राहुल गांधी बहस की जगह जनता के बीच जाएं: जेडीयू महासचिव श्याम रजक का तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने 4 नवंबर 2026 को पटना में कई राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दों पर अपनी स्पष्ट प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती दिए जाने पर तीखा निशाना साधा और कहा कि राहुल गांधी को बहस की राजनीति छोड़कर जनसेवा पर ध्यान देना चाहिए।
राहुल गांधी की बहस चुनौती पर जेडीयू का पलटवार
श्याम रजक ने कहा कि राहुल गांधी के पास कोई काम नहीं है। उनके अनुसार, कांग्रेस नेता को जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं पर काम करना चाहिए, न कि राजनीतिक बयानबाजी में समय बर्बाद करना चाहिए। रजक ने दावा किया कि यदि राहुल गांधी वाकई बहस करना चाहते हैं, तो राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का एक साधारण कार्यकर्ता भी उनसे बराबरी के स्तर पर और बेहतर तरीके से बहस करने के लिए तैयार है।
रजक ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी देश के निर्माण और विकास में अपनी भूमिका निभाने में व्यस्त हैं और उन्हें राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता में उलझाने की कोशिश करना उचित नहीं है।
सीआरपीएफ की उपलब्धि पर बधाई
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) द्वारा लगातार 12 महीनों तक शून्य ऑपरेशनल कैजुअल्टी का रिकॉर्ड बनाए जाने पर श्याम रजक ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने CRPF को उसके 47वें स्थापना दिवस की बधाई देते हुए इसे एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
रजक ने कहा कि CRPF ने नई तकनीक और आधुनिक रणनीतियों का उपयोग करते हुए अपने अभियानों की योजना इस प्रकार बनाई कि अपने जवानों को किसी तरह की क्षति नहीं हुई। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए CRPF के सभी जवानों और अधिकारियों को बधाई दी और देश की सुरक्षा में उनके निरंतर योगदान को सराहनीय बताया।
मधुबनी गोलीकांड पर चिंता
मधुबनी में एक सहायक उपनिरीक्षक (ASI) द्वारा ग्रामीणों पर कथित तौर पर गोली चलाने की घटना पर जेडीयू महासचिव ने गहरी चिंता जताई। उनके अनुसार, ऐसी घटनाओं से आम जनता का प्रशासनिक व्यवस्था पर से भरोसा कमज़ोर होता है।
रजक ने सरकार से माँग की कि ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सामाजिक और सांस्कृतिक प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाए, ताकि वे अपनी जिम्मेदारियों को समझें और जनता के साथ उचित व्यवहार करें।
आगे क्या
श्याम रजक के ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज़ हो रही है। बिहार की राजनीति में जेडीयू की भूमिका और NDA के भीतर उसकी स्थिति को देखते हुए, रजक के इन बयानों को केंद्र सरकार के प्रति जेडीयू के समर्थन की पुनः पुष्टि के रूप में देखा जा रहा है।