15 सितंबर 2026
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तमिलनाडु के 9 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, 20 सितंबर तक नीलगिरी-कोयंबटूर में तूफानी हवाएं

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तमिलनाडु के 9 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, 20 सितंबर तक नीलगिरी-कोयंबटूर में तूफानी हवाएं

सारांश

तमिलनाडु में निम्न दबाव क्षेत्र के चलते 9 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी है और नीलगिरी-कोयंबटूर में 20 सितंबर तक तूफान की चेतावनी है। बिजली गिरने से दो मज़दूरों की जान गई, पेराम्बालुर में लोग बाढ़ में फंसे और विरुधुनगर में जलभराव से व्यापारी प्रभावित हुए।

मुख्य बातें

क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने 15 सितंबर 2026 को तमिलनाडु के 9 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया।
नीलगिरी और कोयंबटूर में 20 सितंबर 2026 तक तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश जारी रहने का अनुमान।
बिजली गिरने की दो अलग-अलग घटनाओं में डिंडीगुल और तेनकासी जिले में दो मज़दूरों की मौत।
पेराम्बालुर जिले में अचानक बाढ़ में फंसे लोगों को स्थानीय निवासियों ने रस्सियों से बचाया।
तमिलनाडु के आंतरिक इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से 3°C तक अधिक रहने की चेतावनी।
दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक से दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक फैला निम्न दबाव क्षेत्र मौसम की मुख्य वजह।

क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को तमिलनाडु के नौ जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि नीलगिरी और कोयंबटूर में 20 सितंबर 2026 तक तेज हवाओं के साथ लगातार मूसलाधार बारिश बने रहने का अनुमान है। इस बीच, राज्य के विभिन्न हिस्सों में बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो चुकी है और कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है।

मौसम प्रणाली और प्रभावित जिले

दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक से लेकर दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक फैले एक निम्न दबाव क्षेत्र के कारण तमिलनाडु में मौसम का मिज़ाज बिगड़ा हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार नीलगिरी, कोयंबटूर, इरोड, सलेम, कृष्णागिरी, धर्मपुरी, वेल्लोर, तिरुपत्तूर और रानीपेट जिलों में भारी बारिश का अनुमान है। इसके अलावा मदुरै, डिंडीगुल, विरुधुनगर और शिवगंगा में गरज और बिजली के साथ मध्यम बारिश होने की संभावना है।

गौरतलब है कि बुधवार, 16 सितंबर को तिरुवनमलाई, वेल्लोर, तिरुपत्तूर और रानीपेट के साथ-साथ कावेरी डेल्टा के जिलों — तंजावुर, तिरुवरूर, मयिलादुथुराई और नागपट्टिनम — में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान है। चेन्नई में शाम या रात के दौरान मध्यम बारिश हो सकती है।

बिजली गिरने से दो लोगों की मौत

बारिश के साथ आई बिजली ने दो अलग-अलग घटनाओं में दो मज़दूरों की जान ले ली। डिंडीगुल जिले के रेड्डीयार्चत्रम के पास सिलवरपट्टी में बोरवेल निर्माण कार्य के दौरान बिजली गिरने से ओडिशा के 25 वर्षीय मज़दूर सोनूराम कोंड की मौत हो गई। इसी तरह, तेनकासी जिले के कदयानाल्लूर के पास कृष्णापुरम में एक निर्माण स्थल पर काम कर रहे राजमिस्त्री कासिराजन की हल्की बारिश के दौरान बिजली की चपेट में आने से मृत्यु हो गई।

बाढ़, जलभराव और बचाव अभियान

पेराम्बालुर जिले में पचामलाई पहाड़ियों पर हुई भारी बारिश के चलते अदाक्कम्पट्टी गांव के पास खेतों और नालों में अचानक बाढ़ आ गई। पानी का स्तर बढ़ने से वापसी का रास्ता बंद हो जाने पर पहाड़ियों की ओर गए कई लोग फंस गए, जिन्हें स्थानीय निवासियों ने रस्सियों की मदद से सुरक्षित निकाला। विरुधुनगर की सड़कों पर जलभराव हो गया और बारिश का पानी कई दुकानों में घुस जाने से निवासियों और व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

