नागपंचमी 2026: जैकी श्रॉफ, दीपिका चिखलिया और सुनील शेट्टी ने इंस्टाग्राम पर दी फैंस को हार्दिक शुभकामनाएं
सारांश
मुख्य बातें
श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर 17 अगस्त 2026 (सोमवार) को देशभर में नागपंचमी का पर्व उत्साह के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर बॉलीवुड अभिनेता जैकी श्रॉफ, अभिनेत्री दीपिका चिखलिया और अभिनेता सुनील शेट्टी ने सोशल मीडिया के ज़रिए अपने करोड़ों प्रशंसकों को शुभकामनाएं दीं और त्योहार की परंपराओं से जुड़ी खास झलकियाँ साझा कीं।
जैकी श्रॉफ का नाग मंदिर में दर्शन
अभिनेता जैकी श्रॉफ ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज़ पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें वे नाग मंदिर में दर्शन करते नज़र आ रहे हैं। तस्वीर के साथ उन्होंने लिखा, 'नाग पंचमी के पावन अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।' श्रॉफ की इस पोस्ट को प्रशंसकों ने खूब सराहा।
दीपिका चिखलिया का संस्कृति-संरक्षण का संदेश
रामायण में सीता की भूमिका से घर-घर में पहचानी जाने वाली अभिनेत्री दीपिका चिखलिया ने इंस्टाग्राम पर एक विशेष तस्वीर पोस्ट कर लिखा, 'नाग पंचमी की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं, नाग देवता का आशीर्वाद आपके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि, सौभाग्य और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आए। अपनी परंपराओं को अपनाए रखो, अपनी संस्कृति को ज़िंदा रखो।' उनका यह संदेश सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने की प्रेरणा देता है।
सुनील शेट्टी की बचपन की यादें और मंगलुरु से जुड़ाव
अभिनेता सुनील शेट्टी ने इंस्टाग्राम पर नाग देवता का पूजन करते हुए एक वीडियो साझा किया। उन्होंने भावुक होते हुए लिखा, 'नाग पंचमी मुझे घर की याद दिलाती है। मैं मुल्की, मंगलुरु में बड़ा हुआ हूं। वहाँ नाग देव हमारे परिवार और परंपराओं का हमेशा से हिस्सा रहे हैं। मेरे लिए ये सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि यह हमें हमारी आस्था, संस्कार और अपनी जड़ों से जुड़े होने की याद दिलाता है। इस नाग पंचमी पर मैं नाग देव से शांति, ताकत और रक्षा का आशीर्वाद माँगता हूं।'
नागपंचमी का धार्मिक और पौराणिक महत्व
नागपंचमी हिंदू धर्म का एक प्रमुख पर्व है, जिसमें नाग देवता (सर्प) की विधिवत पूजा की जाती है और परिवार की रक्षा तथा सुख-शांति की प्रार्थना की जाती है। श्रावण मास में भोलेनाथ की उपासना का विशेष महत्व है — मान्यता है कि भगवान शिव के गले में वासुकी नाग का वास है, इसलिए इस दिन विशेष पूजा से कुंडली के सर्प दोष से मुक्ति मिलती है। इस दिन जीवित सांपों की बजाय मिट्टी, चाँदी या चित्र के रूप में नाग देवता की पूजा करने की परंपरा है।
पौराणिक कथाएं: जन्मेजय से कालिया नाग तक
नागपंचमी का पर्व मुख्यतः दो पौराणिक प्रसंगों से जुड़ा है। पहला — महाभारत काल में राजा परीक्षित की मृत्यु तक्षक नाग के डसने से हुई, जिसके बाद उनके पुत्र राजा जन्मेजय ने समस्त नाग वंश के विनाश के लिए 'सर्पसत्र यज्ञ' आरंभ किया। तब आस्तिक मुनि ने यज्ञ रुकवाकर नाग वंश की रक्षा की — वह दिन श्रावण मास की पंचमी था। दूसरा प्रसंग भगवान श्रीकृष्ण द्वारा कालिया नाग के दमन की कथा से जुड़ा है, जो नागपंचमी के उत्सव को और भी गहरा अर्थ देती है।