परिणीति चोपड़ा: अनुष्का शर्मा के इंटरव्यू मैनेज किए, 3 महीने में बनीं उनकी को-स्टार
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा का बॉलीवुड सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है — वह यशराज फिल्म्स के पब्लिक रिलेशंस और मार्केटिंग विभाग में अनुष्का शर्मा के इंटरव्यू संभालती थीं, और महज तीन महीने के भीतर फिल्म 'लेडीज वर्सेज रिकी बहल' (2011) में उनकी को-स्टार बन गईं। 22 अक्टूबर को जन्मदिन मनाने वाली परिणीति ने स्वयं इस दिलचस्प किस्से का खुलासा अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर फैन्स के सवालों के जवाब देते हुए किया था।
इंग्लैंड से भारत तक का सफर
परिणीति चोपड़ा ने 17 साल की उम्र में इंग्लैंड का रुख किया और मैनचेस्टर बिजनेस स्कूल से बिजनेस, फाइनेंस और इकोनॉमिक्स में ट्रिपल ऑनर्स की डिग्री हासिल की। उनका असली सपना ब्रिटेन में एक सफल इन्वेस्टमेंट बैंकर बनने का था।
हालाँकि, उस दौर की आर्थिक मंदी ने उनके सपनों पर ब्रेक लगा दिया और उन्हें भारत वापस लौटना पड़ा। यह लौटना किसी हार की शुरुआत नहीं, बल्कि एक अप्रत्याशित करियर की नींव साबित हुई।
यशराज में PR से एक्टिंग तक की छलाँग
भारत लौटने के बाद परिणीति अपनी बहन प्रियंका चोपड़ा के ज़रिए यशराज फिल्म्स के मार्केटिंग और पीआर विभाग से जुड़ीं। फिल्म 'बैंड बाजा बारात' के प्रमोशन के दौरान वह अनुष्का शर्मा और रणवीर सिंह जैसे कलाकारों के मीडिया इंटरव्यू और प्रमोशनल गतिविधियाँ संभालती थीं।
बताया जाता है कि इसी दौरान परिणीति को एक्टिंग की रचनात्मकता की झलक मिली। कंपनी के कहने पर उन्होंने महज मज़ाक में एक डमी ऑडिशन दिया, जिसमें उन्होंने फिल्म 'जब वी मेट' की किरदार 'गीत' के डायलॉग बोले।
आदित्य चोपड़ा का वह फैसला जिसने बदल दी किस्मत
जब वह ऑडिशन टेप निर्माता आदित्य चोपड़ा ने देखा, तो वे इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने तुरंत परिणीति को 'लेडीज वर्सेज रिकी बहल' (2011), 'इश्कजादे' (2012) और 'शुद्ध देसी रोमांस' (2013) जैसी फिल्मों के ऑफर दे दिए। पीआर का काम संभालने के ठीक तीन महीने बाद परिणीति बतौर अभिनेत्री पर्दे पर उतरीं — और उनके साथ थीं वही अनुष्का शर्मा, जिनके इंटरव्यू वह कुछ ही हफ्ते पहले मैनेज कर रही थीं।
परिणीति ने खुद सुनाया यह किस्सा
परिणीति चोपड़ा ने इंस्टाग्राम पर एक फैन के सवाल के जवाब में अनुष्का शर्मा के साथ अपनी खास बॉन्डिंग का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा, 'मैं बैंड बाजा बारात के लिए अनुष्का के इंटरव्यू हैंडल करती थी। फिर 3 महीने के अंदर लेडीज वर्सेज रिकी बहल में हम को-स्टार बन गए। कूल है ना?'
हालाँकि 'लेडीज वर्सेज रिकी बहल' बॉक्स ऑफिस पर कोई बड़ी धमाका नहीं कर पाई, लेकिन परिणीति की एक्टिंग की आलोचकों ने खूब तारीफ की और उनके करियर की नींव मज़बूत हुई।
एक अनोखा बॉलीवुड सफर
परिणीति चोपड़ा की कहानी यह भी दर्शाती है कि बॉलीवुड में सफलता हमेशा किसी तय रास्ते से नहीं आती। एक इन्वेस्टमेंट बैंकर बनने के सपने से शुरू हुई यह यात्रा आज उन्हें हिंदी सिनेमा की स्थापित अभिनेत्रियों में शामिल करती है। आने वाले समय में उनकी फिल्मों पर दर्शकों की नज़र बनी रहेगी।