IGI एयरपोर्ट पर संयुक्त आतंकवाद-रोधी मॉक ड्रिल, 8 सुरक्षा एजेंसियों ने परखी तैयारी
सारांश
मुख्य बातें
इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट, नई दिल्ली पर सोमवार, 18 मई को एक व्यापक संयुक्त आतंकवाद-रोधी मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया, जिसमें दिल्ली पुलिस, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) समेत आठ प्रमुख खुफिया व सुरक्षा एजेंसियों ने भाग लिया। इस अभ्यास का उद्देश्य संकट की स्थिति में एजेंसियों की समन्वय क्षमता और त्वरित प्रतिक्रिया का मूल्यांकन करना था।
मॉक ड्रिल का संचालन और निगरानी
यह अभ्यास डीआईजी (DIG), मुख्य सुरक्षा अधिकारी (CSO) और सहायक सुरक्षा महानिदेशक (ASG) की सीधी देखरेख में आयोजित किया गया। अधिकारियों के अनुसार, पूरा अभ्यास पूर्व-निर्धारित रूपरेखा के अनुरूप संपन्न हुआ और किसी भी चरण में कोताही नहीं बरती गई।
ड्रिल के समापन पर इसे सफल घोषित किया गया। अभ्यास में भाग लेने वाली सभी एजेंसियों ने अपनी-अपनी भूमिका का निर्वहन करते हुए यह सुनिश्चित किया कि आपातकालीन परिस्थितियों में यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।
किन एजेंसियों ने लिया हिस्सा
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस संयुक्त अभ्यास में दिल्ली पुलिस, CISF, NSG, बम निरोधक एवं विध्वंस दस्ता (BDDS), दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS), DILL, नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने सक्रिय रूप से भागीदारी की।
यह ऐसे समय में आया है जब देश की सुरक्षा एजेंसियाँ हवाई अड्डों पर संभावित खतरों के प्रति अपनी सतर्कता बढ़ा रही हैं। इस तरह के बहु-एजेंसी अभ्यास अंतर-विभागीय समन्वय की खामियों को उजागर करने और उन्हें दूर करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
अभ्यास का उद्देश्य और महत्व
गौरतलब है कि IGI एयरपोर्ट देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक है, जहाँ प्रतिदिन लाखों यात्री आवागमन करते हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था की नियमित जाँच अनिवार्य मानी जाती है।
इस मॉक ड्रिल के ज़रिए यह भी परखा गया कि तैनात सुरक्षाकर्मी किसी वास्तविक संकट — जैसे हाईजैकिंग, बम की धमकी या आतंकी घुसपैठ — की स्थिति में कितनी तेज़ी और दक्षता से प्रतिक्रिया दे सकते हैं। आलोचकों का कहना है कि ऐसे अभ्यास तभी सार्थक होते हैं जब उनके निष्कर्षों को वास्तविक सुधारों में बदला जाए।
नियमित समीक्षा की परंपरा
अधिकारियों के अनुसार, IGI एयरपोर्ट पर समय-समय पर इस प्रकार की मॉक ड्रिल आयोजित की जाती हैं। इनका मुख्य लक्ष्य मौजूदा सुरक्षा तंत्र की कमज़ोरियों की पहचान करना और उन्हें दूर करना है, ताकि भविष्य में किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
आगे भी इस तरह के नियमित अभ्यास जारी रहने की उम्मीद है, जो देश के प्रमुख हवाई अड्डे की सुरक्षा को और मज़बूत बनाने की दिशा में एक सतत प्रक्रिया का हिस्सा हैं।