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पूनम पांडे का बड़ा बयान: 'कट्टर हिंदू हूं, मेरे धर्म को काम से मत जोड़ो'; एकता कपूर के हिंदूफोबिया विवाद का समर्थन

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पूनम पांडे का बड़ा बयान: 'कट्टर हिंदू हूं, मेरे धर्म को काम से मत जोड़ो'; एकता कपूर के हिंदूफोबिया विवाद का समर्थन

सारांश

पूनम पांडे का बयान सिर्फ एकजुटता नहीं — यह एक पुरानी बहस को नई आवाज़ है: क्या किसी कलाकार की 'बोल्ड इमेज' उसे मंदिर जाने या धार्मिक होने से रोकती है? एकता कपूर के 'हिंदूफोबिया' अनुभव के साथ जुड़कर यह मनोरंजन जगत में पहचान और आस्था की बड़ी बहस को केंद्र में ला रहा है।

मुख्य बातें

पूनम पांडे ने 17 अक्टूबर 2026 को एकता कपूर के 'हिंदूफोबिया' बयान का समर्थन किया।
पूनम ने कहा — 'मैं कट्टर हिंदू हूं, मुझे हनुमान चालीसा आता है; मेरे धर्म को मेरे काम से मत जोड़ो।' एकता कपूर ने पहले एक पॉडकास्ट में बताया था कि तिलक और धागा पहनने पर उन्हें 'तांत्रिक' कहा जाता था।
पूनम ने सीजेपी के 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर और अगस्त क्रांति मैदान में हुए प्रदर्शनों पर चिंता जताई।
अभिनेता इमरान खान को मुंबई पुलिस ने 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस दिया; पूनम ने विदेशी नागरिकों से देश के मामलों में दख़लअंदाज़ी न करने की अपील की।

अभिनेत्री पूनम पांडे ने 17 अक्टूबर 2026 को निर्माता एकता कपूर के 'हिंदूफोबिया' वाले बयान का खुलकर समर्थन किया और कहा कि उन्हें भी मंदिर जाने पर लोगों की अजीब नज़रों का सामना करना पड़ता है। पूनम ने स्पष्ट किया कि किसी कलाकार की पेशेवर छवि और उसकी धार्मिक आस्था को एक तराज़ू पर नहीं तौला जाना चाहिए।

मंदिर जाने पर मिलती हैं अजीब नज़रें

पूनम पांडे ने बातचीत में अपना निजी अनुभव साझा करते हुए कहा, 'जब मैं मंदिर जाती हूं, तो लोग हैरानी भरी नज़रों से देखते हैं और कहते हैं कि अरे ये तो बोल्ड कपड़े पहनती हैं, ये तो ऐसी है — इसको क्या पड़ी है मंदिर जाने की।' उन्होंने इस सोच पर सवाल उठाते हुए कहा, 'मैं कट्टर हिंदू हूं, मुझे हनुमान चालीसा आता है — मेरे धर्म को मेरे काम से मत जोड़ो।'

उन्होंने एकता कपूर का बचाव करते हुए कहा कि यदि कोई अपने धर्म का पालन करता है तो इसमें किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

एकता कपूर का मूल विवाद

एकता कपूर ने एक पॉडकास्ट में बताया था कि तिलक लगाने और गले में धागा पहनने पर उन्हें 'तांत्रिक' तक कहा जाता था। उन्होंने भारतीय पौराणिक कथाओं और धार्मिक पहचान को लेकर समाज की संकुचित सोच पर चिंता जताई थी। यह ऐसे समय में आया है जब सार्वजनिक जीवन में धार्मिक पहचान और पेशेवर भूमिका के बीच की बहस तेज़ हो रही है।

सीजेपी प्रदर्शन पर पूनम की राय

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शनों पर पूनम पांडे ने कहा, 'देश में जगह-जगह हो रहे प्रदर्शनों और उनमें छात्रों व पुलिसकर्मियों के घायल होने की खबरें चिंता की बात हैं — दोनों के परिवार हैं।' उन्होंने कहा कि नफ़रत भविष्य और देश दोनों के लिए हानिकारक है।

गौरतलब है कि सीजेपी ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर SIR के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की माँग को लेकर प्रदर्शन का ऐलान किया था। मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में भी इसी मुद्दे पर प्रदर्शन हुआ, जिसके दौरान कई लोगों को हिरासत में लिया गया।

