8 अक्टूबर 2026
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नाना पाटेकर के निधन पर शोक: डॉ. मिकी मेहता और वकील ओंकार शिरसागर ने साझा कीं यादें

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नाना पाटेकर के निधन पर शोक: डॉ. मिकी मेहता और वकील ओंकार शिरसागर ने साझा कीं यादें

सारांश

नाना पाटेकर के निधन से उनके करीबी दोस्त डॉ. मिकी मेहता और वकील ओंकार शिरसागर ने गहरा दुख जताया। मेहता ने दुबई और मुंबई में हुई यादगार मुलाकातें साझा कीं, जबकि शिरसागर ने बताया कि गाँव में हर घर में मातम है और अंतिम इच्छा के अनुसार दाह संस्कार वहीं होगा।

मुख्य बातें

दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर हेल्थ गुरु डॉ.
मिकी मेहता और वकील ओंकार शिरसागर ने 8 अक्टूबर 2026 को गहरा शोक व्यक्त किया।
मिकी मेहता ने नाना पाटेकर को कुशल विलेन, सपोर्टिंग एक्टर और ग्रेट कॉमेडियन बताया; दोनों तीन बार मिले थे।
ओंकार शिरसागर के अनुसार नाना पाटेकर गाँव में सबसे घुलमिलकर रहते थे और पड़ोसियों की समस्याएँ सुलझाते थे।
नाना पाटेकर की अंतिम इच्छा के अनुसार उनका दाह संस्कार उनके गाँव में ही होगा।
पार्थिव शरीर के शाम 4-5 बजे तक पहुँचने की संभावना; ग्रामीण स्वेच्छा से स्थान की सफाई में जुटे हैं।

दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर ने उनके करीबियों को गहरे शोक में डुबो दिया है। 8 अक्टूबर 2026 को हेल्थ गुरु डॉ. मिकी मेहता और वकील ओंकार शिरसागर ने नाना पाटेकर के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों को याद करते हुए उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। दोनों ने अलग-अलग बातचीत में उनके सरल स्वभाव और बहुआयामी प्रतिभा को श्रद्धांजलि दी।

डॉ. मिकी मेहता की यादें

डॉ. मिकी मेहता ने नाना पाटेकर को एक असाधारण कलाकार बताया। उन्होंने कहा, 'वे बहुत ही अच्छे कलाकार, कमाल के विलेन, सपोर्टिंग एक्टर और ग्रेट कॉमेडियन थे। जैसा कि हमने उन्हें फिल्म वेलकम में देखा था।'

डॉ. मेहता ने बताया कि नाना पाटेकर बचपन में उनके इलाके में रहते थे, हालांकि दोनों की दोस्ती बाद में हुई। उन्होंने कहा, 'हमारी दोस्ती तब हुई जब वे मैडम अमृता फडवीस के फाउंडेशन के एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आए थे। उस दौरान उन्हें लाने की ज़िम्मेदारी मुझे सौंपी गई थी, और उनके घर जाने पर हमारे बीच बड़ी रोचक बातचीत हुई।'

दोनों की दूसरी मुलाकात दुबई में हुई, जब फिल्म वेलकम की शूटिंग चल रही थी। डॉ. मेहता ने बताया, 'वहाँ जिम में वर्कआउट के दौरान भी हमारी अच्छी बातें हुईं। तीसरी बार हम एक इवेंट में मिले। इस तरह तीन मुलाकातों में हमारा अच्छा बॉन्ड बन गया था।'

वकील ओंकार शिरसागर ने याद किया सरल स्वभाव

वकील ओंकार शिरसागर, जो नाना पाटेकर के घर के नज़दीक लंबे समय से रह रहे हैं, ने उनके ज़मीन से जुड़े स्वभाव को याद किया। उन्होंने बताया, 'वे सभी के साथ घुल-मिलकर रहते थे। इलाके में किसी के भी घर में कोई दिक्कत आए, तो वे उसे सुलझाने की कोशिश करते थे। गणपति उत्सव उनके घर में बड़े भव्य तरीके से मनाया जाता था।'

