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गुलरुख का लुक गढ़ने के लिए कृतिका कामरा ने खंगाले परवीन बॉबी से रेखा तक के स्टाइल के राज

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गुलरुख का लुक गढ़ने के लिए कृतिका कामरा ने खंगाले परवीन बॉबी से रेखा तक के स्टाइल के राज

सारांश

वेब सीरीज़ 'मटका किंग' में कृतिका कामरा ने गुलरुख के किरदार के लिए परवीन बॉबी, रेखा और जीनत अमान के 1960-70 के दशक के स्टाइल को स्टडी किया। कॉस्ट्यूम डिजाइनर प्रियंका दुबे के साथ मिलकर हर लुक को ऐतिहासिक रूप से प्रामाणिक बनाया गया।

मुख्य बातें

कृतिका कामरा ने वेब सीरीज़ 'मटका किंग' में गुलरुख का किरदार निभाया है, जो 1960-70 के दशक की मुंबई पर आधारित है।
किरदार के लुक की प्रेरणा परवीन बॉबी की एक तस्वीर से मिली, जो निर्देशक नागराज ने दिखाई थी।
रेखा, जीनत अमान और शर्मिला टैगोर के स्टाइल को भी गुलरुख के लुक में शामिल किया गया।
कॉस्ट्यूम डिजाइनर प्रियंका दुबे ने कई ट्रायल के बाद हर आउटफिट को ऐतिहासिक रूप से प्रामाणिक बनाया।
टीम ने जैज़ क्लब, रेसिंग इवेंट्स और पारसी कार्यक्रमों की असली तस्वीरें और दस्तावेज़ रिसर्च के लिए उपयोग किए।
हेयरस्टाइल से लेकर जूते और एक्सेसरीज़ तक हर बारीकी को उस दौर की वास्तविकता के अनुसार चुना गया।

मुंबई, 23 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। वेब सीरीज़ 'मटका किंग' में अभिनेत्री कृतिका कामरा ने अपने किरदार गुलरुख के ज़रिए 1960 और 1970 के दशक के मुंबई के फैशन और सामाजिक माहौल को पर्दे पर इस तरह उतारा है, जो दर्शकों को सीधे उस युग में ले जाता है। इस किरदार को जीवंत करने के लिए उन्होंने परवीन बॉबी, रेखा, जीनत अमान और शर्मिला टैगोर जैसी दिग्गज अभिनेत्रियों के स्टाइल और व्यक्तित्व का गहन अध्ययन किया।

निर्देशक की एक तस्वीर से हुई शुरुआत

कृतिका कामरा ने खुलासा किया कि गुलरुख के लुक की नींव एक खास तस्वीर पर रखी गई थी। उन्होंने बताया, ''निर्देशक नागराज सर ने मुझे सबसे पहले परवीन बॉबी की एक तस्वीर दिखाई थी। उसी तस्वीर ने पूरे लुक की दिशा तय कर दी।'' इसके बाद पूरी क्रिएटिव टीम ने उस दौर की प्रमुख अभिनेत्रियों के फैशन सेंस और पर्सनैलिटी को बारीकी से परखा।

कॉस्ट्यूम डिजाइनर प्रियंका दुबे ने कृतिका के साथ कई दौर के ट्रायल किए, ताकि हर आउटफिट, हर ड्रेस और हर एक्सेसरी उस समय की वास्तविकता को सटीक रूप से प्रतिबिंबित कर सके। यह सिर्फ कपड़ों का चुनाव नहीं था, बल्कि एक पूरे युग की आत्मा को पकड़ने की कोशिश थी।

असली दस्तावेज़ों और तस्वीरों से मिली प्रेरणा

कृतिका ने बताया कि टीम ने जैज़ क्लब, रेसिंग इवेंट्स और पारसी सामाजिक कार्यक्रमों की उस दौर की असली तस्वीरें और दस्तावेज़ खंगाले। इन तस्वीरों ने यह समझने में मदद की कि 1960-70 के दशक के मुंबई में लोग किस तरह से रहते थे, क्या पहनते थे और उनका सामाजिक परिवेश कैसा था।

उन्होंने कहा, ''इन सब चीजों को मिलाकर गुलरुख का किरदार सिर्फ एक फैशनेबल लुक नहीं, बल्कि एक जीते-जागते दौर का एहसास बन गया।'' यह रिसर्च-आधारित दृष्टिकोण ही इस किरदार को साधारण से असाधारण बनाता है।

