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विद्या बालन को 'परिणीता' मिलने की कहानी: जब हार मान चुकी थीं, तभी आया विधु विनोद चोपड़ा का वो फोन

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विद्या बालन को 'परिणीता' मिलने की कहानी: जब हार मान चुकी थीं, तभी आया विधु विनोद चोपड़ा का वो फोन

सारांश

बार-बार के रिजेक्शन के बाद जब विद्या बालन ने उम्मीद छोड़ दी थी, तब एनरिक इग्लेसियस के कॉन्सर्ट के दौरान विधु विनोद चोपड़ा का एक फोन आया — और उन्होंने कहा, 'तुम ही मेरी परिणीता हो।' वह पल था जिसने बॉलीवुड को एक बेमिसाल अभिनेत्री दी।

मुख्य बातें

विद्या बालन ने 'परिणीता' से पहले कई ऑडिशन दिए और बार-बार रिजेक्शन झेला।
चयन की खबर एनरिक इग्लेसियस के कॉन्सर्ट के दौरान निर्माता विधु विनोद चोपड़ा के फोन कॉल से मिली।
निर्देशक प्रदीप सरकार के एक दोस्त ने विद्या तक यह संदेश पहुँचाया।
'परिणीता' शरतचंद्र चट्टोपाध्याय के 1914 के उपन्यास पर आधारित थी और 10 जून 2005 को रिलीज हुई।
फिल्म में संजय दत्त , सैफ अली खान और विद्या बालन मुख्य भूमिकाओं में थे।

बॉलीवुड अभिनेत्री विद्या बालन आज भले ही 'परिणीता', 'कहानी', 'द डर्टी पिक्चर' और 'भूलभुलैया' जैसी फिल्मों से करोड़ों दर्शकों की चहेती हों, लेकिन उनके करियर की शुरुआत बेहद कठिन रही। बार-बार के रिजेक्शन के बाद जब उन्होंने लगभग उम्मीद छोड़ दी थी, तभी एक फोन कॉल ने उनकी पूरी ज़िंदगी पलट दी। यह वह पल था जब निर्माता विधु विनोद चोपड़ा ने उन्हें बताया कि 'परिणीता' की मुख्य भूमिका उन्हीं की है।

बार-बार रिजेक्शन, फिर भी डटी रहीं

अभिनेत्री सिमी ग्रेवाल के चर्चित चैट शो 'रेन्जेव्यू विद सिमी ग्रेवाल' में विद्या बालन ने अपने करियर के शुरुआती संघर्ष को खुलकर साझा किया। उन्होंने बताया, 'उस समय मैं कई ऑडिशन दे चुकी थी और धीरे-धीरे मुझे लगने लगा था कि शायद यह फिल्म भी मेरे हाथ से निकल जाएगी। ऐसे में मैंने उम्मीद लगभग छोड़ दी थी।' यह बयान उस मानसिक थकान को उजागर करता है जो हर बार के इनकार के बाद किसी भी कलाकार को तोड़ सकती है।

कॉन्सर्ट में बंद था फोन, दोस्त के ज़रिए आई खबर

विद्या ने बताया कि जिस दिन उनकी किस्मत बदलने वाली थी, उस दिन वे मशहूर सिंगर एनरिक इग्लेसियस के कॉन्सर्ट में थीं और उन्होंने अपना मोबाइल फोन बंद कर रखा था। उनके साथ एक दोस्त था, जो निर्देशक प्रदीप सरकार के साथ भी काम करता था। उसी दोस्त के पास अचानक 'दादा' यानी प्रदीप सरकार का फोन आया।

विद्या ने कहा, 'दादा ने मेरे दोस्त से पूछा कि विद्या कहाँ है? क्या वह कॉन्सर्ट में है? उसने कहा कि हाँ, वह यहीं है। इसके बाद मैंने फोन लिया तो उन्होंने बताया कि मिस्टर चोपड़ा यानी विधु विनोद चोपड़ा आपसे बात करना चाहते हैं।'

वो शब्द जिसने ज़िंदगी बदल दी

विद्या ने स्वीकार किया कि उस वक्त उनके मन में यही आया कि शायद इस बार भी रिजेक्शन की खबर आने वाली है। लेकिन अगले ही पल विधु विनोद चोपड़ा ने जो कहा, उसने सब बदल दिया। उनके शब्द थे, 'विद्या बालन, तुम ही मेरी परिणीता हो। मैं तुम पर भरोसा करता हूँ और मुझे पूरा विश्वास है कि तुम हमेशा हमारे इस भरोसे का सम्मान करोगी।'

विद्या ने कहा, 'उस समय पूरा यकीन था कि मुझे यह बताने के लिए फोन किया गया है कि मैं फिल्म के लिए सेलेक्ट नहीं हो पाई हूँ। हालाँकि अगले ही पल जो शब्द मैंने सुने, उसने मेरी पूरी ज़िंदगी बदल दी।'

फिल्म 'परिणीता' की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि 'परिणीता' बांग्ला के मशहूर उपन्यासकार शरतचंद्र चट्टोपाध्याय के 1914 में प्रकाशित इसी नाम के उपन्यास पर आधारित थी। यह निर्देशक प्रदीप सरकार की पहली फीचर फिल्म भी थी, जिसका निर्माण विधु विनोद चोपड़ा ने किया था। फिल्म में संजय दत्त, सैफ अली खान और विद्या बालन मुख्य भूमिकाओं में थे, जबकि राइमा सेन, सब्यसाची चक्रवर्ती और दीया मिर्जा ने भी अहम किरदार निभाए।

10 जून 2005 को रिलीज हुई इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया और आलोचकों से भी खूब सराहना बटोरी। विद्या बालन के लिए यह फिल्म महज़ एक डेब्यू नहीं, बल्कि बॉलीवुड में उनकी पहचान की नींव बन गई।

संघर्ष से सफलता तक का सफर

विद्या बालन की यह कहानी उन तमाम कलाकारों के लिए प्रेरणा है जो बार-बार के रिजेक्शन के बाद हार मान लेते हैं। एक एनरिक इग्लेसियस कॉन्सर्ट में बंद पड़े फोन से शुरू हुई यह यात्रा आज बॉलीवुड की सबसे सम्मानित अभिनेत्रियों में उनकी गिनती कराती है। आने वाले समय में भी विद्या बालन की फिल्में दर्शकों को उनकी अदाकारी का नया रंग दिखाती रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह एक ऐसे उपन्यास पर आधारित थी जो नब्बे साल पहले लिखा गया था। आज जब OTT के दौर में नई प्रतिभाओं को रास्ता मिलना आसान हो गया है, तब भी 'गेटकीपर' संस्कृति उद्योग में बनी हुई है। विद्या का संघर्ष याद दिलाता है कि रिजेक्शन अंत नहीं, बल्कि कभी-कभी सही भूमिका की प्रतीक्षा होती है।
RashtraPress
5 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विद्या बालन को 'परिणीता' फिल्म कैसे मिली?
विद्या बालन को 'परिणीता' फिल्म निर्माता विधु विनोद चोपड़ा के एक फोन कॉल से मिली, जो एनरिक इग्लेसियस के कॉन्सर्ट के दौरान आया था। उस समय विद्या का फोन बंद था और निर्देशक प्रदीप सरकार के एक साझा दोस्त के ज़रिए यह संदेश उन तक पहुँचा।
विद्या बालन ने 'परिणीता' से पहले कितने ऑडिशन दिए थे?
विद्या बालन ने 'परिणीता' के लिए कई ऑडिशन दिए थे और हर बार रिजेक्शन का सामना करना पड़ा था। उन्होंने खुद बताया कि ऑडिशन के दौर में उन्होंने लगभग उम्मीद छोड़ दी थी।
'परिणीता' फिल्म किस पर आधारित है और कब रिलीज हुई?
'परिणीता' बांग्ला उपन्यासकार शरतचंद्र चट्टोपाध्याय के 1914 में प्रकाशित उपन्यास पर आधारित है। यह फिल्म 10 जून 2005 को रिलीज हुई और बॉक्स ऑफिस व आलोचकों दोनों से सराहना मिली।
'परिणीता' में कौन-कौन से कलाकार थे?
फिल्म में संजय दत्त, सैफ अली खान और विद्या बालन मुख्य भूमिकाओं में थे। राइमा सेन, सब्यसाची चक्रवर्ती और दीया मिर्जा ने भी अहम किरदार निभाए।
विद्या बालन ने यह किस्सा कहाँ साझा किया?
विद्या बालन ने यह संस्मरण अभिनेत्री सिमी ग्रेवाल के चर्चित चैट शो 'रेन्जेव्यू विद सिमी ग्रेवाल' में साझा किया, जहाँ उन्होंने अपने करियर के शुरुआती संघर्ष के बारे में खुलकर बात की।
राष्ट्र प्रेस
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