क्या महिमा चौधरी ने 'किस्मत' के जरिए अपने जीवनसाथी का जिक्र किया?
सारांश
Key Takeaways
- महिमा चौधरी ने शादी को किस्मत से जोड़ा।
- आज की युवा पीढ़ी की वफादारी पर जोर दिया।
- शादी में दो लोगों का खुश रहना आवश्यक है।
- पुराने समय की तुलना में आज का समाज बदल चुका है।
- फिल्म 'दुर्लभ प्रसाद की दूसरी शादी' एक पारिवारिक कॉमेडी है।
मुंबई, 4 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। प्रसिद्ध अभिनेता संजय मिश्रा और अभिनेत्री महिमा चौधरी की नई फिल्म 'दुर्लभ प्रसाद की दूसरी शादी' जल्द ही सिनेमाघरों में आएगी। गुरुवार को इस फिल्म का ट्रेलर जारी किया गया।
ट्रेलर लॉन्च इवेंट के दौरान, महिमा चौधरी ने विवाह, रिश्तों और आज की युवा पीढ़ी की वफादारी पर अपने विचार साझा किए।
महिमा का मानना है कि वर्तमान युवा पीढ़ी पहले से अधिक वफादार है। सोशल मीडिया के कारण यदि कोई धोखा करते पकड़ा जाता है, तो यह तुरंत सबको पता चल जाता है। अब लोगों के पास विकल्प सीमित हैं।
महिमा ने आगे कहा कि पहले के समय में पुरुष शादी के बाद भी अन्य महिलाओं के साथ संबंध बनाने का सोचते थे, लेकिन अब ऐसा करना कठिन हो गया है क्योंकि समाज अब इसे स्वीकार नहीं करता।
महिमा ने शादी के बारे में एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, "आपने सुना होगा कि शादी वह लड्डू है, जो खाए, वह पछताए और जो न खाए, वह भी पछताए। मेरे माता-पिता की शादी बहुत अच्छी रही है और मैंने भी उसी रास्ते पर चलने की कोशिश की। मुझे लगता है कि जीवन में किसी एक का साथ होना बेहद महत्वपूर्ण है, कोई ऐसा जो आपके साथ जीवनभर चल सके।"
शादी को किस्मत से जोड़ते हुए, उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि किसी का साथ होना भी एक किस्मत की बात है। पहले लोग शादी से पहले सभी पहलुओं पर ध्यान देते थे, जैसे परिवार, स्वभाव और विचार। मुझे भी लगता है कि शादी तब करनी चाहिए जब कई बातें आपस में मिलती हों। इससे रिश्ता मजबूत होता है और समस्याएं कम होती हैं।"
फिल्म 'दुर्लभ प्रसाद की दूसरी शादी' एक पारिवारिक कॉमेडी ड्रामा है, जिसमें महिमा चौधरी और संजय मिश्रा मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म 19 दिसंबर को रिलीज होगी।