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नाना पाटेकर के निधन पर गोवा पुलिस ने दर्ज किया 'अननेचुरल डेथ' केस, पोस्टमार्टम के बाद परिवार को सौंपा पार्थिव शरीर

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नाना पाटेकर के निधन पर गोवा पुलिस ने दर्ज किया 'अननेचुरल डेथ' केस, पोस्टमार्टम के बाद परिवार को सौंपा पार्थिव शरीर

सारांश

बॉलीवुड अभिनेता नाना पाटेकर के गोवा स्थित आवास पर कार्डियक अरेस्ट से निधन के बाद पुलिस ने 'अननेचुरल डेथ' केस दर्ज किया है। मणिपाल अस्पताल में 45 मिनट सीपीआर के बावजूद सुबह 5.20 बजे उन्हें मृत घोषित किया गया। पोस्टमार्टम के बाद पार्थिव शरीर परिवार को सौंपा गया।

मुख्य बातें

गोवा पुलिस ने BNSS धारा 194 के तहत नाना पाटेकर के निधन का अननेचुरल डेथ केस दर्ज किया।
जाँच की जिम्मेदारी पीएसआई नितिन नाईक को सौंपी गई; परिवार और संबंधित लोगों के बयान दर्ज होंगे।
नाना पाटेकर को डोना पाउला स्थित आवास से मणिपाल अस्पताल लाया गया, जहाँ उन्हें सुबह 5.20 बजे मृत घोषित किया गया।
डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक सीपीआर दिया; अस्पताल के अनुसार वे हृदय रोग के मरीज थे और दवा ले रहे थे।
पोस्टमार्टम के बाद पार्थिव शरीर परिवार को अंतिम संस्कार के लिए सौंपा गया; अंतिम रिपोर्ट का इंतजार।

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के मामले में गोवा पुलिस ने मेडिको-लीगल अप्राकृतिक मौत (अननेचुरल डेथ) का केस दर्ज किया है। 9 अक्टूबर 2026 को पणजी के मणिपाल अस्पताल में उन्हें सुबह 5.20 बजे मृत घोषित किया गया, जहाँ उन्हें उनके डोना पाउला स्थित आवास से लाया गया था। डॉक्टरों ने उन्हें मृत अवस्था में अस्पताल पहुँचने की पुष्टि की है।

मामले की जाँच और कानूनी प्रक्रिया

यह केस भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत दर्ज किया गया है। जाँच की जिम्मेदारी पीएसआई नितिन नाईक को सौंपी गई है। जाँच के तहत पुलिस पंचनामा करेगी और गोवा मेडिकल कॉलेज (GMC) में पोस्टमार्टम रिपोर्ट हासिल करेगी। परिवार के सदस्यों और अन्य संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।

गौरतलब है कि ऐसे मामलों में अप्राकृतिक मौत का केस दर्ज करना एक सामान्य कानूनी प्रक्रिया है। अधिकारियों के अनुसार, यदि मौत प्राकृतिक कारणों से पाई जाती है तो केस बंद किया जा सकता है। हालाँकि, यदि कोई संदिग्ध परिस्थिति या साजिश सामने आती है, तो आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अस्पताल का बयान और इलाज के प्रयास

मणिपाल अस्पताल के डॉ. शेखर सालकर ने गुरुवार सुबह मीडिया को बताया, 'हमने यहाँ अपनी तरफ से पूरी कोशिश की, लेकिन उन्हें मृत अवस्था में लाया गया था और फिर हमें पुलिस केस बनाना पड़ा।' उन्होंने यह भी कहा, 'जहाँ तक हमें बताया गया है, वह हृदय रोग के मरीज थे और दवा ले रहे थे।'

डॉक्टरों ने उन्हें बचाने के लिए करीब 45 मिनट तक सीपीआर दिया, लेकिन उन्हें सुबह 5.20 बजे मृत घोषित कर दिया गया। चिकित्सकीय जानकारी के अनुसार, उनकी मौत कार्डियक अरेस्ट के कारण हुई।

पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार

पोस्टमार्टम 9 अक्टूबर को गुरुवार सुबह किया गया। इसके पश्चात् अभिनेता का पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए परिवार को सौंप दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मौत के कारणों को आधिकारिक रूप से स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगी।

नाना पाटेकर: एक संक्षिप्त परिचय

नाना पाटेकर का जन्म 1 जनवरी 1951 को हुआ था। उनका असली नाम विश्वनाथ पाटेकर था और वे एक मराठी परिवार से आते थे। उनके पिता गजानन (दिनकर) पाटेकर एक टेक्सटाइल पेंटर और व्यवसायी थे, जिनका निधन तब हुआ था जब नाना मात्र 28 वर्ष के थे। उनकी माँ निर्मला (संजनाबाई) पाटेकर एक गृहिणी थीं, जो 29 जनवरी 2019 को 99 वर्ष की आयु में निधन तक अभिनेता के साथ रहीं।

हिंदी और मराठी सिनेमा में अपने सशक्त अभिनय के लिए पहचाने जाने वाले नाना पाटेकर ने दशकों तक भारतीय फिल्म जगत में अपनी अमिट छाप छोड़ी। उनके निधन की खबर से पूरे फिल्म उद्योग में शोक की लहर है।

फिलहाल पुलिस जाँच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले की दिशा स्पष्ट होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि किसी आपराधिक संदेह का संकेत — लेकिन यह भेद मीडिया कवरेज में अक्सर धुंधला हो जाता है। अस्पताल की पुष्टि और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने से पहले सट्टकारी अटकलों से बचना ज़रूरी है। गोवा में बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त और प्रतिष्ठित हस्तियाँ निवास करती हैं, और ऐसे मामलों में पारदर्शी व त्वरित जाँच प्रक्रिया ही जनविश्वास बनाए रखती है।
RashtraPress
9 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नाना पाटेकर के निधन पर 'अननेचुरल डेथ' केस क्यों दर्ज किया गया?
जब किसी व्यक्ति की मौत अस्पताल से बाहर या अचानक होती है, तो कानूनी प्रक्रिया के तहत BNSS धारा 194 के अंतर्गत अननेचुरल डेथ केस दर्ज करना अनिवार्य होता है। यह किसी आपराधिक संदेह का संकेत नहीं, बल्कि मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि के लिए एक मानक प्रक्रिया है।
नाना पाटेकर की मौत कैसे हुई?
नाना पाटेकर का निधन गुरुवार, 9 अक्टूबर 2026 को गोवा के डोना पाउला स्थित उनके आवास पर कार्डियक अरेस्ट के बाद हुआ। उन्हें मणिपाल अस्पताल लाया गया, जहाँ 45 मिनट सीपीआर के बाद सुबह 5.20 बजे उन्हें मृत घोषित किया गया।
नाना पाटेकर के निधन की जाँच कौन कर रहा है?
गोवा पुलिस के पीएसआई नितिन नाईक इस मामले की जाँच कर रहे हैं। जाँच में पंचनामा, GMC की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिवार के सदस्यों के बयान शामिल हैं।
क्या नाना पाटेकर पहले से बीमार थे?
मणिपाल अस्पताल के डॉ. शेखर सालकर के अनुसार, 'जहाँ तक हमें बताया गया है, वह हृदय रोग के मरीज थे और दवा ले रहे थे।' हालाँकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगी।
नाना पाटेकर का पार्थिव शरीर कहाँ है और अंतिम संस्कार कब होगा?
पोस्टमार्टम के बाद 9 अक्टूबर को नाना पाटेकर का पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए परिवार को सौंप दिया गया। अंतिम संस्कार की आधिकारिक तिथि और स्थान की जानकारी परिवार की ओर से दी जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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