पूजा भट्ट का विंटेज ब्लैक-एंड-व्हाइट लुक वायरल, 'गैट्सबी की फ्लैपर गर्ल' बनने की ख्वाहिश जताई

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पूजा भट्ट का विंटेज ब्लैक-एंड-व्हाइट लुक वायरल, 'गैट्सबी की फ्लैपर गर्ल' बनने की ख्वाहिश जताई

सारांश

पूजा भट्ट की एक ब्लैक-एंड-व्हाइट विंटेज तस्वीर और उसके साथ लिखी 'फ्लैपर गर्ल' वाली ख्वाहिश ने सोशल मीडिया पर ध्यान खींचा। '1920 के जैज़ युग' से जुड़ी यह इच्छा उनके साहित्यिक झुकाव और अनूठे व्यक्तित्व को दर्शाती है।

मुख्य बातें

पूजा भट्ट ने 18 मई 2026 को इंस्टाग्राम पर एक विंटेज ब्लैक-एंड-व्हाइट तस्वीर साझा की।
उन्होंने लिखा कि काश वे 'द ग्रेट गैट्सबी' की दुनिया में एक 'फ्लैपर गर्ल' होतीं।
'द ग्रेट गैट्सबी' अमेरिकी लेखक एफ.
स्कॉट फिट्जगेराल्ड का 1925 में प्रकाशित विश्वप्रसिद्ध उपन्यास है।
पूजा भट्ट ने 1989 में फ़िल्म 'डैडी' से डेब्यू किया और लक्स न्यू फेस ऑफ द ईयर पुरस्कार जीता।
उन्होंने 'पाप' (2003) और 'जिस्म 2' (2012) का निर्देशन भी किया है।

अभिनेत्री पूजा भट्ट ने 18 मई 2026 को इंस्टाग्राम पर एक आकर्षक ब्लैक-एंड-व्हाइट तस्वीर साझा करते हुए एक अनोखी इच्छा जाहिर की — काश वे 'द ग्रेट गैट्सबी' की दुनिया में रहने वाली एक 'फ्लैपर गर्ल' होतीं। विंटेज अंदाज़ में खिंची इस तस्वीर ने सोशल मीडिया पर चर्चा बटोरी और उनके चाहने वालों के बीच खूब सराहना मिली।

वायरल पोस्ट और पूजा का संदेश

पूजा भट्ट ने तस्वीर के साथ लिखा, 'ओह! काश मैं गैट्सबी की दुनिया में रहने वाली एक फ्लैपर गर्ल होती।' तस्वीर में उनकी आँखों की गहराई और क्लासिक विंटेज भाव दर्शकों का ध्यान खींच रहे हैं। यह पोस्ट उनकी साहित्यिक रुचि और सिनेमाई संवेदनशीलता का भी परिचय देती है।

'द ग्रेट गैट्सबी' — एक कालजयी कृति

'द ग्रेट गैट्सबी' अमेरिकी लेखक एफ. स्कॉट फिट्जगेराल्ड द्वारा रचित एक विश्वप्रसिद्ध उपन्यास है, जो 1925 में प्रकाशित हुआ था। यह रचना 1920 के दशक के 'जैज़ युग' और 'अमेरिकी सपने' की चमक-दमक के पीछे छुपे खोखलेपन को बेनकाब करती है।

उपन्यास के केंद्र में कथावाचक निक कैरवे हैं, जो न्यूयॉर्क के पास लॉन्ग आइलैंड के वेस्ट एग में बसते हैं। उनके रहस्यमयी पड़ोसी जे गैट्सबी हर सप्ताह भव्य पार्टियाँ आयोजित करते हैं, जिनका असली मकसद अपनी पूर्व प्रेमिका डेजी बुकानन को फिर से पाना होता है। इस कहानी की लोकप्रियता इतनी रही कि इस पर कई नाटक और फ़िल्में बन चुकी हैं — जिनमें 2013 में रिलीज़ हुई हॉलीवुड फ़िल्म, जिसमें लियोनार्डो डिकैप्रियो ने मुख्य भूमिका निभाई, विशेष रूप से चर्चित रही।

पूजा भट्ट का फ़िल्मी सफ़र

पूजा भट्ट ने मात्र 17 वर्ष की आयु में अपने पिता के निर्देशन में बनी फ़िल्म 'डैडी' (1989) से बॉलीवुड में कदम रखा था। इस फ़िल्म के लिए उन्हें प्रतिष्ठित लक्स न्यू फेस ऑफ द ईयर पुरस्कार से नवाज़ा गया।

इसके बाद 'दिल है कि मानता नहीं' (1991), 'सड़क' (1991), 'सर' (1993) और 'जख्म' (1998) जैसी फ़िल्मों में उनके अभिनय ने उन्हें 1990 के दशक की हिंदी सिनेमा की एक प्रमुख अभिनेत्री के रूप में स्थापित किया। अभिनय के साथ-साथ उन्होंने निर्देशन में भी हाथ आज़माया और 'पाप' (2003) तथा 'जिस्म 2' (2012) जैसी फ़िल्मों का निर्देशन किया।

क्यों खास है यह पोस्ट

यह पोस्ट महज़ एक तस्वीर नहीं, बल्कि पूजा भट्ट की उस कलात्मक सोच की झलक है जो उन्हें बॉलीवुड की भीड़ से अलग करती है। गौरतलब है कि वे हमेशा से बोल्ड और विचारशील भूमिकाओं के लिए जानी जाती रही हैं, और यह विंटेज अभिव्यक्ति उसी व्यक्तित्व का विस्तार है। उनके प्रशंसकों ने पोस्ट पर उत्साहजनक प्रतिक्रियाएँ दी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस अभिनेत्री की साहित्यिक और सांस्कृतिक गहराई को उजागर करती है जो बॉलीवुड में हमेशा मुख्यधारा से अलग रही हैं। 'फ्लैपर गर्ल' का संदर्भ 1920 के उस युग से है जब महिलाएँ सामाजिक बंधनों को तोड़ रही थीं — और यह रूपक पूजा के अपने करियर पर भी फिट बैठता है। मनोरंजन कवरेज अक्सर ऐसी पोस्टों को महज़ ग्लैमर की नज़र से देखती है, जबकि असली कहानी एक कलाकार की बौद्धिक जिज्ञासा में है।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पूजा भट्ट ने इंस्टाग्राम पर क्या पोस्ट किया?
पूजा भट्ट ने 18 मई 2026 को एक विंटेज ब्लैक-एंड-व्हाइट तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि काश वे 'द ग्रेट गैट्सबी' की दुनिया में रहने वाली एक 'फ्लैपर गर्ल' होतीं। यह पोस्ट सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई।
'द ग्रेट गैट्सबी' क्या है और इसका क्या महत्व है?
'द ग्रेट गैट्सबी' अमेरिकी लेखक एफ. स्कॉट फिट्जगेराल्ड का 1925 में प्रकाशित उपन्यास है, जो 1920 के दशक के जैज़ युग और अमेरिकी सपने के खोखलेपन को उजागर करता है। इस पर 2013 में लियोनार्डो डिकैप्रियो अभिनीत हॉलीवुड फ़िल्म भी बन चुकी है।
पूजा भट्ट ने बॉलीवुड में डेब्यू कब और कैसे किया?
पूजा भट्ट ने मात्र 17 वर्ष की आयु में 1989 में फ़िल्म 'डैडी' से बॉलीवुड में कदम रखा, जिसका निर्देशन उनके पिता ने किया था। इस फ़िल्म के लिए उन्हें 'लक्स न्यू फेस ऑफ द ईयर' पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
पूजा भट्ट की प्रमुख फ़िल्में कौन-सी हैं?
पूजा भट्ट की प्रमुख फ़िल्मों में 'दिल है कि मानता नहीं' (1991), 'सड़क' (1991), 'सर' (1993) और 'जख्म' (1998) शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने 'पाप' (2003) और 'जिस्म 2' (2012) का निर्देशन भी किया है।
'फ्लैपर गर्ल' कौन होती हैं?
'फ्लैपर गर्ल' 1920 के दशक की उन पश्चिमी युवतियों को कहा जाता था जो तत्कालीन सामाजिक मानदंडों को तोड़ते हुए स्वतंत्र जीवनशैली अपनाती थीं। 'द ग्रेट गैट्सबी' के जैज़ युग की यह छवि पूजा भट्ट की पोस्ट के संदर्भ में चर्चा में आई है।
राष्ट्र प्रेस
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