30 अगस्त 2026
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मोनालिसा का भोजपुरी इंडस्ट्री के बचाव में बयान: 'म्यूजिक वीडियो देखकर पूरी इंडस्ट्री को जज करना गलत'

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मोनालिसा का भोजपुरी इंडस्ट्री के बचाव में बयान: 'म्यूजिक वीडियो देखकर पूरी इंडस्ट्री को जज करना गलत'

सारांश

मोनालिसा ने साफ कहा — भोजपुरी इंडस्ट्री को सिर्फ वायरल म्यूजिक वीडियो के चश्मे से देखना न्यायसंगत नहीं। एक दशक से नेशनल टेलीविजन पर सक्रिय इस अभिनेत्री का यह बयान उस पुरानी बहस को नई धार देता है कि क्षेत्रीय सिनेमा की पहचान उसकी फिल्मों से हो, न उसके वायरल गानों से।

मुख्य बातें

मोनालिसा ने कहा कि भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री को डबल मीनिंग गानों से जोड़कर जज करना उचित नहीं।
उनके अनुसार, दर्शकों की नकारात्मक धारणा मुख्यतः वायरल म्यूजिक वीडियो के कारण बनती है, न कि फिल्मों के कारण।
मोनालिसा करीब एक दशक से नेशनल टेलीविजन पर सक्रिय हैं और 'बिग बॉस' व 'नच बलिए' जैसे शोज़ में हिस्सा ले चुकी हैं।
उन्होंने साउथ इंडियन और बंगाली सिनेमा को क्षेत्रीय इंडस्ट्री की सफलता के उदाहरण के रूप में पेश किया।
अभिनेत्री ने कहा कि भोजपुरी फिल्मों की कहानी और ट्रीटमेंट म्यूजिक वीडियो से बिल्कुल अलग होता है।

भोजपुरी और नेशनल टेलीविजन की जानी-मानी अभिनेत्री मोनालिसा ने 30 अगस्त को भोजपुरी सिनेमा को लेकर चली आ रही आलोचनाओं पर खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि कुछ म्यूजिक वीडियो या गानों के आधार पर पूरी भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री को डबल मीनिंग और अश्लील कंटेंट से जोड़ना सरासर गलत है। मोनालिसा के अनुसार, जो लोग इस इंडस्ट्री की आलोचना करते हैं, उनमें से कई ने असल में भोजपुरी फिल्में देखी ही नहीं हैं।

म्यूजिक वीडियो बनाम फिल्में: मोनालिसा का तर्क

मोनालिसा ने स्पष्ट किया कि दर्शकों की धारणा मुख्यतः उन म्यूजिक वीडियो से बनती है जो इंटरनेट पर तेज़ी से वायरल होते हैं और लाखों-करोड़ों व्यूज बटोरते हैं। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि लोगों की सोच फिल्मों से ज़्यादा उन म्यूजिक वीडियो की वजह से बनी है, जो इंटरनेट पर तेज़ी से वायरल होते हैं और उसी के आधार पर वे पूरी इंडस्ट्री को जज करने लगते हैं।'

उन्होंने यह भी जोड़ा कि एल्बम और म्यूजिक वीडियो में भले ही ग्लैमर अधिक दिखे, लेकिन भोजपुरी फिल्मों की कहानी और उनका ट्रीटमेंट बिल्कुल अलग होता है। उनके अनुसार, 'भोजपुरी फिल्मों में अच्छे कलाकार हैं और हम लोग फिल्मों में पूरी ईमानदारी से अच्छा काम करते हैं।'

रीजनल सिनेमा की बढ़ती ताकत

मोनालिसा ने भारत में तेज़ी से उभर रहे क्षेत्रीय सिनेमा पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अब केवल हिंदी सिनेमा ही दर्शकों का ध्यान नहीं खींचता, बल्कि अलग-अलग राज्यों की फिल्म इंडस्ट्री भी लगातार मज़बूत हो रही है। क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों को देश के दूसरे हिस्सों में भी दर्शक मिल रहे हैं और कलाकारों को पहले के मुकाबले कहीं बड़ा मंच मिल रहा है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि साउथ इंडियन और बंगाली सिनेमा कई मामलों में लंबे समय से आगे रहे हैं, और अब दूसरी क्षेत्रीय इंडस्ट्री भी तेज़ी से अपनी पहचान मज़बूत कर रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब 'RRR', 'पुष्पा' और 'कांतारा' जैसी फिल्मों ने साबित किया है कि क्षेत्रीय सिनेमा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी धाक जमा सकता है।