मदुरै जिले के शोलावंदन के पास एक बड़ा पेड़ जड़ से उखड़कर बिजली के खंभे पर गिर गया, जिससे सुरक्षा कारणों से बिजली आपूर्ति तत्काल बंद कर दी गई। पेड़ हटाने में हुई देरी के चलते दो घंटे से अधिक समय तक बिजली गुल रही।

राहत के भी संकेत, तापमान पर चेतावनी

थेनी जिले के कई हिस्सों में मध्यम वर्षा से किसानों और स्थानीय लोगों को राहत मिली। कोडाइकनाल और उसके आसपास के इलाकों में तीन घंटे से अधिक समय तक मध्यम बारिश के बाद मौसम में ठंडक आई। रामनाथपुरम जिले के परमाकुडी में दोपहर के समय करीब एक घंटे तक व्यापक वर्षा होने से उमस भरे मौसम से राहत मिली। हालांकि, मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तमिलनाडु के आंतरिक इलाकों में कुछ स्थानों पर अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस तक अधिक बना रह सकता है।

आगे क्या

निम्न दबाव क्षेत्र के सक्रिय रहने तक तमिलनाडु के उत्तरी और पश्चिमी जिलों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। प्रशासन को सतर्क रहने और नागरिकों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है, विशेष रूप से नीलगिरी और पहाड़ी इलाकों में जहाँ भूस्खलन का जोखिम भी रहता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ बिजली के खतरे से सुरक्षा के उपाय प्रायः अपर्याप्त रहते हैं। निम्न दबाव प्रणाली का यह असर केवल बारिश का आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह अनौपचारिक मज़दूरों की कमज़ोरी को भी उजागर करता है जिनके पास मौसम-आधारित कार्य-विराम का कोई संस्थागत ढाँचा नहीं है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को चाहिए कि वह बिजली-गिरने के हॉटस्पॉट जिलों में रियल-टाइम अलर्ट तंत्र को और मज़बूत करे।
RashtraPress
15 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु के किन जिलों में 15 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट है?
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार नीलगिरी, कोयंबटूर, इरोड, सलेम, कृष्णागिरी, धर्मपुरी, वेल्लोर, तिरुपत्तूर और रानीपेट — इन नौ जिलों में 15 सितंबर 2026 को भारी बारिश का पूर्वानुमान है। नीलगिरी और कोयंबटूर में 20 सितंबर तक तेज हवाओं के साथ यह स्थिति बने रहने की संभावना है।
तमिलनाडु में भारी बारिश का क्या कारण है?
दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक से दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक फैले एक निम्न दबाव क्षेत्र के कारण तमिलनाडु में मौसम प्रभावित है। यह प्रणाली राज्य के उत्तरी, पश्चिमी और डेल्टा जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश करा रही है।
तमिलनाडु में बारिश से कितने लोगों की मौत हुई और कहाँ?
बिजली गिरने की दो अलग-अलग घटनाओं में दो मज़दूरों की मौत हुई — एक डिंडीगुल जिले के सिलवरपट्टी में और दूसरा तेनकासी जिले के कृष्णापुरम में। दोनों निर्माण कार्य के दौरान बिजली की चपेट में आए।
चेन्नई में 15 सितंबर को बारिश का क्या अनुमान है?
मौसम विभाग के अनुसार चेन्नई में 15 सितंबर की शाम या रात के दौरान मध्यम बारिश होने की संभावना है। यह भारी बारिश की श्रेणी में नहीं है, लेकिन निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
तमिलनाडु में बाढ़ प्रभावित इलाकों में क्या स्थिति है?
पेराम्बालुर जिले में पचामलाई पहाड़ियों पर अचानक आई बाढ़ में फंसे लोगों को स्थानीय निवासियों ने रस्सियों की मदद से बचाया। विरुधुनगर में सड़कों पर जलभराव और दुकानों में पानी घुसने से व्यापारी प्रभावित हुए, जबकि मदुरै के शोलावंदन में पेड़ गिरने से दो घंटे से अधिक बिजली गुल रही।
राष्ट्र प्रेस
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