दिल्ली IGI हवाई अड्डे पर 'अग्नि चक्र' मॉक ड्रिल: विमान हादसे की बचाव तैयारियां परखी गईं

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दिल्ली IGI हवाई अड्डे पर 'अग्नि चक्र' मॉक ड्रिल: विमान हादसे की बचाव तैयारियां परखी गईं

सारांश

दिल्ली के IGI हवाई अड्डे पर 'अग्नि चक्र' मॉक ड्रिल ने विमान दुर्घटना परिदृश्य में बहु-एजेंसी बचाव क्षमता को परखा। मार्च से मई के बीच देशभर के हवाई अड्डों पर संयुक्त सुरक्षा अभ्यासों की यह श्रृंखला विमानन सुरक्षा तैयारियों को नई ऊँचाई दे रही है।

मुख्य बातें

इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 12 मई 2026 को ' अग्नि चक्र ' मॉक ड्रिल आयोजित की गई।
अभ्यास में सीआईएसएफ , एआरएफएफ , दिल्ली पुलिस , बीडीडीएस , चिकित्सा दल और एयरलाइंस शामिल रहीं।
6 अप्रैल को एंटी-हाइजैकिंग और 30 मार्च को काउंटर-टेरर मॉक ड्रिल भी आयोजित हो चुकी है।
अयोध्या , तिरुचिरापल्ली और भुवनेश्वर के हवाई अड्डों पर भी हाल ही में सुरक्षा अभ्यास हुए।
इन अभ्यासों का उद्देश्य अंतर-एजेंसी समन्वय, आपातकालीन प्रतिक्रिया और संकट प्रबंधन को मज़बूत करना है।

इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 12 मई 2026 को विमान दुर्घटना परिदृश्य पर आधारित मॉक ड्रिल 'अग्नि चक्र' का आयोजन किया गया, जिसमें सीआईएसएफ, एआरएफएफ, दिल्ली पुलिस, बीडीडीएस, चिकित्सा दल, एयरलाइंस और जमीनी एजेंसियों के कर्मियों ने हिस्सा लिया। इस अभ्यास का उद्देश्य वास्तविक आपात स्थिति में बहु-एजेंसी समन्वय और बचाव क्षमता का मूल्यांकन करना था।

मॉक ड्रिल में क्या हुआ

विमान दुर्घटना की सूचना मिलते ही सीआईएसएफ कर्मियों ने तत्काल दुर्घटना स्थल की घेराबंदी की और आवागमन को नियंत्रित करते हुए बचाव एवं निकासी अभियान में सक्रिय सहयोग दिया। अभ्यास के दौरान अंतर-एजेंसी संचार, आपातकालीन प्रतिक्रिया, हताहतों के प्रबंधन और संकट प्रबंधन प्रोटोकॉल का व्यापक मूल्यांकन किया गया।

इस ड्रिल से सीआईएसएफ और सहयोगी एजेंसियों की तैयारियों का जायजा लिया गया और संभावित कमज़ोरियों की पहचान की गई, ताकि वास्तविक संकट में त्वरित और समन्वित प्रतिक्रिया सुनिश्चित हो सके।

पिछले मॉक ड्रिल का क्रम

गौरतलब है कि आईजीआई हवाई अड्डे पर यह पहली बड़ी ड्रिल नहीं है। 6 अप्रैल को यहाँ हाई-इंटेंसिटी एंटी-हाइजैकिंग मॉक ड्रिल आयोजित की गई थी, जिसमें सीआईएसएफ, एनएसजी, दिल्ली पुलिस, बीसीएएस, डीजीसीए और डीआईएएल के अधिकारी शामिल हुए थे। इससे पहले 30 मार्च को ज्वाइंट काउंटर-टेरर मॉक ड्रिल का भी आयोजन हुआ था, जिसमें सीआईएसएफ, क्यूआरटी, बीडीडीएस, डॉग स्क्वाड, दिल्ली पुलिस और एनएसजी ने भाग लिया था और आतंकवादी हमले के सिमुलेशन पर फोकस किया गया था।

