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परिसीमन विधेयक जरूरी, हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप निराधार: जदयू विधायक श्याम रजक

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परिसीमन विधेयक जरूरी, हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप निराधार: जदयू विधायक श्याम रजक

सारांश

जदयू विधायक श्याम रजक ने एक साथ कई मोर्चों पर कांग्रेस और RJD को घेरा — तेजस्वी यादव की बांकीपुर से गैरहाजिरी पर तंज, परिसीमन विधेयक का बचाव और हॉर्स ट्रेडिंग के आरोपों को सिरे से खारिज। उनका यह बयान बिहार की राजनीतिक तपिश को और बढ़ाता है।

मुख्य बातें

जदयू विधायक श्याम रजक ने 19 जुलाई को पटना में बांकीपुर उपचुनाव, परिसीमन विधेयक और सोनम वांगचुक मुद्दे पर अपना पक्ष रखा।
तेजस्वी यादव के बांकीपुर प्रचार में न आने पर रजक ने तंज कसा — कहा, उम्मीदवार रेखा गुप्ता अकेले संघर्ष कर रही हैं।
रजक ने परिसीमन विधेयक को आवश्यक बताया; कई विधानसभा क्षेत्रों में 4-5 लाख और लोकसभा क्षेत्रों में 16-17 लाख आबादी का हवाला दिया।
कांग्रेस के हॉर्स ट्रेडिंग आरोपों को 'बेबुनियाद' करार दिया; कहा — लोकतांत्रिक विरोध का साहस न होने पर निराधार आरोप लगाए जा रहे हैं।
सोनम वांगचुक को अस्पताल भर्ती कराने को सरकार की जिम्मेदारी बताया; राहुल गांधी की आलोचना पर 1974 और ऑपरेशन ब्लू स्टार का हवाला देकर पलटवार किया।
बांकीपुर में BJP उम्मीदवार नीरज सिन्हा की 30 तारीख को भारी मतों से जीत का दावा किया।

जनता दल (यूनाइटेड) के विधायक श्याम रजक ने 19 जुलाई को पटना में कई अहम राजनीतिक मुद्दों पर अपनी स्पष्ट राय रखी — जिनमें बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की प्रचार से अनुपस्थिति, परिसीमन विधेयक और कांग्रेस के हॉर्स ट्रेडिंग के आरोप शामिल रहे। उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए परिसीमन को लोकतांत्रिक आवश्यकता बताया।

तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति पर तंज

बांकीपुर उपचुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव के प्रचार में न आने के सवाल पर श्याम रजक ने कहा कि इसका जवाब पार्टी की उम्मीदवार रेखा गुप्ता ही दे सकती हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि तेजस्वी यादव ने अपनी उम्मीदवार को चुनाव मैदान में अकेला छोड़ दिया है। उनके अनुसार, 'चुनाव इस तरह नहीं लड़ा जाता — विपक्ष अपना हित साधने के बाद उम्मीदवारों को उनके हाल पर छोड़ देता है।'

बांकीपुर: एनडीए का मजबूत गढ़

श्याम रजक ने बांकीपुर विधानसभा सीट को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का परंपरागत गढ़ बताया। उन्होंने याद दिलाया कि नितिन नवीन यहाँ से विधायक, फिर मंत्री और बाद में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। उनसे पहले उनके पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा भी इस क्षेत्र का कई बार प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। रजक ने विश्वास जताया कि 30 तारीख को बांकीपुर की जनता BJP उम्मीदवार नीरज सिन्हा को भारी मतों से विजयी बनाएगी।

परिसीमन विधेयक पर रजक का पक्ष

कांग्रेस सांसद जयराम रमेश द्वारा परिसीमन विधेयक पर लगाए गए हॉर्स ट्रेडिंग के आरोपों को श्याम रजक ने 'बेबुनियाद' करार दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग किसी दल में शामिल हो रहे हैं, वे अपनी इच्छा से आ रहे हैं और इसमें किसी प्रकार की खरीद-फरोख्त नहीं है। रजक के अनुसार, 'कांग्रेस के पास इस विधेयक का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने का साहस नहीं है, इसलिए वह निराधार आरोप लगा रही है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि परिसीमन एक समयबद्ध प्रक्रिया है — आज कई विधानसभा क्षेत्रों में 4 से 5 लाख लोग रहते हैं, जबकि कई लोकसभा क्षेत्रों की आबादी 16 से 17 लाख तक पहुँच गई है। संसद से विधेयक पारित होने के बाद सत्ता पक्ष, विपक्ष और अन्य राजनीतिक दलों की एक साझा समिति परिसीमन की पूरी प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी।

दल-बदल और विलय पर संवैधानिक स्थिति

उद्धव ठाकरे गुट के सांसदों के शिंदे नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय और संसद में बागी तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसदों के लिए अलग बैठने की व्यवस्था के मुद्दे पर रजक ने कहा कि दल-बदल विरोधी कानून के तहत निर्णय लेने का अधिकार लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति के पास है। उनके अनुसार, यदि सांसद सामूहिक रूप से बहुमत के आधार पर विलय की इच्छा जताते हैं, तो लोकसभा अध्यक्ष को उसे स्वीकार करने का अधिकार है।

सोनम वांगचुक और कांग्रेस पर पलटवार

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के मुद्दे पर रजक ने कहा कि उनके साथ उनके अच्छे संबंध रहे हैं और वह उनका सम्मान करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पहले भी वांगचुक से भूख हड़ताल समाप्त कर अन्य लोकतांत्रिक तरीकों से संघर्ष जारी रखने की अपील की गई थी। जब वह नहीं माने, तो सरकार ने उनके स्वास्थ्य की रक्षा के लिए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की आलोचना पर रजक ने पलटवार करते हुए 1974 और ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौर का हवाला दिया और कहा कि 'कांग्रेस ने हिंसा के सहारे शासन किया — आज वही पार्टी अहिंसा की बात करने वालों पर हिंसा का आरोप लगा रही है।' आगे चलकर यह देखना होगा कि बांकीपुर उपचुनाव के नतीजे और परिसीमन विधेयक पर संसदीय बहस किस दिशा में जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

कांग्रेस और राहुल गांधी तीनों को घेरना। परिसीमन विधेयक का बचाव जनसंख्या के तर्क से करना तकनीकी रूप से सही है, लेकिन आलोचकों का कहना है कि इस प्रक्रिया का राजनीतिक लाभ किसे मिलेगा, यह सवाल अनुत्तरित है। तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति को मुद्दा बनाना NDA की उस रणनीति का हिस्सा है जो विपक्ष को 'गैरजिम्मेदार' दिखाने पर केंद्रित है। बांकीपुर के नतीजे बताएंगे कि यह कथा जनता में कितनी उतरी।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्याम रजक ने परिसीमन विधेयक के बारे में क्या कहा?
जदयू विधायक श्याम रजक ने परिसीमन को एक समयबद्ध लोकतांत्रिक प्रक्रिया बताया। उन्होंने कहा कि कई विधानसभा क्षेत्रों में 4 से 5 लाख और लोकसभा क्षेत्रों में 16 से 17 लाख की आबादी हो गई है, इसलिए परिसीमन आवश्यक है।
कांग्रेस के हॉर्स ट्रेडिंग आरोपों पर रजक का क्या जवाब था?
श्याम रजक ने कांग्रेस सांसद जयराम रमेश के हॉर्स ट्रेडिंग के आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि जो लोग किसी दल में शामिल हो रहे हैं, वे अपनी इच्छा से आ रहे हैं और कांग्रेस के पास लोकतांत्रिक विरोध का साहस नहीं है।
बांकीपुर उपचुनाव में तेजस्वी यादव के न आने पर रजक ने क्या कहा?
रजक ने तंज कसते हुए कहा कि तेजस्वी यादव ने अपनी उम्मीदवार रेखा गुप्ता को चुनाव मैदान में अकेला छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष अपना हित साधने के बाद उम्मीदवारों को उनके हाल पर छोड़ देता है।
सोनम वांगचुक को अस्पताल भर्ती कराने पर रजक का क्या कहना था?
रजक ने कहा कि वांगचुक से पहले भी भूख हड़ताल समाप्त कर अन्य लोकतांत्रिक तरीकों से संघर्ष जारी रखने की अपील की गई थी। जब वह नहीं माने, तो सरकार की जिम्मेदारी बनी कि उनके स्वास्थ्य की रक्षा के लिए उन्हें अस्पताल भर्ती कराया जाए।
बांकीपुर विधानसभा सीट का राजनीतिक इतिहास क्या है?
बांकीपुर को NDA का मजबूत गढ़ माना जाता है। यहाँ से नितिन नवीन विधायक, फिर मंत्री और बाद में BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। उनसे पहले उनके पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा भी कई बार इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
राष्ट्र प्रेस
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