मोनालिसा का अपना सफर

अभिनेत्री ने बताया कि उन्होंने रीजनल बैकग्राउंड से आने के बावजूद काफी पहले ही नेशनल एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में कदम रखने की कोशिश शुरू कर दी थी। उन्होंने कहा, 'करीब एक दशक से मैं नेशनल टेलीविजन का हिस्सा हूं।' मोनालिसा ने 'बिग बॉस' और 'नच बलिए' जैसे चर्चित रियलिटी शोज़ के अलावा कई टेलीविजन सीरियल्स और साउथ इंडियन फिल्मों में भी काम किया है।

गौरतलब है कि मोनालिसा उन गिनी-चुनी भोजपुरी अभिनेत्रियों में से हैं जिन्होंने क्षेत्रीय सिनेमा की सीमाओं से बाहर निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर सफलतापूर्वक अपनी पहचान बनाई है।

आगे क्या

मोनालिसा की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भोजपुरी कंटेंट को लेकर सोशल मीडिया और मुख्यधारा मीडिया में बहस तेज़ हो रही है। उनका यह बयान इंडस्ट्री के भीतर से एक आत्म-मूल्यांकन की माँग को भी रेखांकित करता है — कि म्यूजिक वीडियो और फीचर फिल्मों को एक ही तराज़ू पर नहीं तौला जाना चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इंडस्ट्री के भीतर की जवाबदेही को भी नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। म्यूजिक वीडियो और फिल्मों के बीच का फर्क वैध है, पर यह भी सच है कि इन्हीं वायरल वीडियो से इंडस्ट्री को व्यावसायिक फायदा मिलता है। आलोचना को सिरे से खारिज करने की बजाय भोजपुरी इंडस्ट्री को एक आत्म-नियामक ढाँचे की ज़रूरत है जो फिल्मों की गुणवत्ता और कंटेंट मानकों को स्थापित करे। रीजनल सिनेमा की राष्ट्रीय स्वीकार्यता तभी बढ़ेगी जब इंडस्ट्री खुद अपनी छवि को परिभाषित करने की पहल करे।
RashtraPress
30 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोनालिसा ने भोजपुरी सिनेमा की आलोचना पर क्या कहा?
मोनालिसा ने कहा कि वायरल म्यूजिक वीडियो के आधार पर पूरी भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री को जज करना सही नहीं है। उनके अनुसार, फिल्मों की कहानी और ट्रीटमेंट म्यूजिक वीडियो से बिल्कुल अलग होता है।
मोनालिसा का नेशनल टेलीविजन में क्या करियर रहा है?
मोनालिसा करीब एक दशक से नेशनल टेलीविजन पर सक्रिय हैं। उन्होंने 'बिग बॉस' और 'नच बलिए' जैसे रियलिटी शोज़ के अलावा कई टेलीविजन सीरियल्स और साउथ इंडियन फिल्मों में भी काम किया है।
भोजपुरी सिनेमा को लेकर आलोचना क्यों होती है?
भोजपुरी सिनेमा की आलोचना मुख्यतः उन म्यूजिक वीडियो और गानों के कारण होती है जिनमें डबल मीनिंग और ग्लैमर का अधिक इस्तेमाल होता है। ये वीडियो इंटरनेट पर तेज़ी से वायरल होते हैं और लाखों-करोड़ों व्यूज बटोरते हैं, जिससे दर्शकों की नकारात्मक धारणा बनती है।
मोनालिसा ने रीजनल सिनेमा के भविष्य पर क्या कहा?
मोनालिसा के अनुसार, अब केवल हिंदी सिनेमा ही दर्शकों का ध्यान नहीं खींचता — साउथ इंडियन और बंगाली सिनेमा की तरह अन्य क्षेत्रीय इंडस्ट्री भी तेज़ी से अपनी पहचान मज़बूत कर रही हैं। क्षेत्रीय कलाकारों को पहले के मुकाबले कहीं बड़ा मंच मिल रहा है।
क्या भोजपुरी फिल्में और म्यूजिक वीडियो एक जैसे होते हैं?
मोनालिसा के अनुसार नहीं — एल्बम और म्यूजिक वीडियो में ग्लैमर अधिक हो सकता है, लेकिन भोजपुरी फिल्मों की कहानी और उनका ट्रीटमेंट अलग होता है। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री में अच्छे कलाकार हैं जो ईमानदारी से काम करते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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