बिहार छात्र आंदोलन पर जदयू का पलटवार: श्याम रजक बोले, तेजस्वी यादव कर रहे नेतृत्व का ढकोसला
सारांश
मुख्य बातें
जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने 26 अगस्त को पटना में बिहार छात्र आंदोलन को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा समर्थन दिए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। रजक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि छात्र नेता किसी राजनीतिक दल या नेता के अधीन नहीं हैं और तेजस्वी यादव महज अपनी नेतृत्व छवि चमकाने के लिए इस आंदोलन का इस्तेमाल कर रहे हैं।
छात्र आंदोलन और राजनीतिकरण का आरोप
रजक ने कहा, 'छात्रों के आंदोलन से हमको समझ में नहीं आ रहा है, जब वार्ता के लिए बुलाया जाता है तो कुछ लोग खलल डालते हैं। इसको राजनीतिकरण करके छात्रों के भविष्य को अंधकार में करना चाहते हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि सरकार दल-विहीन छात्रों के साथ संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का समाधान निकालना चाहती है और इसके लिए कई योजनाएं भी तैयार की गई हैं। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में छात्र आंदोलन को लेकर राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है।
रजक ने छात्रों से सीधी अपील करते हुए कहा कि यदि किसी योजना में कोई कमी है तो वे संवाद का रास्ता अपनाएं। उनके अनुसार, 'संवाद नहीं करेंगे, तो समस्या का हल नहीं होगा।'
यूसीसी पर जदयू का रुख
यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर पूछे गए सवाल पर रजक ने कहा कि जदयू का रुख पहले से स्पष्ट है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्पष्ट कर दिया था कि बिहार में UCC लागू नहीं होगा। रजक ने कहा, 'यूसीसी का संसद में सब लोगों ने समर्थन किया था, लेकिन हमारे नेता नीतीश कुमार ने साफ कहा था कि बिहार में इसे लागू नहीं करेंगे।' गौरतलब है कि UCC पर जदयू की यह स्थिति एनडीए के भीतर एक अलग स्वर के रूप में देखी जाती रही है।
हिजाब फैसले और संविधान की प्रस्तावना पर टिप्पणी
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी द्वारा हिजाब पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले का विरोध किए जाने के सवाल पर रजक ने कहा कि इस तरह के निर्णय भारत के संविधान की प्रस्तावना पर सीधा खतरा हैं। उन्होंने कहा, 'प्रेम्बल में धार्मिक स्वतंत्रता, सामाजिक स्वतंत्रता, आर्थिक स्वतंत्रता, शैक्षणिक स्वतंत्रता और समतामूलक समाज की स्थापना की बात है।'
आरएसएस कार्यक्रम और अमेरिकी मेयर के विरोध पर प्रतिक्रिया
अमेरिका में एक मेयर द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यक्रम पर आपत्ति जताए जाने के सवाल पर रजक ने कहा कि भारत में सर्व धर्म समभाव की परंपरा है। उन्होंने कहा कि मोहन भागवत वहाँ गए हैं, और यदि किसी देश को लगता है कि किसी वक्तव्य से उनकी संप्रभुता को खतरा है, तो वे कानूनी रूप से उसे रोक सकते हैं। रजक ने यह भी कहा कि यदि रैली के लिए अनुमति ली गई थी, तो उसे रोकना उचित नहीं होगा।
घुसपैठ और अमित शाह के बयान पर जदयू का पक्ष
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 'देश धर्मशाला नहीं है' वाले बयान पर रजक ने कहा कि भारत भारतीय नागरिकों का है और केवल वैध वीजाधारक ही सीमित समय के लिए यहाँ रह सकते हैं। उन्होंने कहा, 'अगर घुसपैठिए यहाँ आकर भारतीय नागरिकता ले लें, तो यह सरासर गैर-संवैधानिक है।' रजक ने चेतावनी दी कि कुछ लोगों के कारण यह देश धीरे-धीरे धर्मशाला में परिवर्तित होता जा रहा है, जो देश के लिए सबसे बड़ा खतरा है। आने वाले दिनों में बिहार में छात्र आंदोलन और इन राजनीतिक बयानों का असर राज्य की सियासत पर स्पष्ट रूप से दिखने की संभावना है।