महिलाओं का वर्चस्व: सदन में हेमा मालिनी ने उठाया महत्वपूर्ण मुद्दा
सारांश
Key Takeaways
- महिला आरक्षण विधेयक महिलाओं की शक्ति और संघर्ष का प्रतीक है।
- सरकार ने महिलाओं के लिए कई सशक्तिकरण योजनाएं लागू की हैं।
- महिलाएं हर क्षेत्र में अग्रणी बन रही हैं।
- हिंदी सिनेमा में महिलाओं का योगदान महत्वपूर्ण है।
- हेमा मालिनी ने सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण मुद्दों पर जोर दिया।
नई दिल्ली, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पर चर्चा करते हुए, हिंदी सिनेमा की प्रसिद्ध अभिनेत्री और मथुरा से सांसद हेमा मालिनी ने सदन में सरकार की उन नीतियों की प्रशंसा की, जिन्होंने महिलाओं को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया।
उन्होंने हिंदी सिनेमा में महिलाओं के प्रति आए बदलावों पर भी प्रकाश डाला।
महिला आरक्षण संशोधन विधेयक के संदर्भ में उन्होंने कहा, "आज का दिन हमारे देश और महिलाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण और भावनात्मक है। यह केवल एक विधेयक नहीं है, बल्कि यह करोड़ों महिलाओं की शक्ति, संघर्ष और सम्मान का प्रतीक है। महिलाएं हमेशा से ही परिवार और समाज को सशक्त करती आई हैं, बिना किसी पहचान के। यह विधेयक महिलाओं को पहचान देने के साथ-साथ आवाज उठाने की शक्ति भी प्रदान करेगा। जब महिलाएं आगे बढ़ती हैं, तो वे अकेली नहीं होतीं, बल्कि पूरे समाज के साथ आगे बढ़ती हैं। यह विधेयक आने वाली पीढ़ियों की बेटियों को भी विश्वास दिलाएगा कि वे भारत के विकास में योगदान कर सकती हैं और अपने सपनों को साकार कर सकती हैं।
उन्होंने आगे कहा, "जब से पीएम मोदी ने 2014 में प्रधानमंत्री का पद संभाला है, तब से केंद्र सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों के लिए कई महत्वपूर्ण नीतियाँ बनाई हैं। मोदी सरकार ने महिलाओं के लिए ऐसे कई कानून बनाए हैं, जो उन्हें सुरक्षा, शिक्षा, समानता और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का काम कर रहे हैं।
अपने भाषण में हेमा मालिनी ने उन योजनाओं का उल्लेख किया, जो भाजपा सरकार द्वारा महिलाओं के लिए शुरू की गई थीं। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद से भाजपा सरकार ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, उज्ज्वला योजना, मातृ वंदना योजना, जन-धन योजना, मिशन शक्ति, मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और लखपति दीदी योजना लागू की।
अभिनेत्री ने कहा, "हमारी सरकार ने केवल योजनाओं की घोषणा नहीं की है, बल्कि उन्हें जमीनी स्तर पर भी लागू किया है। यही कारण है कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अग्रणी हैं। पृथ्वी से लेकर अंतरिक्ष तक ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है, जहाँ महिलाएं नहीं पहुँची हैं। आज की महिलाएं रॉकेट, फाइटर प्लेन और मेट्रो चला रही हैं। हमारे देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपने नेतृत्व में देश को आगे बढ़ा रही हैं। यह सब भाजपा की सोच का परिणाम है।
हेमा मालिनी ने हिंदी सिनेमा में अपने उन मील का पत्थर किरदारों का भी जिक्र किया, जो महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बने। उन्होंने 'बसंती' और 'सीता और गीता' का उदाहरण देते हुए कहा कि सिनेमा में महिलाओं का योगदान महत्वपूर्ण रहा है।
उन्होंने कहा, "एक समय था जब हिंदी सिनेमा में अभिनेत्रियों के लिए काम करना कठिन था। पुरुष ही महिलाओं के हिस्से का रोल निभाते थे, लेकिन फिर समय बदला जब मीना कुमारी, नरगिस, और मधुबाला जैसी अदाकाराओं ने फिल्म उद्योग में कदम रखा। संगीत उद्योग में भी ऐसी महिलाएं हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत से अद्वितीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं। आशा भोसले और लता मंगेशकर ने अपने संघर्ष से यह साबित किया। मैंने अपने करियर में बसंती से लेकर पुलिस इंस्पेक्टर के किरदार निभाए, जिससे महिलाओं को प्रेरणा मिली।
आखिर में, हेमा मालिनी ने आशा भोसले को श्रद्धांजलि अर्पित की।