त्रिची हवाई अड्डे पर सफल एंटी-हाइजैकिंग मॉक ड्रिल, सुरक्षा का समन्वय मजबूत
सारांश
Key Takeaways
- सुरक्षा तैयारियों का परीक्षण किया गया।
- विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ा।
- आपातकालीन प्रतिक्रिया का अभ्यास किया गया।
- त्रिची हवाई अड्डा एक महत्वपूर्ण हब है।
- इस प्रकार के अभ्यास हर वर्ष होते हैं।
तिरुचिरापल्ली, 14 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली (त्रिची) अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विमान अपहरण जैसी आपात स्थिति से निपटने की सुरक्षा तैयारियों का परीक्षण करने और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए 2026 की वार्षिक एंटी-हाइजैकिंग मॉक ड्रिल सफलतापूर्वक संपन्न हुई। यह अभ्यास शुक्रवार को संपन्न हुआ, जिसमें सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों ने एक साथ भाग लिया।
इस मॉक ड्रिल का प्रमुख उद्देश्य हाइजैकिंग या किसी भी गंभीर सुरक्षा चुनौती के दौरान त्वरित और प्रभावी तरीके से कार्रवाई करने की क्षमता का मूल्यांकन करना था। इस अभ्यास का संचालन केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल ने किया, जबकि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, भारतीय वायु सेना, राज्य पुलिस, अग्निशमन सेवाएं, चिकित्सा टीमें, खुफिया ब्यूरो, आव्रजन ब्यूरो, सीमा शुल्क विभाग, विभिन्न एयरलाइंस के प्रतिनिधि और जिला प्रशासन ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
अभ्यास के दौरान एक काल्पनिक स्थिति बनाई गई, जिसमें विमान अपहरण की स्थिति को दर्शाया गया। इसमें विमान को अलग-थलग करना, यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करना, खतरे को खत्म करना और आपातकालीन प्रतिक्रिया के सभी चरणों का अभ्यास किया गया। इससे सभी एजेंसियों को एक-दूसरे के साथ तालमेल बिठाने, संचार व्यवस्था को मजबूत करने और समय पर निर्णय लेने का अवसर मिला।
इस प्रकार के मॉक अभ्यास हर वर्ष देश के सभी प्रमुख हवाई अड्डों पर आयोजित किए जाते हैं। इनका उद्देश्य वास्तविक संकट में किसी भी चूक को रोकना है। त्रिची हवाई अड्डे पर यह अभ्यास विमानन सुरक्षा को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसमें शामिल सभी एजेंसियों ने उत्कृष्ट समन्वय का प्रदर्शन किया, जिससे भविष्य में किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और संगठित कार्रवाई करना संभव होगा।
एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के नियमित अभ्यास से केवल सुरक्षा बल ही नहीं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होती है। त्रिची हवाई अड्डा दक्षिण भारत का एक महत्वपूर्ण हब है, जहाँ प्रतिदिन हजारों यात्री आते-जाते हैं। इसलिए यहाँ की सुरक्षा व्यवस्था को लगातार अपडेट और परीक्षण करना आवश्यक है।