राम्या कृष्णन के 56वें जन्मदिन पर जैकी श्रॉफ ने दी दिल से बधाई, 'बाहुबली' की शिवगामी को मिला प्यार
सारांश
मुख्य बातें
बॉलीवुड अभिनेता जैकी श्रॉफ ने 15 सितंबर 2026 को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अभिनेत्री राम्या कृष्णन को उनके 56वें जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएं दीं। 15 सितंबर 1970 को चेन्नई में जन्मी राम्या ने इस वर्ष अपने जीवन के छह दशक पूरे किए।
जैकी श्रॉफ की भावभीनी पोस्ट
जैकी ने अपनी पोस्ट में राम्या कृष्णन की दो तस्वीरें साझा कीं — एक में वह स्टेटमेंट ईयररिंग्स के साथ लाल साड़ी में दिख रही हैं, जबकि दूसरी में वह एक सुंदर काली साड़ी में नज़र आती हैं। तस्वीरों के साथ जैकी ने एक साधारण ग्राफिक भी जोड़ा जिसमें लिखा था, 'हमेशा खुशियां!'
गौरतलब है कि जैकी और राम्या ने 1997 में आई हिंदी एक्शन फिल्म 'शपथ' में एक साथ काम किया था। राजीव बब्बर द्वारा निर्देशित इस फिल्म में मिथुन चक्रवर्ती, जैकी श्रॉफ और राम्या कृष्णन प्रमुख भूमिकाओं में थे। जैकी ने फिल्म में इंस्पेक्टर किशन की भूमिका निभाई थी, जबकि राम्या ने कविता डी. कल्लू का किरदार जीया था।
राम्या कृष्णन का चार दशकों का शानदार करियर
राम्या कृष्णन ने मनोरंजन जगत में लगभग चार दशकों का सफर तय किया है। उन्होंने तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और हिंदी सिनेमा में अपनी अमिट छाप छोड़ी है। एक किशोरी के रूप में अभिनय की दुनिया में कदम रखने के बाद उन्होंने खुद को दक्षिण भारतीय सिनेमा की सबसे प्रभावशाली अभिनेत्रियों में शुमार किया।
तमिल सिनेमा में उनके अनेक यादगार किरदार हैं, लेकिन रजनीकांत अभिनीत फिल्म 'पदयप्पा' में उनकी नीलांबरी की भूमिका को करियर की निर्णायक परफॉर्मेंस माना जाता है। उन्होंने कमल हासन की 'पंचतन्थिरम' और समीक्षकों द्वारा सराही गई 'सुपर डीलक्स' जैसी फिल्मों में भी अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया।
'बाहुबली' की शिवगामी से राष्ट्रीय पहचान
राम्या कृष्णन पहले ही दक्षिण भारतीय सिनेमा में एक बड़ा नाम बन चुकी थीं, लेकिन निर्देशक एसएस राजामौली की महाकाव्य फिल्म 'बाहुबली: द बिगिनिंग' और 'बाहुबली 2: द कन्क्लूजन' ने उन्हें पूरे देश में घर-घर पहचाना चेहरा बना दिया। महिष्मती साम्राज्य की शक्तिशाली कुलमाता शिवगामी देवी के रूप में उनका प्रदर्शन इस फ्रेंचाइजी का सबसे चर्चित और यादगार पहलू बन गया।
हिंदी सिनेमा में राम्या का सफर
राम्या की पहली हिंदी फिल्म 1988 में आई 'दयावान' थी। इसके बाद उन्होंने 'खल नायक', 'परंपरा', 'क्रिमिनल', 'चाहत', 'बनारसी बाबू', 'लोहा', 'शपथ', 'वजूद' और 'बड़े मियां छोटे मियां' जैसी फिल्मों में भी काम किया।
बॉलीवुड से लंबे अंतराल के बाद राम्या 2022 में फिल्म 'लाइगर' के साथ हिंदी सिनेमा में वापस लौटीं, जिसमें उन्होंने विजय देवरकोंडा की माँ की भूमिका निभाई। इसके बाद 2025 में उन्होंने 'जाट' में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। अपने करियर के छठे दशक में भी राम्या कृष्णन भारतीय सिनेमा की एक अपरिहार्य और प्रभावशाली आवाज़ बनी हुई हैं।