वडोदरा एयरपोर्ट पर सीआईएसएफ द्वारा आयोजित सीबीआरएन मॉक ड्रिल
सारांश
मुख्य बातें
वडोदरा, 20 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। हवाई अड्डों की सुरक्षा को और बेहतर बनाने के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने वडोदरा एयरपोर्ट पर एक महत्वपूर्ण मॉक ड्रिल का आयोजन किया।
यह बहु-एजेंसी अभ्यास रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और न्यूक्लियर (सीबीआरएन) खतरों से निपटने की तैयारियों का परीक्षण करने के लिए किया गया था।
इस मॉक एक्सरसाइज में एक काल्पनिक रेडियोलॉजिकल आपात स्थिति का निर्माण किया गया, जिसमें कार्गो कॉम्प्लेक्स में रेडियोएक्टिव पदार्थ (यूएन-2910) के रिसाव की स्थिति को दर्शाया गया। इस स्थिति के माध्यम से यह देखा गया कि अलग-अलग एजेंसियां एक गंभीर स्थिति में किस तरह से साथ मिलकर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करती हैं।
अभ्यास का मुख्य उद्देश्य सभी संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय, तैयारी और संयुक्त प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत करना था। सीआईएसएफ के नेतृत्व में आयोजित इस मॉक ड्रिल में यह सुनिश्चित किया गया कि वास्तविक आपात स्थिति में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो और सभी एजेंसियां एकजुट होकर तेजी से कार्य कर सकें।
अभ्यास के दौरान सुरक्षा टीमों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने, क्षेत्र को सुरक्षित करने और संभावित खतरे को कम करने की प्रक्रिया को बारीकी से संपादित किया। इस दौरान यह देखा गया कि समन्वय के द्वारा कैसे बड़े खतरे को टाला जा सकता है।
मॉक ड्रिल के समापन पर एक विस्तृत समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें पूरे अभियान का विश्लेषण किया गया और सुधार के बिंदुओं पर चर्चा की गई। इससे भविष्य में और बेहतर तैयारी सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
सीआईएसएफ ने इस सफल मॉक ड्रिल की जानकारी आधिकारिक 'एक्स' पोस्ट के माध्यम से साझा की। एक्स पोस्ट में उल्लेखित किया गया, "वडोदरा हवाई अड्डे पर सीबीआरएन (रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और न्यूक्लियर) खतरे पर एक बहु-एजेंसी मॉक अभ्यास आयोजित किया गया, जिसमें कार्गो कॉम्प्लेक्स में रेडियोएक्टिव पदार्थ (यूएन-2910) के फैलने से उत्पन्न रेडियोलॉजिकल आपातकाल की स्थिति का अनुकरण किया गया।"