मलयालम फिल्म 'हाफ' ने टीआईएफएफ में रचा इतिहास, मिडनाइट मैडनेस सेक्शन में जगह पाने वाली पहली मलयालम फिल्म
सारांश
मुख्य बातें
निर्देशक समजद पीएस की मलयालम फिल्म 'हाफ' ने टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (टीआईएफएफ) में एक ऐतिहासिक पड़ाव हासिल किया है — यह फेस्टिवल के प्रतिष्ठित मिडनाइट मैडनेस सेक्शन में प्रदर्शित होने वाली पहली मलयालम फिल्म बन गई है। 19 सितंबर 2026 को सामने आई इस खबर ने भारतीय क्षेत्रीय सिनेमा के वैश्विक परिदृश्य पर बढ़ते प्रभाव को एक बार फिर रेखांकित किया है।
दर्शकों की जबरदस्त प्रतिक्रिया
फेस्टिवल में मौजूद सूत्रों के अनुसार, 'हाफ' की स्क्रीनिंग के दौरान थिएटर में उत्साह का असाधारण माहौल रहा। अंतरराष्ट्रीय दर्शकों ने फिल्म की रॉ, अलग और बेहद प्रभावशाली सिनेमाई प्रस्तुति की खुलकर तारीफ की। कई दृश्यों पर दर्शकों की तालियाँ गूँजती रहीं और स्क्रीनिंग के बाद आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र तक यह उत्साह बरकरार रहा।
प्रश्नोत्तर सत्र में टीम की मौजूदगी
स्क्रीनिंग के बाद हुए प्रश्नोत्तर सत्र में निर्देशक समजद पीएस, निर्माता ऐन सजीव और पी.के. सजीव, मुख्य अभिनेता रंजीत सजीव और ऐश्वर्या राज, संगीतकार मिथुन मुकुंदन तथा साउंड डिजाइनर विष्णु गोविंद उपस्थित रहे। इस सत्र में दर्शकों ने फिल्म की थीम, निर्माण प्रक्रिया, विजुअल लैंग्वेज, संगीत और साउंड डिजाइन पर गहन चर्चा की।
दर्शकों ने रंजीत सजीव और ऐश्वर्या राज के अभिनय की विशेष सराहना की और उनके किरदारों को लेकर कई सवाल पूछे। वेरी ट्राई युलिसमैन द्वारा तैयार की गई फाइट कोरियोग्राफी को खास प्रशंसा मिली, जबकि फिल्म के एक्शन सीक्वेंस चर्चा का प्रमुख विषय बने।
निर्माण और तकनीकी टीम
'हाफ' को फ्रैग्रेंट नेचर फिल्म क्रिएशंस के बैनर तले ऐन सजीव और पी.के. सजीव ने निर्मित किया है। फिल्म की तकनीकी टीम में सिनेमैटोग्राफर पप्पिनु, एडिटर महेश भुवनेंद और साउंड डिजाइनर विष्णु गोविंद शामिल हैं। संगीत और साउंड डिजाइन को फिल्म के रोमांचक और प्रभावशाली माहौल का अहम स्तंभ बताया गया।
वितरण और अंतरराष्ट्रीय बिक्री
टीआईएफएफ में मिली सफलता के साथ फिल्म की व्यावसायिक यात्रा भी गति पकड़ चुकी है। एक्सेल एंटरटेनमेंट और एए फिल्म्स उत्तर भारत में फिल्म को प्रस्तुत और वितरित करेंगे, जबकि अंतरराष्ट्रीय बिक्री अधिकार बेस्ट फ्रेंड फॉरएवर (बीएफएफ) ने हासिल किए हैं।
क्षेत्रीय सिनेमा की वैश्विक छलांग
यह ऐसे समय में आया है जब मलयालम सिनेमा लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी पहचान मज़बूत कर रहा है। टीआईएफएफ का मिडनाइट मैडनेस सेक्शन मुख्यतः हॉरर, थ्रिलर और शैली-तोड़ने वाली फिल्मों के लिए जाना जाता है, और इसमें जगह पाना किसी भी फिल्म के लिए वैश्विक स्तर पर चर्चा का द्वार खोल देता है। गौरतलब है कि इससे पहले किसी भी मलयालम फिल्म को यह सम्मान नहीं मिला था। 'हाफ' की इस उपलब्धि के साथ भारतीय क्षेत्रीय सिनेमा के लिए अंतरराष्ट्रीय महोत्सव परिदृश्य में नई संभावनाओं का रास्ता खुलता दिख रहा है।