मुमताज जहां देहलवी था।
- उन्होंने ऑस्कर विजेता डायरेक्टर का ऑफर ठुकराया।
- 'मुगल-ए-आजम' उनकी सबसे प्रसिद्ध फिल्म है।
- उनका जीवन कठिनाइयों से भरा था, फिर भी उन्होंने अपने मूल्यों को नहीं छोड़ा।
- 36 वर्ष की आयु में उनका निधन हुआ।
मुंबई, 22 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। जब भी मधुबाला का नाम लिया जाता है, तो लोगों के दिलों में पुरानी यादें ताजा हो जाती हैं। 14 फरवरी 1933 को दिल्ली में जन्मी मधुबाला का असली नाम मुमताज जहां देहलवी था। बचपन से ही उनके चेहरे में एक अलग चमक थी, जिसने फिल्म निर्माताओं और दर्शकों दोनों को मोहित कर दिया।
9 साल की उम्र में 'बसंत' से बाल कलाकार के रूप में अपने करियर की शुरुआत करने वाली मधुबाला आगे चलकर बॉलीवुड की एक प्रमुख तारा बन गईं। उनकी चर्चा न केवल भारत में, बल्कि विदेशों में भी हुई।
उस समय यह कम ही देखने को मिलता था कि कोई भारतीय अभिनेत्री विदेश से ऑफर पाती। लेकिन ऑस्कर विजेता डायरेक्टर फ्रैंक कैप्रा ने उन्हें अमेरिका में बड़े बजट की फिल्मों का प्रस्ताव भेजा। यह ऑफर उन्हें हॉलीवुड में भी प्रसिद्धि दिला सकता था, लेकिन मधुबाला ने इसे ठुकरा दिया।
उन्होंने हमेशा अपने परिवार और देश को पहले रखा। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि यह निर्णय उनके करियर के लिए आसान नहीं था। असली सफलता केवल ग्लैमर या पैसे में नहीं, बल्कि अपने मूल्यों और निर्णयों में होती है।
अपने 22 साल के करियर में मधुबाला ने लगभग 70 फिल्मों में काम किया। 'महल', 'मुगल-ए-आजम', और 'चलती का नाम गाड़ी' जैसी फिल्मों ने उन्हें सिनेमा की सौंदर्य देवी का खिताब दिलाया। उनका जीवन सरल नहीं था। बचपन में ही उन्होंने कई आर्थिक कठिनाइयों का सामना किया, और बाद में दिल की बीमारी ने उनकी जिंदगी की चुनौतियों को और बढ़ा दिया।
मधुबाला की सफलता का सबसे बड़ा प्रतीक फिल्म 'मुगल-ए-आजम' बनी। यह हिंदी सिनेमा की ऐतिहासिक फिल्मों में गिनी जाती है। इस फिल्म की शूटिंग के दौरान वह गंभीर दिल की बीमारी से जूझ रही थीं, फिर भी उन्होंने शूटिंग पूरी की। कई बार सेट पर उनकी तबीयत बिगड़ जाती थी, लेकिन उन्होंने कभी अपने काम को बीच में नहीं छोड़ा।
बीमारी ने धीरे-धीरे उनके करियर को सीमित कर दिया, लेकिन उन्होंने कभी अपनी कमजोरी को बाधा नहीं बनने दिया। 23 फरवरी 1969 को मात्र 36 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया।