एकता कपूर के 'हिंदूफोबिया' बयान पर सियासी बवाल, श्याम रजक बोले — वेदों में 'हिंदू' या 'सनातन' शब्द नहीं
सारांश
मुख्य बातें
फिल्म और टेलीविजन जगत की चर्चित निर्माता एकता कपूर द्वारा बॉलीवुड में 'हिंदूफोबिया' होने के लगाए गए आरोप ने राजनीतिक गलियारों में तीखी बहस छेड़ दी है। 16 अक्टूबर 2026 को जनता दल (यूनाइटेड) — JDU — के नेता श्याम रजक और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के नेता उदित राज समेत कई दलों ने इस बयान पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी। एकता कपूर ने यह बात हाल ही में रणवीर अल्लाहबादिया के पॉडकास्ट में दिए एक इंटरव्यू में कही थी।
श्याम रजक का वेदों का हवाला
JDU नेता श्याम रजक ने कहा कि उन्होंने चारों वेदों का अध्ययन किया है और उनके अनुसार किसी भी वेद में 'हिंदू' अथवा 'सनातन' शब्द का उल्लेख नहीं है। उन्होंने कहा, 'देखिए, ये छोटी-मोटी बाइट देने वाला विषय नहीं है, बल्कि इस पर लंबी बहस होनी चाहिए और मैं इस पर लंबी बहस करने के लिए तैयार हूं। कोई अगर मुझसे इस विषय पर बहस करना चाहता है, तो मैं पूरी तरह से तैयार हूं। वे आएं और मुझसे बहस करें।' रजक की यह टिप्पणी धार्मिक पहचान और उसके ऐतिहासिक स्रोतों को लेकर चल रही व्यापक बहस को और हवा दे सकती है।
कांग्रेस नेता उदित राज का पलटवार
कांग्रेस नेता उदित राज ने एकता कपूर के बयान को 'बेवजह की बात' करार दिया। उन्होंने तर्क दिया कि भारत के आधुनिक विकास — जिसमें टेलीविजन, कैमरा, मोबाइल, गैजेट और धारावाहिक उद्योग शामिल हैं — की नींव पश्चिमी तकनीक पर टिकी है। उन्होंने कहा, 'उनसे पूछें कि टीवी, गैजेट और धारावाहिक आखिर कहां से आए हैं, ये सब हैं तो पश्चिम की ही देन है।' उदित राज ने यह भी जोड़ा कि लोकतंत्र और संसदीय प्रणाली भी पश्चिमी प्रभाव का परिणाम है, और यदि यह प्रभाव न होता तो आज की तकनीक और उससे होने वाली कमाई दोनों संभव न होते।
भाजपा और राजद की प्रतिक्रिया
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा कि हिंदूफोबिया शुरुआत से ही रहा है और इसकी जड़ें बॉलीवुड में देखी जा सकती हैं। उन्होंने कहा, 'नवाजुद्दीन से लेकर शबाना आजमी तक तमाम एक्टर ऐसे ही रहे हैं और ताज्जुब की बात यह है कि हिंदुस्तान में रहकर ये सब लोग ऐसा करते हैं।' वहीं राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा, 'हिंदू फोबिया उन्हीं लोगों को है, जो लोग रावणवंशी हैं और राम को मारना चाहते हैं।' यादव ने जोर देकर कहा कि प्रभु श्री राम सभी के आस्था का केंद्र हैं।
एकता कपूर ने क्या कहा था
गौरतलब है कि एकता कपूर ने रणवीर अल्लाहबादिया के पॉडकास्ट में दिए एक इंटरव्यू में मनोरंजन उद्योग पर 'हिंदूफोबिया' का गंभीर आरोप लगाया था। यह बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में तेज़ी से फैला, जिसने विभिन्न दलों को प्रतिक्रिया देने पर मजबूर कर दिया। यह ऐसे समय में आया है जब बॉलीवुड और धार्मिक पहचान को लेकर बहस पहले से ही गर्म है।
आगे क्या
इस बहस के और गहराने की संभावना है, खासकर तब जब श्याम रजक ने खुलेआम किसी भी पक्ष को वेदों पर लंबी बहस के लिए आमंत्रित किया है। राजनीतिक दलों की परस्पर विरोधी प्रतिक्रियाएं यह संकेत देती हैं कि यह मुद्दा केवल मनोरंजन जगत तक सीमित न रहकर व्यापक सांस्कृतिक और राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन चुका है।