शिरसागर ने कहा कि नाना पाटेकर मुंबई से ज़्यादा अपने गाँव में ही रहना पसंद करते थे। उनके अनुसार, 'वे इधर ही ज़्यादा रहा करते थे; मुंबई में तो बस काम करने के लिए जाया करते थे। हर घर में किसी को लग ही नहीं रहा कि वे अब नहीं रहे।'

अंतिम संस्कार की तैयारियाँ

शिरसागर ने बताया कि नाना पाटेकर की अंतिम इच्छा थी कि उनका दाह संस्कार उनके गाँव में ही हो, जो उन्होंने कई इंटरव्यू में भी व्यक्त की थी। पार्थिव शरीर के शाम 4-5 बजे तक पहुँचने की संभावना बताई जा रही थी। गाँव के लोग स्वयंस्फूर्त होकर उस स्थान की सफाई कर रहे थे ताकि बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो।

आम जनता का शोक

शिरसागर के अनुसार पूरे इलाके में मातम का माहौल है। गौरतलब है कि नाना पाटेकर न केवल एक राष्ट्रीय स्तर के अभिनेता थे, बल्कि समाजसेवा के क्षेत्र में भी उनका उल्लेखनीय योगदान रहा। उनका निधन भारतीय सिनेमा जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनके प्रशंसक और परिजन अपनी अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए बड़ी संख्या में पहुँच रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उनका ज़मीन से जुड़ाव उन्हें असाधारण बनाता था। मुख्यधारा की कवरेज जहाँ उनकी फिल्मोग्राफी पर केंद्रित है, वहीं गाँव के स्तर पर उनकी उपस्थिति और समाजसेवा का पहलू अक्सर नज़रअंदाज़ हो जाता है।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नाना पाटेकर का निधन कब हुआ?
नाना पाटेकर का निधन 8 अक्टूबर 2026 को हुआ। उनके निधन की खबर से फिल्म जगत और उनके करीबियों में गहरा शोक छा गया।
डॉ. मिकी मेहता की नाना पाटेकर से कैसे दोस्ती हुई थी?
डॉ. मिकी मेहता की नाना पाटेकर से दोस्ती मैडम अमृता फडवीस के फाउंडेशन के एक कार्यक्रम के दौरान हुई, जब उन्हें नाना पाटेकर को लाने की ज़िम्मेदारी दी गई थी। इसके बाद दुबई में फिल्म वेलकम की शूटिंग के दौरान और एक अन्य इवेंट में — कुल तीन मुलाकातों में उनके बीच अच्छा बॉन्ड बना।
नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार कहाँ होगा?
वकील ओंकार शिरसागर के अनुसार नाना पाटेकर की अंतिम इच्छा थी कि उनका दाह संस्कार उनके गाँव में हो, जो उन्होंने कई इंटरव्यू में भी कहा था। पार्थिव शरीर के शाम 4-5 बजे तक गाँव पहुँचने की संभावना बताई जा रही है।
नाना पाटेकर गाँव में कैसे रहते थे?
वकील ओंकार शिरसागर के अनुसार नाना पाटेकर मुंबई से ज़्यादा अपने गाँव में रहना पसंद करते थे और सभी पड़ोसियों के साथ घुलमिलकर रहते थे। वे इलाके में किसी की भी समस्या सुलझाने की कोशिश करते थे और गणपति उत्सव उनके घर में बड़े भव्य तरीके से मनाया जाता था।
नाना पाटेकर की किन फिल्मों का उल्लेख श्रद्धांजलि में किया गया?
डॉ. मिकी मेहता ने विशेष रूप से फिल्म 'वेलकम' का उल्लेख किया, जिसमें नाना पाटेकर ने अपनी कॉमेडी और अभिनय प्रतिभा का अनूठा प्रदर्शन किया था। उन्होंने नाना को एक बेहतरीन विलेन, सपोर्टिंग एक्टर और ग्रेट कॉमेडियन बताया।
राष्ट्र प्रेस
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