हर बारीकी में छुपा था किरदार का असली रंग

कृतिका कामरा ने ज़ोर देकर कहा कि गुलरुख को गढ़ने में सिर्फ मेकअप और कपड़े ही नहीं, बल्कि हेयरस्टाइल, जूते और एक्सेसरीज़ तक हर छोटी-बड़ी चीज़ को बेहद सोच-समझकर चुना गया। उन्होंने कहा, ''जब तक किरदार का पूरा लुक सही नहीं होता, तब तक उसकी असली भावना को पर्दे पर लाना संभव नहीं।''

इन बारीकियों की वजह से ही कृतिका को गुलरुख के आत्मविश्वास और उसकी मानसिकता को आत्मसात करने में आसानी हुई। यह बात इस बात की गवाही देती है कि भारतीय ओटीटी कंटेंट में ऐतिहासिक प्रामाणिकता को लेकर निर्माता अब कितने गंभीर हो गए हैं।

ओटीटी में बढ़ती ऐतिहासिक प्रामाणिकता की मांग

गौरतलब है कि भारतीय ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर पिछले कुछ वर्षों में ऐतिहासिक और पीरियड ड्रामा की मांग तेज़ी से बढ़ी है। दर्शक अब सिर्फ कहानी नहीं, बल्कि उस दौर की सच्चाई भी चाहते हैं। 'मटका किंग' जैसी सीरीज़ें इस बदलाव की मिसाल हैं, जहां प्रोडक्शन टीम हर पहलू पर महीनों की मेहनत करती है।

आने वाले समय में कृतिका कामरा के इस किरदार और 'मटका किंग' की पूरी कास्ट के प्रदर्शन को लेकर दर्शकों की प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि क्या यह सीरीज़ ओटीटी पर पीरियड ड्रामा की नई मानक बन सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सांस्कृतिक दस्तावेज़ीकरण का काम भी कर रहा है। यह उस बड़े बदलाव की कड़ी है जहां दर्शक ऐतिहासिक प्रामाणिकता को पुरस्कृत करते हैं और सतही ग्लैमर को नकारते हैं। विडंबना यह है कि जिन अभिनेत्रियों — परवीन बॉबी, रेखा, जीनत अमान — को उनके दौर में कई बार सिर्फ 'ग्लैमरस' करार दिया गया, आज वही उनकी विरासत नई पीढ़ी के किरदारों की रीढ़ बन रही है। यह भारतीय सिनेमा की स्त्री विरासत का देर से, लेकिन ज़रूरी सम्मान है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कृतिका कामरा ने 'मटका किंग' में गुलरुख का लुक कैसे तैयार किया?
कृतिका कामरा ने गुलरुख के लुक के लिए परवीन बॉबी, रेखा, जीनत अमान और शर्मिला टैगोर के 1960-70 के दशक के स्टाइल का अध्ययन किया। कॉस्ट्यूम डिजाइनर प्रियंका दुबे के साथ मिलकर कई ट्रायल के बाद हर आउटफिट को उस दौर की प्रामाणिकता के अनुसार तैयार किया गया।
'मटका किंग' वेब सीरीज़ किस दौर पर आधारित है?
'मटका किंग' 1960 और 1970 के दशक के मुंबई की पृष्ठभूमि पर आधारित है। इसमें उस समय के फैशन, सामाजिक माहौल और जीवनशैली को बारीकी से दिखाने की कोशिश की गई है।
कृतिका कामरा का 'मटका किंग' में कौन सा किरदार है?
कृतिका कामरा 'मटका किंग' में गुलरुख का किरदार निभा रही हैं। यह किरदार 1960-70 के दशक की मुंबई की एक महिला का है जिसे ऐतिहासिक रूप से प्रामाणिक लुक के साथ पेश किया गया है।
परवीन बॉबी का 'मटका किंग' से क्या संबंध है?
निर्देशक नागराज ने कृतिका कामरा को परवीन बॉबी की एक तस्वीर दिखाई थी, जिससे गुलरुख के लुक की प्रेरणा ली गई। परवीन बॉबी उस दौर की फैशन आइकन थीं और उनका स्टाइल किरदार की नींव बना।
'मटका किंग' के लुक की रिसर्च में क्या-क्या शामिल था?
टीम ने जैज़ क्लब, रेसिंग इवेंट्स और पारसी सामाजिक कार्यक्रमों की उस दौर की असली तस्वीरें और दस्तावेज़ खंगाले। इसके अलावा हेयरस्टाइल, जूते और एक्सेसरीज़ तक हर चीज़ को उस युग की वास्तविकता के अनुसार चुना गया।
राष्ट्र प्रेस
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