पूनम ने कहा, 'किसी भी मुद्दे पर प्रदर्शन करने से पहले लोगों को यह समझना चाहिए कि वे किस बात का विरोध कर रहे हैं और उनकी माँग क्या है।' उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफ़े की माँग पर भी टिप्पणी की — 'बिना पूरी जानकारी के कोई भी मुँह उठाकर किसी का भी इस्तीफ़ा माँग रहा है — ये मज़ाक नहीं तो फिर क्या है।'

इमरान खान को भारत छोड़ने के निर्देश पर प्रतिक्रिया

अभिनेता इमरान खान को 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का निर्देश दिए जाने पर पूनम पांडे ने कहा, 'इमरान खान शानदार अभिनेता हैं, मेरे दिल में उनके प्रति काफ़ी सम्मान है — लेकिन अगर आप अमेरिकी नागरिक हैं, तो देश की चीज़ों में दख़लअंदाज़ी न करें।' रिपोर्टों के अनुसार, 10 अक्टूबर को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में हुए प्रदर्शन में इमरान खान के शामिल होने के बाद मुंबई पुलिस ने उन्हें नोटिस जारी किया।

आगे यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि एकता कपूर और पूनम पांडे के बयानों से उठी यह बहस — कि कलाकार की धार्मिक पहचान उसके काम से अलग है — मनोरंजन जगत में व्यापक सामाजिक विमर्श को किस दिशा में ले जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि कभी-कभी उद्योग के भीतर भी दिखता है। हालाँकि, ध्यान देने योग्य है कि इन बयानों का समय — सीजेपी प्रदर्शनों और इमरान खान विवाद के बीच — इन्हें एक व्यापक राजनीतिक रंग भी दे रहा है, जिस पर सतर्क नज़र ज़रूरी है। धार्मिक पहचान की यह बहस असली और महत्वपूर्ण है, लेकिन इसे किसी एक राजनीतिक पाले के समर्थन में नहीं पढ़ा जाना चाहिए।
RashtraPress
16 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पूनम पांडे ने एकता कपूर के हिंदूफोबिया बयान पर क्या कहा?
पूनम पांडे ने एकता कपूर के बयान का समर्थन किया और कहा कि उन्हें भी मंदिर जाने पर अजीब नज़रों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे 'कट्टर हिंदू' हैं और किसी को भी उनके धर्म को उनके काम से नहीं जोड़ना चाहिए।
एकता कपूर का 'हिंदूफोबिया' वाला बयान क्या था?
एकता कपूर ने एक पॉडकास्ट में बताया था कि तिलक लगाने और गले में धागा पहनने पर लोग उन्हें अजीब नज़रों से देखते थे और कुछ लोग उन्हें 'तांत्रिक' तक कह देते थे। उन्होंने भारतीय पौराणिक पहचान को लेकर समाज की संकुचित सोच पर सवाल उठाए थे।
इमरान खान को भारत छोड़ने का नोटिस क्यों मिला?
रिपोर्टों के अनुसार, अभिनेता इमरान खान 10 अक्टूबर को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में हुए सीजेपी प्रदर्शन में शामिल हुए थे। इसके बाद मुंबई पुलिस ने उन्हें नोटिस जारी कर 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया; रिपोर्टों में उन्हें अमेरिकी नागरिक बताया गया है।
सीजेपी के प्रदर्शन किस मुद्दे पर हुए और पूनम पांडे की क्या प्रतिक्रिया रही?
सीजेपी ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर और मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान पर SIR के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की माँग को लेकर प्रदर्शन किए। पूनम पांडे ने इन प्रदर्शनों पर चिंता जताते हुए कहा कि हिंसा और नफ़रत देश के लिए अच्छी नहीं है और प्रदर्शन से पहले मुद्दे की पूरी समझ होनी चाहिए।
क्या बॉलीवुड में कलाकार की छवि और धार्मिक पहचान का टकराव नई बात है?
नहीं, यह बहस नई नहीं है। मनोरंजन उद्योग में अक्सर कलाकारों की 'बोल्ड इमेज' को उनकी धार्मिक आस्था के विपरीत माना जाता रहा है। एकता कपूर और पूनम पांडे के हालिया बयान इसी पुरानी सामाजिक धारणा को फिर से केंद्र में लाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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