क्या एनटीआर की 30वीं पुण्यतिथि पर उनके परिवार ने श्रद्धांजलि दी?
सारांश
Key Takeaways
- एनटीआर का जन्म 28 मई 1923 को हुआ था।
- उन्होंने 1982 में तेलुगु देशम पार्टी की स्थापना की।
- उनका योगदान आज भी जीवित है।
- उन्होंने सिनेमा में नैतिक संदेश दिए।
- उनकी 30वीं पुण्यतिथि पर परिवार ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुंबई, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दक्षिण भारतीय सिनेमा के महान अभिनेता और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री नंदमुरी तारक रामा राव (एनटीआर) की 30वीं पुण्यतिथि के अवसर पर उनके परिवार के सदस्यों और प्रशंसकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
एनटीआर घाट पर उनके बेटे और मशहूर अभिनेता नंदमुरी बालकृष्ण श्रद्धांजलि देने पहुंचे। बालकृष्ण ने अपने पिता के स्मारक पर फूल अर्पित किए और उन्हें नमन किया। वहां उपस्थित लोगों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
इसके अलावा, एनटीआर के पोते नंदमुरी कल्याण राम भी घाट पर पहुंचे और उन्होंने भी अपने दादा को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कल्याण राम स्वयं तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय हैं और प्रसिद्ध अभिनेता जूनियर एनटीआर के भाई हैं। उन्होंने इस अवसर पर अपने दादा की यादों को ताजा किया और उनके जीवन की महानता को याद किया।
राजनीतिक क्षेत्र से उनके नाती नारा लोकेश भी एनटीआर घाट पहुंचे। उन्होंने अपने नाना को नमन किया और उन्हें याद करते हुए भावुक हो गए।
एन.टी. रामा राव का जीवन हमेशा बहुआयामी रहा। उनका जन्म 28 मई 1923 को आंध्र प्रदेश के छोटे से गांव निम्माकारू में हुआ था। बचपन से ही उनके अंदर अभिनय की रुचि थी। फिल्मों में उन्होंने न केवल मनोरंजन किया, बल्कि धार्मिक और सामाजिक कहानियों के माध्यम से जनता के बीच नैतिक संदेश भी पहुंचाए। उनकी ज्यादातर फिल्में हिंदू देवताओं के किरदारों पर आधारित थीं।
फिल्मों में नाम कमाने के बाद एनटीआर ने राजनीति में कदम रखा। 1982 में उन्होंने तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) की स्थापना की, और 1983 में पहली बार आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। इसके बाद उन्होंने 1985 और 1994 में भी मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। राजनीति में उनका व्यक्तित्व भी फिल्मों जैसा ही प्रभावशाली था। उन्होंने जनता के बीच जाकर उनके मुद्दों को समझा और कई सुधार किए। 18 जनवरी 1996 को 72 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली, लेकिन उनके योगदान आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं।