नाना पाटेकर की मौत: फाइनल पोस्टमॉर्टम में 'मैसिव हार्ट अटैक' की पुष्टि, अननैचुरल डेथ केस होगा बंद
सारांश
मुख्य बातें
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर की मौत के मामले में 11 अक्टूबर 2026 को बड़ा खुलासा हुआ, जब गोवा मेडिकल कॉलेज (GMC), बाम्बोलिम की फाइनल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उनकी मृत्यु का कारण मैसिव हार्ट अटैक बताया गया। गोवा पुलिस ने पुष्टि की है कि रिपोर्ट मौत को पूरी तरह प्राकृतिक करार देती है, जिससे इस मामले में दर्ज अननैचुरल डेथ का केस बंद किए जाने का रास्ता साफ हो गया है।
पोस्टमॉर्टम में क्या सामने आया
गोवा मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की टीम द्वारा तैयार की गई फाइनल रिपोर्ट के अनुसार, नाना पाटेकर कोरोनरी आर्टरी डिज़ीज़ (CAD) से पीड़ित थे। इस बीमारी में हृदय की धमनी में रक्त का थक्का जम जाता है, जिससे रक्त-आपूर्ति बाधित हो जाती है और गंभीर हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। रिपोर्ट में मृत्यु को स्पष्ट रूप से प्राकृतिक कारणों से हुई बताया गया है।
गोवा पुलिस के अनुसार, इस रिपोर्ट की जानकारी परिवार को दे दी गई है और परिवार की ओर से अब तक कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई गई है। ऐसे में जाँच एजेंसियाँ अब औपचारिक रूप से केस बंद करने की प्रक्रिया शुरू करेंगी।
मौत की रात का घटनाक्रम
पुलिस जाँच के मुताबिक, 8 अक्टूबर की रात करीब 2:30 बजे नाना पाटेकर ने अपने करीबी मित्र अमेय नाईक को संदेश भेजकर बताया कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है। अमेय नाईक ने सुबह करीब 3:30 बजे वह संदेश देखा और तत्काल डोना पाउला स्थित नाना के घर पहुँचे, जहाँ वे सोफे पर बेसुध हालत में मिले।
इसके बाद नाना को एंबुलेंस से मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों की टीम ने करीब 45 मिनट तक उन्हें बचाने के प्रयास किए। सुबह 5:20 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। नाना पाटेकर उस समय 75 वर्ष के थे।
पुलिस जाँच और परिवार का रुख
निधन की सूचना मिलने के बाद पणजी पुलिस ने मामला दर्ज किया और परिवार के सदस्यों के बयान लिए। परिवार की ओर से किसी भी प्रकार की संदिग्ध परिस्थिति या गड़बड़ी का शक नहीं जताया गया था। फाइनल रिपोर्ट आने के बाद अब पुलिस के लिए अननैचुरल डेथ केस बंद करना एक औपचारिकता मात्र रह गई है।
अंतिम संस्कार और अंतिम विदाई
पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नाना पाटेकर का पार्थिव शरीर पुणे के डोंजे गाँव स्थित फार्महाउस ले जाया गया। वहाँ राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके पुत्र मल्हार पाटेकर ने उन्हें मुखाग्नि दी।
आगे की प्रक्रिया
पुलिस सूत्रों के अनुसार, फाइनल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और परिवार की निरापत्ति के आधार पर अब अननैचुरल डेथ का यह मामला विधिवत बंद किया जाएगा। गौरतलब है कि ऐसे मामलों में किसी भी अप्राकृतिक कारण की आशंका न होने पर पुलिस केस क्लोज़र की प्रक्रिया अपनाती है। नाना पाटेकर का निधन भारतीय सिनेमा के एक युग के अंत की तरह है — उनकी फिल्में और उनका व्यक्तित्व आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।