4 नवंबर 2026
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राहुल गांधी बहस की जगह जनता के बीच जाएं: जेडीयू महासचिव श्याम रजक का तीखा हमला

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राहुल गांधी बहस की जगह जनता के बीच जाएं: जेडीयू महासचिव श्याम रजक का तीखा हमला

सारांश

जेडीयू महासचिव श्याम रजक ने राहुल गांधी की खुली बहस चुनौती को 'निरर्थक' बताते हुए कहा कि NDA का एक साधारण कार्यकर्ता भी यह बहस कर सकता है। साथ ही उन्होंने CRPF के 12 महीने के शून्य कैजुअल्टी रिकॉर्ड की सराहना की और मधुबनी गोलीकांड पर प्रशासनिक सुधार की माँग रखी।

मुख्य बातें

जेडीयू महासचिव श्याम रजक ने 4 नवंबर 2026 को पटना में कई राजनीतिक मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने राहुल गांधी की प्रधानमंत्री मोदी को खुली बहस की चुनौती को खारिज करते हुए कहा कि NDA का एक साधारण कार्यकर्ता भी यह बहस बेहतर तरीके से कर सकता है।
CRPF के 47वें स्थापना दिवस पर लगातार 12 महीनों तक शून्य ऑपरेशनल कैजुअल्टी की उपलब्धि पर रजक ने बधाई दी।
मधुबनी में ASI द्वारा ग्रामीणों पर कथित तौर पर गोली चलाने की घटना पर रजक ने चिंता जताई और प्रशासनिक प्रशिक्षण की माँग की।
रजक ने कहा कि ऐसी घटनाओं से जनता का प्रशासनिक व्यवस्था पर भरोसा कमज़ोर होता है।

जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने 4 नवंबर 2026 को पटना में कई राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दों पर अपनी स्पष्ट प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती दिए जाने पर तीखा निशाना साधा और कहा कि राहुल गांधी को बहस की राजनीति छोड़कर जनसेवा पर ध्यान देना चाहिए।

राहुल गांधी की बहस चुनौती पर जेडीयू का पलटवार

श्याम रजक ने कहा कि राहुल गांधी के पास कोई काम नहीं है। उनके अनुसार, कांग्रेस नेता को जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं पर काम करना चाहिए, न कि राजनीतिक बयानबाजी में समय बर्बाद करना चाहिए। रजक ने दावा किया कि यदि राहुल गांधी वाकई बहस करना चाहते हैं, तो राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का एक साधारण कार्यकर्ता भी उनसे बराबरी के स्तर पर और बेहतर तरीके से बहस करने के लिए तैयार है।

रजक ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी देश के निर्माण और विकास में अपनी भूमिका निभाने में व्यस्त हैं और उन्हें राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता में उलझाने की कोशिश करना उचित नहीं है।

सीआरपीएफ की उपलब्धि पर बधाई

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) द्वारा लगातार 12 महीनों तक शून्य ऑपरेशनल कैजुअल्टी का रिकॉर्ड बनाए जाने पर श्याम रजक ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने CRPF को उसके 47वें स्थापना दिवस की बधाई देते हुए इसे एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।

रजक ने कहा कि CRPF ने नई तकनीक और आधुनिक रणनीतियों का उपयोग करते हुए अपने अभियानों की योजना इस प्रकार बनाई कि अपने जवानों को किसी तरह की क्षति नहीं हुई। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए CRPF के सभी जवानों और अधिकारियों को बधाई दी और देश की सुरक्षा में उनके निरंतर योगदान को सराहनीय बताया।

मधुबनी गोलीकांड पर चिंता

मधुबनी में एक सहायक उपनिरीक्षक (ASI) द्वारा ग्रामीणों पर कथित तौर पर गोली चलाने की घटना पर जेडीयू महासचिव ने गहरी चिंता जताई। उनके अनुसार, ऐसी घटनाओं से आम जनता का प्रशासनिक व्यवस्था पर से भरोसा कमज़ोर होता है।

रजक ने सरकार से माँग की कि ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सामाजिक और सांस्कृतिक प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाए, ताकि वे अपनी जिम्मेदारियों को समझें और जनता के साथ उचित व्यवहार करें।

आगे क्या

श्याम रजक के ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज़ हो रही है। बिहार की राजनीति में जेडीयू की भूमिका और NDA के भीतर उसकी स्थिति को देखते हुए, रजक के इन बयानों को केंद्र सरकार के प्रति जेडीयू के समर्थन की पुनः पुष्टि के रूप में देखा जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो गठबंधन की 'साझा जिम्मेदारी' की राजनीति को रेखांकित करती है। मधुबनी गोलीकांड पर रजक की चिंता जेडीयू के उस जनाधार को ध्यान में रखते हुए समझी जानी चाहिए जो बिहार के ग्रामीण इलाकों में है। यह एक संकेत है कि सत्तापक्ष के सहयोगी दल प्रशासनिक जवाबदेही के मुद्दे पर भी अपनी आवाज़ उठाने से नहीं चूकते।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्याम रजक ने राहुल गांधी की बहस चुनौती पर क्या कहा?
जेडीयू महासचिव श्याम रजक ने कहा कि राहुल गांधी के पास कोई काम नहीं है और उन्हें जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि NDA का एक साधारण कार्यकर्ता भी राहुल गांधी से बेहतर तरीके से बहस कर सकता है।
CRPF के 47वें स्थापना दिवस पर क्या उपलब्धि सामने आई?
CRPF ने लगातार 12 महीनों तक शून्य ऑपरेशनल कैजुअल्टी का रिकॉर्ड बनाया, जिसे श्याम रजक ने बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि नई तकनीक और आधुनिक रणनीतियों के उपयोग से यह संभव हो सका।
मधुबनी गोलीकांड क्या है और रजक ने क्या माँग रखी?
मधुबनी में एक सहायक उपनिरीक्षक (ASI) द्वारा कथित तौर पर ग्रामीणों पर गोली चलाने की घटना हुई। श्याम रजक ने इस पर चिंता जताते हुए सरकार से माँग की कि अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सामाजिक व सांस्कृतिक प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाए।
जेडीयू ने राहुल गांधी की बहस चुनौती का विरोध क्यों किया?
जेडीयू NDA गठबंधन का हिस्सा है और श्याम रजक ने तर्क दिया कि प्रधानमंत्री मोदी देश के विकास में व्यस्त हैं, इसलिए राजनीतिक बहस में उलझाना उचित नहीं है। रजक के अनुसार, राहुल गांधी को राजनीतिक बयानबाजी के बजाय जनसेवा पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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