देशभर के हवाई अड्डों पर सतर्कता

यह ऐसे समय में आया है जब देश के अन्य प्रमुख हवाई अड्डों पर भी बहु-एजेंसी अभ्यास का सिलसिला जारी है। अयोध्या के महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बीते महीने आतंकवादी हमले के सिमुलेशन पर आधारित मल्टी-एजेंसी मॉक ड्रिल हुई, जिसमें सीआईएसएफ, यूपी एटीएस और पुलिस ने हिस्सा लिया।

तिरुचिरापल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मार्च में एंटी-हाइजैकिंग एक्सरसाइज़ आयोजित की गई, जबकि अप्रैल में भुवनेश्वर के बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी एंटी-हाईजैक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इन सभी अभ्यासों में कई एजेंसियों की संयुक्त भागीदारी रही।

आगे क्या

इस श्रृंखलाबद्ध अभ्यासों से स्पष्ट है कि विमानन सुरक्षा एजेंसियाँ आपात परिदृश्यों के लिए अपनी प्रतिक्रिया क्षमता को नियमित रूप से परखती और मज़बूत करती रहेंगी। आने वाले महीनों में देश के अन्य प्रमुख हवाई अड्डों पर भी ऐसे संयुक्त अभ्यासों के आयोजन की संभावना बनी रहती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि विमानन सुरक्षा के प्रति बढ़ती सतर्कता का संकेत है। सवाल यह है कि क्या ये ड्रिल केवल कागज़ी तैयारी हैं या वास्तविक संकट में इनका असर दिखेगा — क्योंकि अभ्यास की आवृत्ति और वास्तविक प्रतिक्रिया क्षमता के बीच की खाई अक्सर तभी उजागर होती है जब कोई असली घटना घटती है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'अग्नि चक्र' मॉक ड्रिल क्या है?
'अग्नि चक्र' इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आयोजित विमान दुर्घटना परिदृश्य-आधारित बहु-एजेंसी मॉक ड्रिल है। इसमें बचाव, निकासी, आपातकालीन प्रतिक्रिया और संकट प्रबंधन की तैयारियों का मूल्यांकन किया जाता है।
इस ड्रिल में कौन-कौन सी एजेंसियां शामिल थीं?
'अग्नि चक्र' में सीआईएसएफ, एआरएफएफ, दिल्ली पुलिस, बीडीडीएस, चिकित्सा दल, एयरलाइंस और जमीनी एजेंसियों के कर्मियों ने भाग लिया।
IGI हवाई अड्डे पर हाल में और कौन-कौन से सुरक्षा अभ्यास हुए हैं?
6 अप्रैल को हाई-इंटेंसिटी एंटी-हाइजैकिंग मॉक ड्रिल और 30 मार्च को ज्वाइंट काउंटर-टेरर मॉक ड्रिल आयोजित की गई थी। दोनों में सीआईएसएफ, एनएसजी, दिल्ली पुलिस सहित कई एजेंसियां शामिल रहीं।
देश के अन्य हवाई अड्डों पर भी क्या ऐसे अभ्यास हुए हैं?
हाँ, अयोध्या के महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, तिरुचिरापल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और भुवनेश्वर के बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी मार्च-अप्रैल में बहु-एजेंसी सुरक्षा अभ्यास आयोजित किए गए।
इन मॉक ड्रिल का उद्देश्य क्या है?
इन अभ्यासों का मुख्य उद्देश्य अंतर-एजेंसी संचार, आपातकालीन प्रतिक्रिया, हताहतों के प्रबंधन और संकट प्रबंधन प्रोटोकॉल को परखना और मज़बूत करना है, ताकि वास्तविक आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके।
राष्ट्र प्रेस